--Advertisement--

जिस काम के लिए मर्द हट गए पीछे, महिलाओं ने ऐसी निभाई जिम्मेदारी

महोबा में एक ही परिवार की 4 महिलाएं कुआ खोदने का काम कर रही हैं।

Dainik Bhaskar

Jan 12, 2018, 11:10 AM IST
महोबा में महिनाएं कुंआ खोद रही हैं। महोबा में महिनाएं कुंआ खोद रही हैं।

महोबा (यूपी). यहां एक ही परिवार की 4 महिलाओं ने मर्दों को पीछे छोड़ते हुए कुंआ खोदने का जोखिम भरा काम शुरू किया है। एक ओर ये कुंआ खोदकर अपने परिवार को पाल रही है तो दूसरी ओर किसानों के खेतों को पानी मुहैया करा फसलों को जीवन दान दे रहीं है। इन महिलाओं की मेहनत देखकर लोग हैरान हो जाते हैं।

एक ही परिवार से हैं महिलाएं...

- यहां एक मुस्लिम परिवार की 4 महिलाएं अकीला, अमीना, फरीदा और रोशन मर्दों की तरह सूखे पड़े खेतों में कुंआ खोदने का काम कर रही है। इसमें 7 माह की गर्भवती रोशन भी कुंए में उतरकर खुदाई में लगी है।
- किसान रामादीन ने कहा, ''किसान खेतों की प्यास बुझाने के लिए तड़प उठे लेकिन पथरीली जमीन पर कुए जैसे जोखिम भरे काम को कोई भी पुरुष करने को तैयार नहीं है।''

- ''खेती से हताश नौजवान शहरों के लिए पलायन कर रहे हैं, जिससे अब घर की जिम्मेदारी के अलावा महिलाएं मर्दों का काम कर रही हैं। इसका उदाहरण ये मुस्लिम परिवार है।''

कुंआ खोदकर भरती हैं पेट

- अकीरा ने कहा, ''हमारे यहां सूखा पड़ा है, इस समय फसले पैदा नहीं हो पा रही है। ऐसे में हम किसानों के लिए कुंआ खोदते हैं और उनको पानी निकाल कर देते हैं। इससे हमारा पेट भर जाता है और किसान को पानी मिल जाता है।''
- ''एक कुंए की खुदाई में 8 से 15 दिन तक का समय लग जाता है। हम एक ही परिवार की 4 महिलाएं हैं, सिर्फ पेट भरने के लिए खाना और तन को ढ़कने के लिए कपड़े भर के पैसे हम कमा पाते हैं।''
- फरीदा ने कहा, ''कुंआ खोदने में बहुत मेहनत लगती है लेकिन पेट पालने के लिए हम सब महिलाएं इस खतरनाक काम को करती है। जहां-जहां सूखा पड़ता है हम लोग कुंआ खोदने के लिए जाते हैं, कभी-कभी हमें समय से पैसा मिल जाता है और कभी-कभी नहीं भी मिलता है।''

- ''घर के पुरुष रोजगार के लिए बाहर गए हैं, वो भी मजदूरी करते है। ऐसे में मजबूरी में हमें ये काम करना पड़ता है।

- किसान उमराव ने कहा, ''मजदूरी करने पर 200 रुपए रोज मिलता है। सूखा पड़ने की वजह से खेतों में सिंचाई के संसाधन फेल हो चुके हैं। मजबूरी में हमें कुंआ गहरा कराना पड़ता है, जिससे कुछ पानी आ जाए और हमारे खेतों की सिंचाई हो सके।''

सूखा पड़े क्षेत्रों में करती है कुंए की खुदाई। सूखा पड़े क्षेत्रों में करती है कुंए की खुदाई।
कुंआ खोदकर पेट पालती है। कुंआ खोदकर पेट पालती है।
muslim women special story in mahoba
X
महोबा में महिनाएं कुंआ खोद रही हैं।महोबा में महिनाएं कुंआ खोद रही हैं।
सूखा पड़े क्षेत्रों में करती है कुंए की खुदाई।सूखा पड़े क्षेत्रों में करती है कुंए की खुदाई।
कुंआ खोदकर पेट पालती है।कुंआ खोदकर पेट पालती है।
muslim women special story in mahoba
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..