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इस IPS से पत्नी ने मांगा 10 करोड़ रुपए हर्जाना, लगाए थे ऐसे आरोप

लखनऊ. यूपी के बांदा जिले में ट्रकों से अवैध वसूली की शिकायत पर पहुंचे IPS हिमांशु कुमार पर आरोपियों ने हमला कर दिया।

Dainik Bhaskar

Jan 29, 2018, 01:18 PM IST
IPS हिमांशु कुमार यूपी के बांदा जिले में अवैध वसूली की श‍िकायत पर जांच के लिए गए थे, दबिश के दौरान उनके पैर में चोट आ गई। IPS हिमांशु कुमार यूपी के बांदा जिले में अवैध वसूली की श‍िकायत पर जांच के लिए गए थे, दबिश के दौरान उनके पैर में चोट आ गई।

बांदा. यूपी के बांदा जिले में ट्रकों से अवैध वसूली की शिकायत पर पहुंचे IPS हिमांशु कुमार पर आरोपियों ने हमला कर दिया। जिसमें उनके पैर में गभीर चोटें आईं। हालांकि, इस IPS ने ट्वीट की पुलिस पर हुए अटैक की घटना को झूठ करार दिया है। आपको बता दें, इससे पहले भी IPS हिमांशु चर्चा में रह चुके हैं। इनकी पत्नी ने इनसे 10 करोड़ रुपए मुआवजे की मांग की थी।

क्या है पूरा मामला

- ट्रक मालिकों ने बांदा के गिरवां थानाक्षेत्र में मौंरग और गिट्टी भरे वाहनों से पुलिस के अवैध वसूली करने की शिकायत सीएम से की थी। इसपर लखनऊ डीजीपी ने 2 IPS हिमांशु कुमार और मोहित गुप्ता को अवैध वसूली पर रोक लगाने की जिम्मेदारी सौंपी।

- 28 जनवरी को हमीरपुर स्वाट टीम के साथ गिरवां थानाक्षेत्र के निहालपुर गांव में चाय की दुकान के पास स्टिंग ऑपरेशन चलाया गया। मौके पर एक कार सवार 4 लोग ट्रकों से वसूली करते मिले। टीम ने घेराबंदी की तो गिरवां थाने का कांस्टेबल देवर्षि समेत उसके दो साथी भागने में कामयाब रहे।
- हालांकि, टीम ने आरोपी महमूद खां को पकड़ लिया, उसकी जेब से 8 हजार रुपए बरामद हुए। दबिश के दौरान पैर में चोट लगने से IPS हिमांशु घायल हो गए।
- प्रभारी स्वाट टीम सब इंस्पेक्टर रामश्रय यादव की तहरीर पर आरोपी महमूद और उसके साथी पंकज अवस्थी के खिलाफ वसूली की रिपोर्ट दर्ज की गई है।

- बांदा की एसपी शालिनी ने बताया, ''सीधे डीजीपी के निर्देश पर यह कार्रवाई हुई, जिसमें आरोपी पुलिसकर्मियों पर केस भी दर्ज हुआ है।''

- एसओ गिरवां विवेक सिंह और एक कांस्टेबल देवर्षि को सस्पेंड किया गया है। कांस्टेबल अभी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है। इस स्पेशल टीम में 2 IPS के साथ-साथ दूसरे जिलों के सीओ और पुलिसकर्मी भी शामिल थे।''

पत्नी इस IPS से मांग चुकी है 10 करोड़ रुपए हर्जाना

- हिमांशु कुमार सिंह 2010 बैच के आईपीएस हैं। ये फिरोजाबाद में बतौर एसपी पोस्टेड थे। इलेक्शन रिजल्ट के बाद उन्हें लखनऊ डीजीपी हैडक्वार्टर्स के साथ अटैच कर दिया गया।

- जुलाई 2014 में इन्होंने मोतिहारी, बिहार की रहने वाली प्रिया सिंह से शादी की थी। सेकंड मैरिज एनिवर्स‍िरी से पहले ही हिमांशु ने प्रिया से अलग होने का फैसला कर लिया। 5 मार्च 2016 को उन्होंने दिल्ली के द्वारका कोर्ट में डिवोर्स पिटीशन फाइल की थी।

- हिमांशु ने ट्वीट करते हुए लिखा था, "कुछ लोग मेरे पर्सनल कोर्ट केस को सोशल मीडिया पर घसीट रहे हैं। मैं यहीं उनसे हिसाब चुकता करूंगा।"
- "मैंने 2016 में डिवोर्स पिटीशन फाइल की थी। उसे वापस लेने के लिए मुझ पर कई तरह के प्रेशर बनाए गए। 7 मई को प्रिया ने मेरे पूरे परिवार के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का केस दायर किया। उसने मेरे 80 साल के दादाजी को भी नहीं छोड़ा। उनके खिलाफ भी 498A और डीपी एक्ट के तहत केस किया गया।"
- "कोर्ट ने शुरुआत में ही मेरे दादाजी को आरोपों से बरी कर दिया। यह उस लड़की की दुष्टता दिखाता है।"
- "यह एक झूठे दहेज केस 498A केस की ताकत है कि एक पुलिसवाले को भी ब्लैकमेल किया जा सकता है। वो लड़की मुझे 10 करोड़ देने के लिए ब्लैकमेल कर रही है।"
- बता दें, हिमांशु ने 11 जुलाई 2016 को अपनी पत्नी के खिलाफ ईमेल हैक करने का केस दर्ज करवाया था। IPS के मुताबिक, प्रिया ने उनके बैंक स्टेटमेंट भी ले लिए थे।
- हिमांशु ने बिसरख (नोएडा) में पत्नी के खिलाफ चल रहे केस से रिलेटेड FIR दर्ज करवाई थी। फिलहाल, इनके डि‍वोर्स का केस कोर्ट में चल रहा है।


पत्नी को था शक, IPS पति का कहीं और चल रहा चक्कर
- प्रिया सिंह ने IPS हिमांशु के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और जानलेवा हमला जैसे संगीन आरोप लगाए हैं।
- प्रिया ने आरोप लगाया था कि हिमांशु का किसी अन्य लड़की से अफेयर चल रहा है। जबकि IPS का कहना था कि प्रिया खुद उनके साथ नहीं रहना चाहती।
- प्रिया की फैमिली ने हिमांशु को कुछ प्रॉपर्टी भी दी थी, जिस पर IPS ने बताया कि प्रिया की फैमिली ने प्रॉपर्टी शादी से पहले गिफ्ट के तौर पर दी थी।

ट्रक मालिकों ने बांदा में पुलिस द्वारा अवैध वसूली करने पर सीएम से श‍िकायत की थी, जिसके बाद लखनऊ डीजीपी ने आईपीएस हिमांशु कुमार को बांदा वसूली पर रोक लगाने के लिए भेजा था। ट्रक मालिकों ने बांदा में पुलिस द्वारा अवैध वसूली करने पर सीएम से श‍िकायत की थी, जिसके बाद लखनऊ डीजीपी ने आईपीएस हिमांशु कुमार को बांदा वसूली पर रोक लगाने के लिए भेजा था।
घटना के बाद हिमांशु ने ट्वीट कर लिखा, बांदा में पुलिस पर अटैक की खबर झूठी है। घटना के बाद हिमांशु ने ट्वीट कर लिखा, बांदा में पुलिस पर अटैक की खबर झूठी है।
हिमांशु कुमार सिंह 2010 बैच के आईपीएस हैं। ये फिरोजाबाद में बतौर एसपी पोस्टेड थे। इलेक्शन रिजल्ट के बाद उन्हें लखनऊ डीजीपी हैडक्वार्टर्स के साथ अटैच कर दिया गया। हिमांशु कुमार सिंह 2010 बैच के आईपीएस हैं। ये फिरोजाबाद में बतौर एसपी पोस्टेड थे। इलेक्शन रिजल्ट के बाद उन्हें लखनऊ डीजीपी हैडक्वार्टर्स के साथ अटैच कर दिया गया।
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IPS हिमांशु कुमार यूपी के बांदा जिले में अवैध वसूली की श‍िकायत पर जांच के लिए गए थे, दबिश के दौरान उनके पैर में चोट आ गई।IPS हिमांशु कुमार यूपी के बांदा जिले में अवैध वसूली की श‍िकायत पर जांच के लिए गए थे, दबिश के दौरान उनके पैर में चोट आ गई।
ट्रक मालिकों ने बांदा में पुलिस द्वारा अवैध वसूली करने पर सीएम से श‍िकायत की थी, जिसके बाद लखनऊ डीजीपी ने आईपीएस हिमांशु कुमार को बांदा वसूली पर रोक लगाने के लिए भेजा था।ट्रक मालिकों ने बांदा में पुलिस द्वारा अवैध वसूली करने पर सीएम से श‍िकायत की थी, जिसके बाद लखनऊ डीजीपी ने आईपीएस हिमांशु कुमार को बांदा वसूली पर रोक लगाने के लिए भेजा था।
घटना के बाद हिमांशु ने ट्वीट कर लिखा, बांदा में पुलिस पर अटैक की खबर झूठी है।घटना के बाद हिमांशु ने ट्वीट कर लिखा, बांदा में पुलिस पर अटैक की खबर झूठी है।
हिमांशु कुमार सिंह 2010 बैच के आईपीएस हैं। ये फिरोजाबाद में बतौर एसपी पोस्टेड थे। इलेक्शन रिजल्ट के बाद उन्हें लखनऊ डीजीपी हैडक्वार्टर्स के साथ अटैच कर दिया गया।हिमांशु कुमार सिंह 2010 बैच के आईपीएस हैं। ये फिरोजाबाद में बतौर एसपी पोस्टेड थे। इलेक्शन रिजल्ट के बाद उन्हें लखनऊ डीजीपी हैडक्वार्टर्स के साथ अटैच कर दिया गया।
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