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इस दिव्यांग को FB से मिला ऐसा आईडिया, बन गया टीम इंडिया का कैप्टन

झांंसी के बृजमोहन तिवारी ने इंटरनेशनल व्हीलचेयर बास्केटबाल प्रतियोगिता में भारतीय टीम को रजत पदक दिलाया है।

राम नरेश यादव | Last Modified - Dec 08, 2017, 10:58 AM IST

ललितपुर (यूपी). नेपाल में आयोजित इंटरनेशनल व्हीलचेयर बास्केटबाल प्रतियोगिता में भारतीय टीम को कैप्टन बृजमोहन तिवारी ने रजत पदक दिलाया। बताते है कि इनको महज 2 साल पहले फेसबुक से टीम बनाने का आइडिया आया था और दो साल में ही इस मुकाम पर पहुंच गए। उन्होंने Dainikbhaskar.comसे खास मुलाकात कर अपनी लाइफ के कुछ किस्से शेयर किए।

FB का पोस्ट देखकर मिला आइडिया...

- शहर के चांदमारी इलाके के रहने वाले बृजमोहन तिवारी एक सरकारी स्कूल में टीचर हैं। यह दोनों पैरों से दिव्यांग हैं। ब्रजमोहन ने बताया, ''मैं 2015 में फेसबुक पर कुछ चीजें सर्च कर रहा था। उसी समय मुझे व्हीलचेयर बास्केटबॉल खेल की एक पोस्ट देखने को मिली।''
- ''वहीं मुझे एक आईडिया आया क्यों ना यूपी से एक ऐसी टीम बनाई जाए जो नेशनल स्तर पर खेल सके। मैंने कुछ दिनों में ही 10 खिलाड़ियों का चुनाव किया और एक यूपी टीम बना ली।''
- ''सबसे पहले यूपी की ओर से नेशनल चैंपियन प्रतियोगिता में हिस्सा लिया जहां मेरी टीम चौथे नंबर पर रही। बीते 15 नवंबर को नेपाल में अंतरराष्ट्रीय स्तर के गेम हुआ, जिनमें 4 देशों की टीमों ने हिस्सा लिया और मुझे इंडिया की तरफ से कप्तानी करने का मौका मिला।''
- ''यह गेम काठमांडू में नेपाल स्पाइनल कार्ड खेलकूद संघ द्वारा 15-18 नवंबर तक अंतर्राष्ट्रीय व्हीलचेयर बास्केटबॉल प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। इस अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत समेत पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल व अन्य देशों की टीमों ने हिस्सा लिया था।''

- ''भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में बांग्लादेश को हराकर फाइनल में प्रवेश किया। फाइनल मैच में भारतीय टीम को नेपाल से हार का सामना करना पड़ा और रजत पदक हासिल किया।''
- ''मेरी कप्तानी में टीम ने रजत पदक जीता, जो मेरे लिए गर्व की बात है। इस जीत को मैं कभी नहीं भुला सकता हूं। मेरे साथ ही जनपद के हेमंत ग्वाला, मुकेश योगी भी टीम में शामिल थे। टीम मैनेजर अनंत तिवारी थे।''
- ''मेरी पत्नी भी मेरी तरह दिव्यांग है लेकिन उसने भी मुझे हमेशा सहयोग करती है। मेरी सारी सुख सुविधाओं का ख्याल भी वही रखती हैं।''

प्रैक्टिस के लिए नहीं है संसाधन
- बृजमोहन ने कहा, ''हमारे सामने सबसे बड़ी समस्या है सपोर्ट व्हीलचेयर का न होना। इसके लिए हमने कई बार अधिकारियों को लेटर लिखा लेकिन कोई संतुष्ट होने वाला जवाब नहीं आया।
- ''प्रैक्टिस के लिए एक इंडोर स्टेडियम होना चाहिए जो जिला स्तर पर कोई ऐसा स्टेडियम नहीं है, जिससे हम प्रैक्टिस कर सकें। हम 3 बार नेशनल खेल चुके हैं और एक बार इंटरनेशनल खेल चुके हैं फिर भी प्रशासन हमारी कोई भी मदद नहीं करता है।''

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Web Title: is divyaanga ko FB se milaa aisaa aaidiyaa, ban gaya team India ka kaiptn
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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