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1927 में श्रीलंकाई पत्थरों से तैयार हुआ था ये कॉलेज, बनने में लगा था इतने साल

झांसी में राजकीय इंटर कॉलेज को बनाने के लिए श्रीलंका से पत्थर मंगाया गया था।

Danik Bhaskar | Dec 23, 2017, 09:30 AM IST
1927 में इस कॉलेज का निमार्ण हुआ था। 1927 में इस कॉलेज का निमार्ण हुआ था।

झांसी (यूपी). यहां के राजकीय इंटर कॉलेज को बुंदलेखंड में शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में पहचाना जाता था। इस कॉलेज को और अधिक सुंदर बनाने के लिए श्रीलंका से पत्थर मंगवाया गया था। इसके लिए ब्रिटिश असेम्बली में कई दिनों तक बहस चली, जिसके बाद इसके लिए बजट पास हुआ था। बनने में लगा था 10 साल का समय...

- स्पोर्ट टीचर अजय सिंह ने कहा, ''54 एकड़, 3 डिस्मल में बने इस भव्य राजकीय इंटर कॉलेज को बनाने में 10 साल का समय लगा था। यह 1921 में पूरी तरह से बनकर तैयार हो गया था।
- विद्यार्थी अधिक होने की वजह से इसे 2 पाली में चलाया जाता था। कॉलेज में क्लास रूप, पुस्तकालय, एनसीसी, एनएसएस, स्टोर, मनोरंजन हॉल समेत कुल 55 कमरे बने हैं।

दशकों तक रहा शिक्षा का प्रमुख केंद्र
- झांसी का राजकीय इंटर कॉलेज कई दशकों तक बुंदेलखण्ड में शिक्षा का प्रमुख केंद्र माना जाता रहा है। 1927 से यहां स्टूडेंट इतनी अधिक संख्या में आते थे कि उन्हें 2 पालियों में पढ़ाया जाता था।
- इसके बाद लगातार छात्रों की संख्या कम होती चली गई और 2012 में विद्यालय को एक ही पाली में करना पड़ा। वर्तमान समय में विदयालय में 974 छात्र हैं और 27 प्रवक्ता होने चाहिए, लेकिन 12 प्रवक्ता ही हैं।
- एलटी ग्रेट शिक्षकों की मानक के अनुसार 40 जगह है लेकिन 24 की ही पोस्टिंग है। मौजूदा समय में इस कॉलेज में इंटरमीडिएट तक कला, विज्ञान, वाणिज्य व व्यावसायिक शिक्षा की व्यवस्था है।

एक्स सीएम का मोह लिया था मन
- इस कॉलेज की भव्यता ने एक्स सीएम अखिलेश यादव का भी मनमोह लिया था। उन्होंने तत्काल ही अधिकारियों को इसका हेरीटेज लुक बरकरार रखते हुए नया प्रस्ताव भेजे जाने के निर्देश दिया था, साथ ही डीएम से इसकी रिपेयरिंग के लिए बजट भी मांगा था।
- कॉलेज के जीर्णोद्धार के लिए 16.33 करोड़ रुपए का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। जिसके पास होते ही विशाल ग्राउंड पर एक फीट मिट्टी की लेयर डाली गई। ताकि बारिश में जल भराव की समस्या न रहे।
- इसके अलावा पूरे परिसर में 6 फीट ऊंची बाउंड्री वॉल बनाई गई है। विद्यालय के दरवाजे-खिड़की बदले गए हैं। साथ ही छत व दीवारों का प्लास्टर भी किया गया है। प्रधानाचार्य आवास, 12 टीचर्स क्वार्टर, 2 चौकीदार क्वार्टर, इंडोर गेम्स के लिए हॉल तथा पूरे विद्यालय परिसर में लाइटिंग की व्यवस्था की गई।

पहले कॉलेज में स्टूडेंट्स की संख्या अध‍िक होने के कारण 2 पाली में पढ़ाई होती थी। पहले कॉलेज में स्टूडेंट्स की संख्या अध‍िक होने के कारण 2 पाली में पढ़ाई होती थी।
ये कॉलेज 54 एकड़ में फैला हुआ है। ये कॉलेज 54 एकड़ में फैला हुआ है।