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बचपन में मार के डर से बोरे में छुप गए थे ये IPS, चुपके से की थी ये गलती

31 दिसंबर को सुलखान यूपी के DGP पद से रिटायर हो रहे हैं।

Danik Bhaskar | Dec 31, 2017, 10:46 AM IST
यूपी के DGP सुलखान सिंह 31 दिसंबर यूपी के DGP सुलखान सिंह 31 दिसंबर

बांदा. बुंदेलखंड के बांदा जिले के जौहरपुर गांव के रहने वाले सुलखान सिंह 31 दिसंबर को DGP पद से रिटायर हो रहे हैं। नए DGP की रेस में 1983 बैच के आईपीएस ओपी सिंह का नाम सबसे आगे चल रहा है। ऐसे में DainikBhaskar.com आपको इनकी लाइफ के कुछ इंटरेस्ट‍िंग किस्सों के बारे में बताने जा रहा है।

इस IPS को लोग कहते हैं वर्दी वाले योगी...

- बांदा जिले के रहने वाले समाज सेवी आशीष सागर ने बताया, ''बुंदेलखंड के लिए गौरव की बात है कि यूपी को एक ईमानदार छवी का DGP दिया। सुलखान सिंह की ईमानदारी के चलते लोग उन्हें 'वर्दी वाले योगी' भी कहते हैं।''

- ''ये हर तरह के अनुभव लेते रहते हैं। साल 2015 की बात है, रमजान का मौका था। उन्होंने अपने एक मुस्लिम दोस्त को फोन कर रोजा रखने की इच्छा जाहिर की और फिर दूसरे दिन रोजा रखा। साथ ही रोजा रखने का अनुभव भी लोगों से शेयर किया।''

- ''यूपी के DGP बनने के बाद जब वो पहली बार अपने गांव गए, तो उन्होंने लोगों के साथ अपनी कुछ यादें शेयर की थी।''

- उन्होंने बताया था, ''मैंने बचपन में एक एक चुपके से बीड़ी पी ली थी। ये बात किसी ने मेरे पिताजी को बता दी, मार के डर से मैं गेहूं के बोरे में छिप गया था। हालांकि, पिटाई से तो बच गया, लेकिन डांट बहुत खाई थी।''
- यही नहीं, उन्होंने अपने स्कूल का पुराना रजिस्टर भी देखा था, जिसमें सहपाठियों के नाम पर हंस कर उन्हें याद किया। साथ ही बताया कि हाईस्कूल में सिर्फ 2 नंबर से वो आनर (75%) से रह गए थे।

खाने में मूंग के लड्डू और कैथे की चटनी है इस IPS की फेवरेट

- गांव में रह रहीं सुलखान सिंह की मां करुणा देवी ने बताया, ''मेरे 4 लड़के और 6 लड़कियां हैं, जिनमें सुलखान सबसे बड़े हैं। बचपन में वो और बच्चों की तरह खेलता-कूदता नहीं था, सिर्फ रात-दिन पढ़ाई की।

- 8वीं तक की पढ़ाई गांव में ही की, इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए गांव में स्कूल न होने की वजह से बांदा चला गया। वहां से रुड़की गया, जहां इंजीनियरिंग की। उसके बाद पुलिस में भर्ती हो गया।
- सुलखान से ज्यादा होशियार हमारे गांव में कोई लड़का नहीं निकला। पूरे गांव में सबसे ज्यादा तरक्की मेरे बेटे ने की। जब बेटा DGP बनकर गांव आया, तो मैंने चूल्हे पर उसके लिए खाना बनाया था, जोकि उसे बहुत पसंद है।

- बेटे को खाने में मूंग के लड्डू बहुत पसंद हैं। जब भी वो गांव आता है, मैं उसके लिए लड्डू जरूर बनाती हूं। कैथे की चटनी उसे इतनी पसंद है कि जब भी गांव का कोई आदमी उससे मिलने जाता है, तो कैथा लेकर जाता है।

इस IPS के पास है इतनी संपत्त‍ि
- प्रधान पति ने बताया, सुलखान सिंह ने बचपन से लेकर अब तक कभी भी किसी के साथ भेदभाव नहीं किया। थाने की पुलिस हमेशा हमारे गांव के हाल-चाल लेने के लिए आती रहती है।
- हमने उनसे एक स्कूल की डिमांड की है, यहां लड़कियों के लिए एक इंटर कॉलेज बनना चाहिए।
- बता दें, जौहरपुर में सुलखान सिंह ने 40 हजार रुपए में 2.3 एकड़ का प्लॉट खरीदा था, जिसकी कीमत अभी 3 लाख रुपए है। इसके अलावा लखनऊ में एक फ्लैट है, जिसे उन्होंने किस्तों पर खरीदा था।
- गांव में उनका छोटा घर है। पास ही में एक और टूटा-फूटा पुराना घर बना है।