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पढ़े-लिखे इस युवक को नहीं मिली जब जॉब, तो आक्रोश जताने लगाया चाट का ठेला

हरदोई में एक चाट का ठेला चर्चा का विषय बना हुआ है।इस ठेले पर अंग्रेजी में 'MA Bed TET 2011 बेरोजगार चाट कार्नर' लिखा है।

Danik Bhaskar | Apr 29, 2018, 04:59 PM IST
नौकरी न मिलने पर युवक ने लगाया चाट का ठेला। नौकरी न मिलने पर युवक ने लगाया चाट का ठेला।

हरदोई, यूपी। बेरोजगारी के मुद्दे पर PM नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बयान के बाद देशभर में पकौड़ों पर राजनीति शुरू हो गई थी। सोशल मीडिया पर 'नौकरियों पर चला हथोड़ा-बेचो चाय तलो पकौड़ा' जैसे स्लोगन चर्चाओं का विषय बन गए थे। बेरोजगारी से दु:खी एक युवक ने यही कुछ किया। उसने चाट का ठेला लगा लिया। इसे 'पकौड़ा पॉलिटिक्स' का अपग्रेड वर्जन कह सकते हैं। युवक ने चाट के ठेले पर अपनी डिग्रियां लिख रखी हैं। जानिए युवक की पूरी कहानी...

-हरदोई जिले के पिहानी कस्बे में तीन बंदर पार्क के पास लगा चाट का ठेला चर्चा का विषय बना हुआ है। इस ठेले पर अंग्रेजी में 'MA Bed TET 2011 बेरोजगार चाट कार्नर' लिखा गया है।
-ठेले पर नजर पड़ते ही आपको 'पकौड़ा पॉलिटिक्स' की याद तरोताजा हो जाएगी। दरअसल पिहानी कस्बे के निजामपुर मोहल्ले के रहने वाले निमिष गुप्ता को जब अच्छी-खासी डिग्रियों के बावजूद सरकारी नौकरी नहीं मिली, तो उन्होंने व्यवस्था के खिलाफ अपना आक्रोश जताने चाट का ठेला लगाना शुरू कर दिया।
-साइंस से Bsc, सोशलॉजी से MA , भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी से Bed और TET (Teacher Eligibility Test) पास करने वाले निमिष फैमिली में इकलौते बेटे हैं।
-निमिष पिछले 7 सालों से जॉब ढूंढते रहे, लेकिन कहीं सफलता नहीं मिली। इस बात से दु:खी होकर उन्होंने चाट का ठेला लगा लिया। निमिष के मामा मिठाई की दुकान चलाते हैं। लेकिन निमिष के पास इतनी पूंजी नहीं बची कि वे कोई अच्छी दुकान खोल सकें।

निमिष ने अपने ठेले पर डिग्रियां लिख रखी हैं। निमिष ने अपने ठेले पर डिग्रियां लिख रखी हैं।
अपनी डिग्रियां दिखाता निमिष। अपनी डिग्रियां दिखाता निमिष।