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गब्बर-वीरप्पन को पीछे छोड़ हाईटेक बना ये डकैत, पुलिस से रहता है 2 कदम आगे

डाकू बबुली कोल अब साढ़े 5 लाख और डाकू गौरी यादव डेढ़ लाख का इनामी बन गया है।

राम नरेश यादव | Last Modified - Jan 19, 2018, 11:03 AM IST

झांसी (यूपी). कुख्यात डाकू बबुली कोल अब साढ़े पांच लाख और डाकू गौरी यादव डेढ़ लाख का इनामी बन गया है। गब्‍बर, वीरप्‍पन, ददुआ, ठोकिया, बलखडिया जैसे डकैत अब पुराने हो चले हैं। यूपी के बीहड़ में ये डकैत इतने हाईटेक हो गए हैं कि इनकी प्लानिंग पुलिस की सोच से 2 कदम आगे होती है। स्मार्टफोन रखते हैं, वाट्सएप के जरिए गैंग चलाते हैं। यही नहीं, गूगल मैप का सहारा भी लेते हैं।

ये है इनामी दस्यु बबुली कोल...

- दस्यु बबुली कोल (30) चित्रकूट के मारकुंडी इलाके के दौड़माती गांव का रहने वाला है। ये शौकिया डकैत बना गया, पहले ये 2016 में मारे गए बलखड़िया गैंग में शार्प शूटर था। बलखड़िया के खात्मे के बाद गैंग का सरदार बना गया।
- एक साल में 5 मर्डर किए, 2 माह पहले मुखबिरी के शक में मारकुंडी के डोडा गांव मे किसान को गोलियों से छलनी कर दिया था। इसकी गैंग में करीब 15 सदस्य हैं।

- बता दें, ददुआ 30 साल बीहड़ में रहा, तब जाकर 6 लाख का इनामी हो पाया था, लेकिन बबुली कोल ने ऐसा एक साल में ही कर दिखाया। चित्रकूट व सतना समेत आसपास के जिलों में एमपी और यूपी के पुलिस अधिकारियों ने जिंदा या मुर्दा पकड़ने के लिए इनाम बढ़ाया है।

दस्यु गोपा और गौरी भी हैं इतने खतरनाक
- करीब 35 साल का दस्यु गोपा चित्रकूट के हर्रा गांव का रहने वाला है। पिछले 10 साल से बीहड़ में सक्रिय गोप्पा अब तक 9 लोगों की जान ले चुका है। कुछ दिन पहले उसने पुलिस के मुखबिर राजा यादव को सरेगांव गोलियों से भून दिया था।
- बताया जाता है कि इसका नेटवर्क अब बहुत बड़ा हो चुका है। यह चित्रकूट के पाठा इलाके के घने जंगलों की भूलभुलैया में ठिकाने बदल वह लंबे समय से पुलिस को चकमा देता आ रहा है। अपने घर हर्रा में खुलेआम आता-जाता है लेकिन दहशत से कोई कुछ नहीं बोलता।
- पिछले साल एक साथ 3 मर्डर किए थे, इसपर 50 हजार का इनाम घोषित है। इसकी गैंग में एक दर्जन सदस्य हैं। इसी तरह से दस्यु गौरी यादव भी सक्रिय है। वह सवा लाख का इनामी था अब उसपर इनाम बढ़ाकर 1.5 लाख कर दिया है।
- उसकी गैंग में करीब 12 सदस्य हैं। गौरी और गोपा मिलकर काम करते हैं। डकैत बबुली कोल की गैंग से इनकी दुश्मनी चलती है।

सोशल मीडिया पर रहते हैं सक्र‍िय
- दस्यु बबुली कोल, गोपा और दस्यु गौरी गैंग के लोग सोशल मीडिया का यूज करते हैं। लोकेशन पता करने के लिए गूगल मैप का इस्तेमाल करते हैं। किसे मारना है, किसे उठाना और धमकाना है। उनके फोटोज वाट्सएप के जरिए मोबाइल पर भेज देते हैं।
- पुलिस इन्हें पकड़ने के लिए लगातार कॉम्बिंग करती है, लेकिन इन तक पहुंच नहीं पा रही। कहते हैं कि इनके मुखबिर पुलिस के मुखबिरों से भी तेज हैं। ये बीहड़ और आसपास होने वाली हर गतिविधि की सूचना डकैतों तक पहुंचाते हैं।
- पुलिस के मूवमेंट के हिसाब से डकैत ठिकाना बदलते हैं। नाम न बताने की शर्त पर एक जानकार ने बताया कि जो मुखबिर पुलिस के खास होते हैं। वही इनके भी खास होते हैं। ये मुखबिर लगातार पुलिस को गुमराह करते हैं।

- गोपा, बबुली कोल और गौरी यादव गैंग के पास एसएलआर, रायफल जैसे आधुनिक हथियार रहते हैं। तीनों गैंग के चलाने का अपना तरीका है। हर सरकारी काम जैसे सड़क या भवन निर्माण में डकैतों का 10 से 15 फीसदी कमीशन होता है। इसके साथ ही जंगल में तेंदू पत्ता, बालू खनन जैसे कामों में इनका हिस्सा रहता है।

- ये पैसे के लिए मर्डर नहीं करते हैं। ऐसा सिर्फ दिखावे के लिए करते हैं, ताकि दहशत में आकर उन्हें उनका हिस्सा मिलता रहे।

इतने मामले हैं दर्ज
- बबुली पर तो लगभग एक सैकड़ा और गौरी पर 30 हत्या, डकैती, अपहरण, फिरौती, बलात्कार, धमकी व पुलिस मुठभेड़ के मामले दर्ज हैं। इसमें यूपी पुलिस ने बबुली पर अभी तक पांच लाख और गौरी यादव पर एक लाख का इनाम घोषित कर रखा है।
- एसडीओपी आलोक शर्मा ने कहा, ''नवल धोबी दस हजार का इनामी है। लगातार क्षेत्र में वारदात करने वाले और डाकू ललित पटेल गैंग के बचे सदस्य नवल पर 40 हजार का इनाम बढ़ाने की फाइल भेजी गई है। इससे यह डाकू 50 हजार का इनामी होगा।''

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