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रिंग में मुक्के बरसाती है ये 21 साल की लड़की, कभी कोच ने कही थी ऐसी बात

DainikBhaskar.com से नेशनल बॉक्सर गोल्ड मेडलिस्ट ने लाइफ के कुछ किस्से शेयर किए।

Dainik Bhaskar

Dec 18, 2017, 09:00 PM IST
7 से 10 दिसंबर 2017 को कोलकाता में ह 7 से 10 दिसंबर 2017 को कोलकाता में ह

​झांसी(यूपी). यहां एक लड़की ने 16 साल की उम्र में ही बॉक्सिंग को जुनून बना लिया। कड़ी प्रैक्टिस और फैमिली के सपोर्ट से आराधना ने कोलकाता में हुई ऑल इंडिया इनवाइटेट बॉक्सिंग कम्पटीशन में गोल्ड मेडल हासिल किया। बॉक्सर आराधना ने बताया, ''भाई ने ही मुझे मोटिवेट किया और बॉक्सिंग रिंग में ले गया था। एक समय ऐसा था जब कोच ने बोला था कि बॉक्सिंग तुम्हारे बस की नहीं है, घर जाओ।'' DainikBhaskar.com से आराधना ने अपनी लाइफ के कुछ किस्से शेयर किए। भाई ने पहचाना था टैलेंट...


- बांदा में जन्मी आराधना(21) ने बताया, ''मेरे परिवार में मम्मी-पापा और एक भाई-दो बहने हैं। पापा कृष्ण कुमार पटेल पुलिस में है, मम्मी उर्मिला हाउसवाइफ है।''
- ''सबसे बड़ी बहन सुमन पटेल की शादी हो चुकी है वो भी पुलिस में है और अच्छी एथलीट है। जिनसे मुझे स्पोर्ट की प्रेरणा मिली।''
- ''मेरा भाई विनय दिल्ली की एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता है। उसने मेरे हौसले को कभी डाउन नहीं होने दिया और हमेशा कुछ कर गुजर जाने के लिए मोटिवेट किया।''
- ''पूरे परिवार में मेरा भाई ही ऐसा था जिसने मेरे अंदर का यह टैलेंट पहचाना कि मैं एक बॉक्सर बन सकती हूं। दूसरे नंबर की बहन सुकन्या पटेल बैंक की तैयारी कर रही है।''

स्कूल में चीटिंग करने पर करती थी पिटाई
- मां उर्मिला पटेल बताती हैं, ''बेटी जब 11वीं क्लास में थी तभी उसने बॉक्सिंग की शुरुआत की। बचपन से ही इसे बात-बात पर गुस्सा आ जाता है। जब स्कूल में कोई लड़का चीटिंग करता था तो उसकी पिटाई कर देती थी।''
- ''हम लोग मिडिल क्लास फैमिली से हैं और लड़कियों को स्पोर्ट्स में कम जाने देते हैं। लेकिन इसकी रूचि को देखते हुए शुरू से ही परिवार ने स्पोर्ट्स के लिए इसे सपोर्ट किया।''
- ''किसी भी कम्पटीशन से जब घर आती है तो उसके शरीर पर गहरे चोट के निशान होते हैं, जिसे देखर बहुत दुख होता है। लेकिन नेशनल लेवल पर गोल्ड मेडल मिला तो बहुत खुशी हुई। अभी बेटी बीपीएड फर्स्ट इयर में है।''

बाइक चलाने का है शौक
- बॉक्सर के पिता ने बताया, ''बेटी को सबसे ज्यादा बाइक चलाने का शौक है। कभी-कभी जब प्रैक्टिस कराने के लिए कोच शादाब खान या आरिफउद्दीन नहीं आते तब वो 6 घंटे अकेले ही प्रैक्टिस करती है।''
- ''यहीं कारण है कि उसे ऑल इंडिया इंटर विश्वविद्यालय प्रतियोगिता में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से प्रतिभाग कर कांस्य पदक जीता।''
- ''7 से 10 दिसंबर 2017 को कोलकाता में हुई अखिल भारतीय आमंत्रित बॉक्सिंग कम्पटीशन में 60 भार वर्ग में गोल्ड मेडल जीता। बेटी प्रदेश की महिला सीनियर टीम में 2 साल से।''
- यूपी बॉक्सिंग संघ के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट डॉ. रोहित पांडेय ने बताया, '' आराधना पटेल महानगर की पहली महिला मुक्केबाज है, जिसने नेशनल लेवल के कम्पटीशन में यूपी को रिप्रेजेंट कर गोल्ड जीता है।''

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