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आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का होगा चित्रकूट दौरा, ये मिनट-टू मिनट प्रोग्राम

JRHU के दीक्षांत समारोह में होंगे शामिल।

Danik Bhaskar | Jan 08, 2018, 09:27 AM IST

चित्रकूट (यूपी). यहां सोमवार को प्रेसीडेंट रामनाथ कोविंद अपने एकदिवसीय दौरे पर पहुंच गए। यहां पहुंचते ही चित्रकूट के आरोग्यधाम में नाना जी देशमुख की प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने कहा, ''विविध गुणों एवं बहुमुखी प्रतिभा के धनी चण्डीदास अमृतराव उपाध्याय 'नानाजी देशमुख' के कार्य अनुकरणीय थे। स्वालंबन के लिए गांवों में ऐसे प्रयास होने चाहिए। युगदृष्टा चिंतक का यह कथन- हम अपने लिए नहीं, अपनों के लिए हैं, अपने वे हैं जो सदियों से पीड़ित एवं उपेक्षित हैं। आज भी प्रेरणा श्रोत है।''

दीक्षांत समारोह में लिया हिस्सा...

- चित्रकूट के जगतगुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय के 7वें दीक्षांत समारोह में शिरकत करने से पूर्व राष्ट्रपति दोपहर 12 बजे आरोग्यधाम पहुंचे। वहां उन्होंने नानाजी देशमुख की प्रतिमा के अनावरण किया।
- इस दौरान उन्होंने कहा, ''आधुनिक युग के इस दधीचि का पूरा जीवन ही एक प्रेरक कथा है। विविध गुणों एवं बहुमुखी प्रतिभा के धनी नानाजी के कार्य अनुकरणीय है, स्वालंबन के लिए गांवों में ऐसे प्रयास होने चाहिए।''

रामदर्शन का किया भ्रमण
- प्रेसीडेंट आरोरोग्यधाम के बाद रामदर्शन का भ्रमण किया। इसके बाद काफी टेबल बुक का लोकार्पण किया अौर विजिटर बुक में लिखा कि मुझे रामदर्शन कर सुकून मिलता है। इस दौरान प्रेसीडेंट के साथ केन्द्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, यूपी के राज्यपास राम नाईक, मध्यप्रदेश के राज्यपाल राज्यपाल ओपी कोहली एवं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद थे।

चित्रकूट पहुंचने वाले देश के दूसरे प्रेसीडेंट
- चित्रकूट के दौरे पर पहुंचे प्रेसीडेंट रामनाथ कोविंद देश के दूसरे राष्ट्रपति हैं जो चित्रकूट के दौरे पर पहुंचे हैं। उनसे पहले 2015 में तत्कालीन प्रेसीडेंट डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम चित्रकूट आए थे।
- नानाजी की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद प्रेसीडेंट ने प्रदर्शनी से संस्थान के प्रकल्पों का अवलोकन किया। शाम तक वह कामदगिरी की परिक्रमा भी कर सकते हैं।

भगवान राम ने 11 साल 11 महीने और 11 दिन बिताए थे यहां
- यहां भगवान राम ने वनवास काल के दौरान 11 साल 11 माह 11 दिन बिताए थे। उनके बाद नानाजी देशमुख ने यही पर आकर ग्रामोदय भारत की नींव रखी।
- एक भारतीय समाजसेवी से राजनेता बने नानी जी ने दीनदयाल उपाध्याय द्वारा ग्रामोदय भारत की परिकल्पना को साकार किया। नानाजी गांव-गांव जाकर गरीब आदिवासियों के बीच शिक्षा का महत्व बताया। इसके बाद चित्रकूट में ग्रामोदय विश्वविद्यालय की स्थापना की।
- तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने नानाजी और उनके संगठन दीनदयाल शोध संस्थान की प्रशंसा की। इस संस्थान की मदद से सैकड़ों गांवों को मुकदमा मुक्त विवाद सुलझाने का आदर्श बनाया गया।
- कलाम ने कहा था, "चित्रकूट में मैंने नानाजी और उनके साथियों से मुलाकात की। दीनदयाल शोध संस्थान ग्रामीण विकास के प्रारूप को लागू करने वाला अनुपम संस्थान है।

ये दुनिया की पहली दिव्यांग यूनिवर्सिटी है
- जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग यूनिवर्सिटी (जराविवि) चित्रकूट धाम में स्थापित विश्वविद्यालय है। यह भारत ही नहीं दुनिया में दिव्यांगों के लिए पहला विशिष्ट विश्वविद्यालय है।
- इसकी स्थापना वर्ष 2001 में जगदगुरु रामभद्राचार्य द्वारा हुई और इसे जगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांग शिक्षण संस्थान नामक एक संस्थान द्वारा संचालित किया जाता है।
- यूनिवर्सिटी का सृजन यूपी सरकार के एक अध्यादेश द्वारा किया गया था, जो पश्चात् उत्तर प्रदेश विधायिका द्वारा उत्तर प्रदेश राज्यअधिनियम 32 (2001) के रूप में पारित किया गया।
- अधिनियम के अनुरूप जगदगुरु रामभद्राचार्य को विश्वविद्यालय के जीवनपर्यन्त कुलपति के रूप में नियुक्त किया गया।