गोरखपुर / फर्जी शस्त्र लाइसेंस प्रकरण में पूर्व असलहा बाबू सहित दो अभियुक्त गिरफ्तार



पुलिस के शिकंजे में आया पूर्व असलहा बाबू। पुलिस के शिकंजे में आया पूर्व असलहा बाबू।
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पुलिस के शिकंजे में आया पूर्व असलहा बाबू।पुलिस के शिकंजे में आया पूर्व असलहा बाबू।

  • एक आरोपी सपा का नेता पर पुलिस सामने लाने से कतरा रही
  • अगस्त माह में कूटरचित दस्तावेजों के सहारे फर्जी शस्त्र लाइसेंस का सामने आया था प्रकरण

Dainik Bhaskar

Sep 22, 2019, 01:22 PM IST

गोरखपुर. फर्जी शस्त्र लाइसेंस के मामले में कैंट पुलिस ने रविवार को दो और अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इनमें पूर्व असलहा बाबू विजय प्रकाश श्रीवास्तव व दूसरा मोहम्मद आजम लारी है। आजम सपा का नेता बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस अभी यह बोलने से कतरा रही है कि, आजम का किस पार्टी से संबंध है। यही वजह है कि, उसे अब तक सामने नहीं लाया गया है। लेकिन गिरफ्तारी की पुष्टि की गई है। आजम के पास से फर्जी लाइसेंस व पिस्टल बरामद हुई है। विजय प्रकाश के पास से कोई लाइसेंस या असलहा नहीं मिला है। पटल प्रभारी रहने के दौरान उसने खुद का फर्जी लाइसेंस बनाया था। मैजिस्ट्रेटियल जांच में इस बात की पुष्टि हो चुकी है। 
 

इस प्रकरण की जांच एसआईटी कर रही है। एसआईटी प्रभारी एएसपी रोहन प्रमोद वोत्रे ने बताया कि, अभी इस फर्जी शस्त्र लाइसेंस के खेल में सैकड़ों लोग सामने आएंगे। बताया कि, अब तक इस प्रकरण में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 

 

यह है मामला
जिलाधिकारी के. विजयेन्‍द्र पाण्डियन ने बताया कि सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 23 हजार बंदूकों के लाइसेंस की जांच के दौरान फर्जी शस्त्र लाइसेंस का मामला प्रकाश में आया था। जिसके बाद कैंट थाने में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक और पुलिस के आलाधिकारियों ने शहर की सभी दुकानों के रजिस्‍टर को चेक किया। दिलचस्प है कि कूटरचित दस्तावेज से के जरिए फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाने के साथ ही शस्त्र विक्रेता की साठगांठ से असलहा भी खरीद लेते थे। खासकर असलहा शौकीनों से शस्त्र दलाल लाखों लेकर फर्जी लाइसेंस दिया करते थे। 

 

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