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जब राजा को हुआ पत्नी के कैरेक्टर पर शक, रानी को ऐसे करना पड़ा था साबित

झांसी. सेंसर बोर्ड ने पद्मावती का नाम पद्मावत करने का सुझाव दिया है।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Dec 30, 2017, 08:53 PM IST

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    लाला हरदौला फिल्म में टीवी एक्ट्रेस दिव्यांका त्रिपाठी ने रानी चंपावती का रोल किया था।

    झांसी. सेंसर बोर्ड ने पद्मावती का नाम पद्मावत करने का सुझाव दिया है। साथ ही फिल्म में कुछ जरूरी बदलाव के साथ U/A सर्टिफिकेट देने का फैसला किया है। बता दें, फिल्म को 1 दिसंबर को रिलीज किया जाना था, लेकिन विवादों में आने के चलते रिलीज डेट टाल दी गई। DainikBhaskar.com आपको इतिहास की 409 साल पुरानी ऐसी कहानी बताने जा रहा है, जिसमें ओरछा की रानी चंपावती ने अपनी पवित्रता का प्रमाण देने के लिए अपने देवर को जहर दे दिया था।

    राजा ने पत्नी की पवित्रता का ऐसे लिया था प्रमाण...

    - इतिहासकार जानकीशरण बताते हैं, "17वीं शताब्दी में ओरछा के 5वें राजा बीर सिंह देव बुंदेला के 8 बेटे थे। उन्होंने अपना राजपाठ सबसे बड़े बेटे जुझार सिंह के हाथ में सौंपा था।"
    - "बीर सिंह के सबसे छोटे बेटे हरदौल की 24 साल की उम्र में ही मौत हो गई थी। उसे उसकी भाभी चंपावती ने पवित्रता का प्रमाण देने के लिए जहर दिया था।"

    - ''6 साल के हरदौल का रानी चंपावती ममतामयी आंचल में पालन-पोषण करने लगीं थीं। हरदौल भी भाभी को मां मानते थे। हरदौल जब शिक्षा-दीक्षा हासिल कर वापस लौटे तो उनका जोरदार स्वागत हुआ।''
    - ''महाराज ने उनको बड़ागांव की जागीर दे दी। इससे महामंत्री पहाड़ सिंह लाला हरदौल से जलने लगा और उनके खिलाफ तरह-तरह से षड्यंत्र रचने लगा। वहीं हरदौल लोगों को मुगलों के खिलाफ एकजुट करने में लगे रहते हैं। साथ ही जात-पात का भेद मिटाकर सांवला डोम को गले लगाकर अपना अंगरक्षक बना लेते हैं।''
    - ''उधर, 17वीं शताब्दी के मुगल बादशाह शाहजहां छोटे-छोटे राज्यों पर कब्जा कर रहा था। इस बीच बादशाह के सिपहसालार मेंहदी हसन मुगल सैनिकों के साथ ओरछा आकर जनता से कर वसूल रहा था, जिसका हरदौल कड़ा विरोध करते हैं।''
    - ''हरदौल मेंहदी हसन को मौत के घाट उतार देते हैं। इससे बौखलाकर बाकी खां ओरछा पर हमला बोल देता है। रानी चंपावती के आदेश पर लाला बाकी खां के खिलाफ युद्ध लड़ते हैं और उसको भी मौत के घाट उतार देते हैं।''
    - ''इस दौरान मौका पाकर पहाड़ सिंह हरदौल और रानी के पवित्र संबंधों पर कीचड़ उछालकर राजा जुझार सिंह के कान भरता है। राजा उसकी बातों में आकर रानी को हरदौल को खीर में विष देने का आदेश देते हैं।''
    - ''रानी के समझाने के बाद भी राजा नहीं मानते। भाभी की पवित्रता सिद्ध के लिए हरदौल हंसते-हंसते विष मिला खीर का प्याला पी जाते हैं और ओरछा की सुरक्षा रामराजा को सौंप वीरगति को प्राप्त हो जाते हैं।''

    मौत के बाद भी दहेज लेकर भांजी की शादी में पहुंचे
    - जानकीशरण कहते हैं, "बीर सिंह की बेटी कुंजावती 8 भाइयों में सबसे ज्यादा प्यार छोटे भाई हरदौल से करती थीं। अपनी बेटी की शादी के वक्त जब वो जुझार सिंह को निमंत्रण देने पहुंची, तो उसने मजाक उड़ाते हुए कहा- अपने मरे हुए भाई हरदौल को ही बुलाओ। वही आएगा बेटी की शादी में भात लेकर।"
    - ''कुंजावती ने अपने बड़े भाई को जवाब देते हुए दावा किया था कि अब उसका मरा हुआ भाई ही भात लेकर आएगा और वो भी ऐसा कि सारी दुनिया देखती रह जाएगी।''
    - ''राजकुमारी निमंत्रण लेकर अपने भाई की समाधि पर गईं और रोते हुए बोलीं- मेरी इज्जत दांव पर लगी है भाई। मेरी बेटी की शादी में तुम्हें भात लेकर आना होगा।''

    - ''केंद्रीय विधायल के प्रो. डॉ सुनील तिवारी बताते हैं, "मान्यता है कि राजकुमारी की बेटी की शादी में हरदौल की आत्मा दहेज का सामान लेकर आई थी। भात में कई जेवरात और कपड़े शामिल थे, जिसे देखकर जुझार सिंह भी हैरान रह गया था।"

    बुंदेलखंड में भगवान की तरह होती है पूजा
    - सरकारी स्कूल के रिटायर प्रिंसिपल भइयालाल बताते हैं, "जब हरदौल ने मरने के बाद अपनी भांजी की शादी में इतना दहेज भेजा तो लोगों ने उसे चमत्कार माना। अब बुंदेलखंड में करीब हर गांव में इस महान योद्धा का चबूतरा बना है। लोग उसे भगवान मानकर पूजते हैं।"
    - "पूरे बुंदेलखंड में हर शादी समारोह का पहला निमंत्रण हरदौल को जरूर भेजा जाता है।"
    - ''लाला हरदौला की इस कहानी पर स्थानीय भाषा में कई फिल्में भी बनी हैं। 2012 में आई 'लाला हरदौला' फिल्म में टीवी एक्ट्रेस दिव्यांका त्रिपाठी ने भाभी चंपावती का रोल प्ले किया था, जो हरदौला को जहर देती है।''

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    17वीं शताब्दी में ओरछा के 5वें राजा बीर सिंह देव बुंदेला के सबसे छोटे बेटे हरदौल की 24 साल की उम्र में ही मौत हो गई थी।
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    हरदौल की भाभी चंपावती ने अपनी पवित्रता का प्रमाण देने के लिए उसे जहर दे दिया था।
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    6 साल के हरदौल का रानी चंपावती ममतामयी आंचल में पालन-पोषण करती थीं।
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    भाभी की पवित्रता सिद्ध के लिए हरदौल हंसते-हंसते विष मिला खीर का प्याला पी जाते हैं।
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