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ऐसा बैंक जहां खोला जाता है खाता, पर नहीं मिलते पैसे फिर भी खुश होते हैं गरीब

यूपी के जालौन में है यह बैंक।

Dainik Bhaskar

Jan 09, 2018, 09:00 PM IST
जालौन में अनाज बैंक की शुरुआत की गई है। जालौन में अनाज बैंक की शुरुआत की गई है।

जालौन. लगातार तीन साल से सूखे की मार झेल रहे बुंदेलखंड में अब गरीबों का पेट भरने के लिए अनाज बैंक की शुरुआत की गई है। इसका शुभारंभ बीते साल के नवंबर में डॉ. अमिता सिंह के डायरेक्शन में हुआ था। इस बैंक का उद्देशय निराश्रित, मजदूर और गरीब, महिलाओं को हर महीने मुफ्त में अनाज उपलब्ध कराना है। यह एक बैंक की तरह काम करती है...

-डॉ. अमित गुप्ता ने बताया, गरीब निराश्रित लोगों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से बनाया गया अनाज बैंक भी एक बैंक की तरह काम करता है। जिसमें लोग अपने दस्तावेज जमा करते हैं जिसके बाद उनका एक खाता खोला जाता है और उन्हें पासबुक भी दी जाती है।
-इस पासबुक के आधार पर मजदूर और ऐसी महिलाएं जिनका कोई सहारा नहीं है इस बैंक में आकर अनाज प्राप्त करते हैं।
-इसी तर्ज पर इस बैंक में दानदाताओं के भी खाते खोले जाते हैं। जिन्हें भी पासबुक दी जाती है और वह पासबुक के माध्यम से बैंक में जाकर अनाज जमा कराते हैं।
-बैंक की खास बात यह है कि इसमें दानदाताओं से रुपये जमा नहीं कराये जाते हैं बल्कि इस बैंक में खातधारकों से सिर्फ अनाज ही जमा कराया जाता है।

लोगों का कराया जाता है सत्यापन

-अनाज बैंक में जो भी अपना खाता खुलवाने के लिये आवेदन कराता है उसका अनाज बैंक में काम करने वाला कर्मचारी घर-घर जाकर उसका सत्यापन करता है।
-सत्यापन का मुख्य उद्देश्य उस व्यक्ति की जमीनी हकीकत और घर की आर्थिक स्थिति का पता लगाना है। जब यह सब सत्यापित हो जाता है तब उसका बैंक में खाता खोला जाता है।
-जिसके बाद ही लाभार्थी को पासबुक देकर उसे बैंक की सुविधा दी जाती है। यदि लाभार्थी द्वारा किया गया आवेदन फर्जी या मानकों के अनुरूप नहीं पाया जाता तो उसका आवेदन निरस्त कर दिया जाता है।

सैकड़ों लोग को मिलने लगा इस बैंक का लाभ

-इस अनाज बैंक से अबतक सैकड़ों लोग जुड़ चुके हैं जो बकायदा अपना खाता खुलवाकर इस सुविधा का लाभ ले रहे हैं।
-अनाज बैंक में हर महीने के पहले एवं तीसरे रविवार को खाते खुलवाने वाले निराश्रित और मजदूर वर्ग की महिलाओं को 5-5 किलो अनाज का वितरण करती है।
-इस बैंक से जुड़कर लोग अनाज बैंक को दान कर रहे हैं जिससे उन गरीब और असहाय लोगों को फायदा पहुंच रहा है।

70 मजदूरों ने खुलवाये खाते

-बुंदेलखंड के उरई में संचालित इस अनाज बैंक में लगभग 70 लोगों ने आवेदन देकर अपने-अपने खाते खुलवाये हैं।
-महीने के पहले रविवार को विशाल भारत संस्थान द्वारा खोली गई अनाज बैंक ने 50 लोगों को मुफ्त में 5-5 किलो अनाज वितरित किया।
-अनाज पाकर उन गरीब, निराश्रित लोगों के चेहरों पर मुस्कान देखने को मिली है।

कोई भी भूखा न सोये यह है उद्देश्य

-डॉ अमिता सिंह ने अनाज बैंक की आगामी योजनाओं के बारे में बताते हुए कहा कि अनाज बैंक के द्वारा गरीब, असहाय, विधवा, दिव्यांग महिलाओं को अनाज का वितरण किया जा रहा है।
-इसका उद्देश्य यह है कि कोई परिवार भूखा न सोये। अभी हाल-फ़िलहाल प्रतिमाह पहले और तीसरे रविवार को अनाज का वितरण किया जा रहा है।
-यदि सबका सहयोग रहा तो आगे से प्रतिमाह प्रति रविवार अनाज का वितरण किया जायेगा।

Grain bank made in Jalaun district
Grain bank made in Jalaun district
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जालौन में अनाज बैंक की शुरुआत की गई है।जालौन में अनाज बैंक की शुरुआत की गई है।
Grain bank made in Jalaun district
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