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राजा ने 7 लड़कियों के साथ किया था रेप, किले से आज भी आती हैं चीखें

1850 में मर्दन सिंह ललितपुर के बानपुर के राजा बने। बानपुर के पास तालबेहट नाम का एक गांव था।

Dainik Bhaskar

Jan 13, 2018, 01:07 PM IST
फोटो केवल प्रजेंटेशन के लिए है। फोटो केवल प्रजेंटेशन के लिए है।

ललितपुर. यूपी के ललि‍तपुर की तालबेहट तहसील में 150 साल पुराना एक ऐसा किला मौजूद है, जिसके बारे में कई तरह की डरावनी कहानियां मशहूर हैं। लोग रात में इस किले के पास से गुजरने से डरते हैं। कहा जाता है- इस किले में राजा मर्दन सिंह के पिता रहते थे। उन्होंने सात लड़कियों को हवस का शिकार बनाया था। दुखी लड़कियों ने इसी के अंदर सुसाइड कर लिया था। तब से यहां उनकी चीखें सुनाई देती हैं। प्रहलाद सिंह ने किया था कलंकित...

- प्राइमरी स्कूल से रिटायर प्रिंसिपल महाराज सिंह ने बताया, ''1850 में मर्दन सिंह ललितपुर के बानपुर के राजा बने। बानपुर के पास तालबेहट नाम का एक गांव था।''

- ''जहां उनका अक्सर आना-जाना लगा रहता था। इसलिए उन्होंने वहां एक महल बनवा लिया और अपने पिता प्रहलाद सिंह को वहां की जिम्मेदारी दी।''
- ''प्रहलाद सिंह इस महल में अकेले ही रहते थे। उनके बेटे राजा मर्दन सिंह को एक क्रांतिवीर के रूप में जाना जाता था। वहीं, प्रहलाद सिंह ने बुंदेलखंड को अपनी हरकत से कलंकित कर दिया था।''

किले में एक ही रात में हुई थीं 7 मौतें
- ''तालबेहट गांव में अक्षय तृतीया के दिन नेग मांगने की रस्म थी। इस रस्म अदायगी के लिए तालबेहट राज्य की सात लड़कियां राजा मर्दन सिंह के इस किले में नेग मांगने पहुंची।''
- ''मर्दन सिंह के पिता प्रहलाद किले में अकेले थे। लड़कियों की खूबसूरती देखकर उनकी नीयत खराब हो गई। उन्होंने इन सातों को एक-एक कर हवस का शिकार बना लिया।''
- ''रेप होने के बाद लड़कियां राजशाही महल में अपने आपको बेबस समझ रहीं थी। घटना से आहत सातों लड़कियों ने महल के बुर्ज(टॉप) से कूदकर जान दे दी।''

पिता की शर्मनाक हरकत के बाद बेटा ने ऐसे किया था पश्चाताप
- ''7 लड़कियों की एक साथ मौत से तालबेहट गांव में हाहाकार मच गया। जनता के आक्रोश को देखते हुए राजा मर्दन सिंह ने अपने पिता प्रह्लाद को यहां से वापस बुला लिया था।''
- ''वो अपने पिता द्वारा की गई हरकत से दुखी थे। जनता का गुस्सा शांत करने और अपने पिता की करतूत का पश्चाताप करने के लिए राजा मर्दन सिंह ने लड़कियों को श्रद्धांजलि दी थी।''
- ''उन्होंने किले के मेन गेट पर 7 लड़कियों के चित्र बनवाए थे, जो आज भी मौजूद हैं।''

डर का प्रतीक बन गया किला
- गांव वालों का कहना है- ''करीब 150 साल पहले यहां एक ऐसी अनहोनी हुई थी, जिसके बाद से ये किला डर का एक प्रतीक बन गया है।''
- ''उन सात लड़कियों की आवाजें आज भी तालबेहट किले में सुनाई देती हैं। यहां के लोग इस किले को अशुभ मानते हैं।''
- ''इस अनहोनी के सुबूत के तौर पर आज भी इस किले के दरवाजे पर 7 लड़कियों की पेंटिंग बनी हुई है। लोगों के मुताबिक, हर साल गांव की महिलाएं पेंटिंग में बनी इन लड़कियों की पूजा भी करती हैं।''​

जानकारी के मुताबिक साल 1850 के आस पास मर्दन सिंह ललितपुर के बानपुर के राजा थे। जानकारी के मुताबिक साल 1850 के आस पास मर्दन सिंह ललितपुर के बानपुर के राजा थे।
तालबेहट भी आते-जाते रहते थे, इसलिए ललितपुर के तालबेहट में उन्होंने एक महल बनवाया था। तालबेहट भी आते-जाते रहते थे, इसलिए ललितपुर के तालबेहट में उन्होंने एक महल बनवाया था।
राजा मर्दन सिंह ने 1857 की क्रांति में रानी लक्ष्मीबाई का साथ दिया था। राजा मर्दन सिंह ने 1857 की क्रांति में रानी लक्ष्मीबाई का साथ दिया था।
एक ओर जहां मर्दन सिंह का नाम सम्मान से लिया जाता है, वहीं उनके पिता प्रहलाद सिंह ने बुंदेलखंड को अपनी हरकत से कलंकित किया था। एक ओर जहां मर्दन सिंह का नाम सम्मान से लिया जाता है, वहीं उनके पिता प्रहलाद सिंह ने बुंदेलखंड को अपनी हरकत से कलंकित किया था।
राज्य की सात लड़कियां राजा मर्दन सिंह के इस किले में नेग मांगने पहुंची। मर्दन सिंह के पिता प्रहलाद किले में अकेले थे। लड़कियों की खूबसूरती देखकर उनकी नीयत खराब हो गई। उन्होंने इन सातों को एक-एक कर हवस का शिकार बना लिया। राज्य की सात लड़कियां राजा मर्दन सिंह के इस किले में नेग मांगने पहुंची। मर्दन सिंह के पिता प्रहलाद किले में अकेले थे। लड़कियों की खूबसूरती देखकर उनकी नीयत खराब हो गई। उन्होंने इन सातों को एक-एक कर हवस का शिकार बना लिया।
रेप होने के बाद लड़कियां राजशाही महल में अपने आपको बेबस समझ रहीं थी। घटना से आहत सातों लड़कियों ने महल के बुर्ज(टॉप) से कूदकर जान दे दी। रेप होने के बाद लड़कियां राजशाही महल में अपने आपको बेबस समझ रहीं थी। घटना से आहत सातों लड़कियों ने महल के बुर्ज(टॉप) से कूदकर जान दे दी।
राजा मर्दन सिंह अपने पिता द्वारा की गई हरकत से दुखी थे। उन्होंने किले के मेन गेट पर 7 लड़कियों की मुर्ति बनवाई, जो आज भी मौजूद हैं। राजा मर्दन सिंह अपने पिता द्वारा की गई हरकत से दुखी थे। उन्होंने किले के मेन गेट पर 7 लड़कियों की मुर्ति बनवाई, जो आज भी मौजूद हैं।
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फोटो केवल प्रजेंटेशन के लिए है।फोटो केवल प्रजेंटेशन के लिए है।
जानकारी के मुताबिक साल 1850 के आस पास मर्दन सिंह ललितपुर के बानपुर के राजा थे।जानकारी के मुताबिक साल 1850 के आस पास मर्दन सिंह ललितपुर के बानपुर के राजा थे।
तालबेहट भी आते-जाते रहते थे, इसलिए ललितपुर के तालबेहट में उन्होंने एक महल बनवाया था।तालबेहट भी आते-जाते रहते थे, इसलिए ललितपुर के तालबेहट में उन्होंने एक महल बनवाया था।
राजा मर्दन सिंह ने 1857 की क्रांति में रानी लक्ष्मीबाई का साथ दिया था।राजा मर्दन सिंह ने 1857 की क्रांति में रानी लक्ष्मीबाई का साथ दिया था।
एक ओर जहां मर्दन सिंह का नाम सम्मान से लिया जाता है, वहीं उनके पिता प्रहलाद सिंह ने बुंदेलखंड को अपनी हरकत से कलंकित किया था।एक ओर जहां मर्दन सिंह का नाम सम्मान से लिया जाता है, वहीं उनके पिता प्रहलाद सिंह ने बुंदेलखंड को अपनी हरकत से कलंकित किया था।
राज्य की सात लड़कियां राजा मर्दन सिंह के इस किले में नेग मांगने पहुंची। मर्दन सिंह के पिता प्रहलाद किले में अकेले थे। लड़कियों की खूबसूरती देखकर उनकी नीयत खराब हो गई। उन्होंने इन सातों को एक-एक कर हवस का शिकार बना लिया।राज्य की सात लड़कियां राजा मर्दन सिंह के इस किले में नेग मांगने पहुंची। मर्दन सिंह के पिता प्रहलाद किले में अकेले थे। लड़कियों की खूबसूरती देखकर उनकी नीयत खराब हो गई। उन्होंने इन सातों को एक-एक कर हवस का शिकार बना लिया।
रेप होने के बाद लड़कियां राजशाही महल में अपने आपको बेबस समझ रहीं थी। घटना से आहत सातों लड़कियों ने महल के बुर्ज(टॉप) से कूदकर जान दे दी।रेप होने के बाद लड़कियां राजशाही महल में अपने आपको बेबस समझ रहीं थी। घटना से आहत सातों लड़कियों ने महल के बुर्ज(टॉप) से कूदकर जान दे दी।
राजा मर्दन सिंह अपने पिता द्वारा की गई हरकत से दुखी थे। उन्होंने किले के मेन गेट पर 7 लड़कियों की मुर्ति बनवाई, जो आज भी मौजूद हैं।राजा मर्दन सिंह अपने पिता द्वारा की गई हरकत से दुखी थे। उन्होंने किले के मेन गेट पर 7 लड़कियों की मुर्ति बनवाई, जो आज भी मौजूद हैं।
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