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इस वजह से 45 की उम्र में भी है कुंवारी, पहले पिता फिर मां को ऐसे दी मुखाग्न‍ि

झांसी. यहां के सीपरी बाजार थाना क्षेत्र में रविवार को एक महिला की मौत पर उसकी बड़ी बेटी ने मुखाग्नि दी।

Danik Bhaskar | Dec 31, 2017, 12:51 PM IST
श्री कृष्ण मंदिर के पुजारी ने बताया, अगर लड़की कुंवारी है तो वह मुखाग्न‍ि दे सकती है। श्री कृष्ण मंदिर के पुजारी ने बताया, अगर लड़की कुंवारी है तो वह मुखाग्न‍ि दे सकती है।

झांसी. यहां के सीपरी बाजार थाना क्षेत्र में रविवार को एक महिला की मौत पर उसकी बड़ी बेटी ने मुखाग्नि दी। महिला का कोई बेटा नहीं है, इसलिए बेटी ने 45 की उम्र में भी शादी नहीं की। वह मां के साथ ही रहती थी, उनकी देखभाल करती थी।

...तो इसलिए बेटी ने दी मां की चिता को मुखाग्नि

- नेशनल हाफिज सिद्दीकी कॉलेज की टीचर पामेला रॉय(45) ने बताया, मेरे पिता अजीत कुमार रॉय केंद्रीय जल आयोग से रिटायर थे, उनका निधन बीमारी के चलते 2010 में हो गया था।
- उनके बाद घर में मम्मी और हम दो बहने रहती थीं। भाई न होने की वजह से पापा को मुखाग्नि मैंने ही दी थी। छोटी बहन की शादी हो चुकी है वह अपने पति के साथ रहती है।
- शनिवार को लंबी बीमारी के बाद मां का निधन हो गया। रविवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया, हम बहनों ने उन्हें कंधा दिया, बाद में मैंने मुखाग्नि दी।

- पामेला की छोटी बहन रोमिला डे (39) ने बताया, मां का अंतिम संस्कार पूरे विधि-विधान से किया गया। हमें कभी अपना भाई न होने की कमी नहीं खली। दीदी ने परिवार के साथ बहुत बड़ा त्याग किया। मम्मी-पापा की सेवा के लिए उन्होंने अब तक शादी नहीं की।

- श्री कृष्ण मंदिर के पुजारी पंडित गोपी दास ने बताया, दामाद को मुखाग्नि देने का अधिकार नहीं है। अगर बेटी अविवाहित हो तो वह मां-बाप की मृत्यु होने पर उनको मुखाग्नि दे सकती है।
- बड़ी बेटी विवाहित नहीं है, इसलिए उसने अपनी मां को मुखाग्नि दी, इसमें कोई दोष नहीं है।

मां बाप के लिए इस 45 साल की बेटी ने शादी नहीं की। मां बाप के लिए इस 45 साल की बेटी ने शादी नहीं की।
बेटी ने अपने पिता की चिता को भी मुखाग्न‍ि दी थी। बेटी ने अपने पिता की चिता को भी मुखाग्न‍ि दी थी।