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इस मंदिर में दफन है शिव का अनोखा भक्त, परिक्रमा करते-करते दी थी जान

DainikBhaskar.com आपको एक ऐसे शिव भक्त के बारे में बता रहा है, जिसने परिक्रमा करते-करते दम तोड़ दिया।

Dainik Bhaskar

Feb 12, 2018, 10:38 AM IST
3 साल पहले एक कुत्ते ने शिवमंदिर की परिक्रमा शुरू कर दी। 3 साल पहले एक कुत्ते ने शिवमंदिर की परिक्रमा शुरू कर दी।

झांसी(यूपी). इस बार दो दिन भोलेनाथ की जलाभिषेक होगी। महाशिवरात्रि 13 फरवरी और बुधवार चतुर्दशी 14 फरवरी को मनाई जाएगी। DainikBhaskar.com आपको एक ऐसे शिव भक्त के बारे में बता रहा है, जिसने परिक्रमा करते-करते दम तोड़ दिया। लोगों ने उसकी भक्ति देख मंदिर में ही दफन करा दिया। परिक्रमा करते-करते निकले प्राण...

- झांसी से करीब 65 किलोमीटर दूर मऊरानीपुर कांशीराम आवास के पास प्राचीन भैरव मंदिर है। मंदिर परिसर में करीब 18 साल पहले महाकालेश्वर शिव मंदिर का निर्माण कराया गया था।
- 5 अगस्त 2015 को यहां एक कुत्ते ने शिवमंदिर की परिक्रमा शुरू कर दी। वो लगातार परिक्रमा कर रहा। खबर फैलते ही उसे देखने के लिए लोग दूर-दूर से आने लगे।

- लोगों ने उसके लिए दूध का इंतजाम किया। तीसरे दिन भी परिक्रमा के बाद चौथे दिन वो थक गया। इस पर लोगों ने उसके हाथ-पांव दबाने शुरू कर दिए।

- सेवा के बाद वो फिर से उठ खड़ा हुआ और शिवलिंग के चक्कर लगाने लगा। पांचवे दिन तक लगातार चलने के बाद कुत्ता शिवलिंग में लेट गया और उसकी मौत हो गई।


कुत्ता ही भगवान का सबसे बड़ा भक्त साबित हुआ
- मंदिर के पुजारी अटलानन्द महाराज ने बताया, ''कुत्ते की भगवान के प्रति आस्था को देखर उसे मंदिर परिसर में ही दफना दिया गया था। 2012 से ही वो कुत्ता मंदिर के आसपास ही रहता था और आरती में भी शामिल होता था।''


डॉक्टर नहीं मानते इसे कोई चमत्कार
- चिकित्सक डॉ. पीके त्रिपाठी का कहना है, ''गर्मियों में कुत्तों के दिमाग में कुछ समस्या आ जाती है। इसलिए उन पर एक ही काम करने की धुन सवार हो जाती है।''
- ''इस कुत्ते के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ होगा, इसलिए उसने परिक्रमा लगाना शुरू कर दिया। ज्यादा चलने की वजह से उसकी मौत हो गई होगी।''

लोगों ने उसके लिए दूध का इंतजाम किया। लोगों ने उसके लिए दूध का इंतजाम किया।
खबर फैलते ही उसे देखने के लिए लोग दूर-दूर से आने लगे। खबर फैलते ही उसे देखने के लिए लोग दूर-दूर से आने लगे।
चार दिन परिक्रमा करने बाद उसकी मंदिर परिसर में ही मौत हो गई। चार दिन परिक्रमा करने बाद उसकी मंदिर परिसर में ही मौत हो गई।
मंदिर के पुजारी ने बताया- कुत्ते की भगवान के प्रति आस्था को देखर उसे मंदिर परिसर में ही दफना दिया गया था। मंदिर के पुजारी ने बताया- कुत्ते की भगवान के प्रति आस्था को देखर उसे मंदिर परिसर में ही दफना दिया गया था।
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3 साल पहले एक कुत्ते ने शिवमंदिर की परिक्रमा शुरू कर दी।3 साल पहले एक कुत्ते ने शिवमंदिर की परिक्रमा शुरू कर दी।
लोगों ने उसके लिए दूध का इंतजाम किया।लोगों ने उसके लिए दूध का इंतजाम किया।
खबर फैलते ही उसे देखने के लिए लोग दूर-दूर से आने लगे।खबर फैलते ही उसे देखने के लिए लोग दूर-दूर से आने लगे।
चार दिन परिक्रमा करने बाद उसकी मंदिर परिसर में ही मौत हो गई।चार दिन परिक्रमा करने बाद उसकी मंदिर परिसर में ही मौत हो गई।
मंदिर के पुजारी ने बताया- कुत्ते की भगवान के प्रति आस्था को देखर उसे मंदिर परिसर में ही दफना दिया गया था।मंदिर के पुजारी ने बताया- कुत्ते की भगवान के प्रति आस्था को देखर उसे मंदिर परिसर में ही दफना दिया गया था।
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