गोरखपुर / ओबीसी जातियों पर बोले संजय निषाद, कहा- कुछ लोग कोर्ट को गुमराह कर रहे



डॉक्टर संजय निषाद। डॉक्टर संजय निषाद।
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डॉक्टर संजय निषाद।डॉक्टर संजय निषाद।

  • बोले- इस मुद्दे को लेकर राष्ट्रपति से मुलाकात की जाएगी
  • उच्च न्यायालय ने सरकार के फैसले को ठहराया है अवैध

Dainik Bhaskar

Sep 17, 2019, 05:53 PM IST

गोरखपुर. उत्तर प्रदेश सरकार के 17 पिछड़ी जातियों को एससी कैटेगरी में डालने के फैसले पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। इससे प्रदेश की भाजपा सरकार को तगड़ा लगा है। अदालत ने फौरी तौर पर माना है कि योगी सरकार का फैसला गलत है। हाईकोर्ट के फैसले पर इन पिछड़ी जातियों को एससी में शामिल करने के लिए लम्‍बी लड़ाई लड़ने वाले निषाद पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष डा. संजय निषाद का कहना है कि कुछ लोग कोर्ट को गुमराह कर रहे हैं।

 

निषाद पार्टी (निर्बल शोषित इंडिया हमारा आमदल) के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष डॉक्टर संजय निषाद ने कहा कि भारत सरकार और राष्‍ट्रपति का आर्डर है, जिसमें मंझवार की पर्यायवाची जातियां केवट और मल्‍लाह हैं। इसी तरह प्रजापति की पर्यायवाची जातियां कुम्‍हार हैं। मोची भी पिछड़ी जाति में है। इन जातियों को पिछड़ी जाति में डाला गया, वही असंवैधानिक हो गया।

 

उन्‍होंने कहा कि उपचुनाव होने वाले हैं। यही वजह कि कुछ लोग सरकार और कोर्ट को गुमराह कर रहे हैं, इसे रोका जाए। मोची पिछड़ी जाति में है, तो एससी का सर्टिफिकेट कैसे लेता है। वे मांग करते हैं कि ऊषा मेहता कमेटी की रिपोर्ट को लागू किया जाए जो जाटव और एससी कम्‍यूनिटी है, वो अपनी संख्‍या से ज्‍यादा नौकरी में हैं, उसे नौकरी से निकाल दिया जाए।

 

उपचुनाव में राजनीतिक लाभ लेने के सवाल पर उन्‍होंने कहा कि योगी और मोदी ने वही किया, जो सुप्रीम कोर्ट का आदेश था। उस आदेश को छुपाकर दूसरी कोर्ट में जाना गलत है।

 

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