--Advertisement--

रिटायरमेंट के दिन प्रिंसिपल ने की आत्महत्या, ब्लैक बोर्ड पर लिखा सुसाइड नोट; ग्राम प्रधान समेत 4 पर लगाया उत्पीड़न का आरोप

शनिवार को शिक्षक का रिटायरमेंट था।

Dainik Bhaskar

Apr 01, 2018, 01:14 PM IST
प्राथमिक विद्यालय के प्रिंसिपल ने अपनी सर्विस के आखिरी दिन स्कूल में आग लगाकर सुसाइड कर ली। प्राथमिक विद्यालय के प्रिंसिपल ने अपनी सर्विस के आखिरी दिन स्कूल में आग लगाकर सुसाइड कर ली।

झांसी. यहां के तालबेहट थाना क्षेत्र के समरखैरा प्राथमिक विद्यालय के प्रिंसिपल ने अपनी सर्विस के आखिरी दिन स्कूल में आग लगाकर सुसाइड कर ली। इतना ही नहीं सुसाइड से पहले उन्होंने ब्लैक बोर्ड पर लिखकर प्रधान सहित 4 लोगों पर उत्पीड़न के आरोप लगाए। जानकारी के मुताबिक, मूल रूप से जनपद जालौन के कोंच निवासी ओमप्रकाश पटैरिया ललितपुर के सेमरखैरा गांव के स्कूल में प्रिंसिपल के पद पर तैनात थे।

- वह तालबेहट कस्बे में पंजाब नेशनल बैंक के पीछे किराए के मकान में रहते थे। शनिवार को उनका रिटायरमेंट था जिसके लिए कागजी कार्रवाई पूरी कराने के लिए वह स्कूल गए थे। स्कूल में ही पर उन्होंने प्रधान व शिक्षक-अभिभावक संघ के अध्यक्ष को बुलाया। लेकिन वहां सिर्फ प्रधान ही आए।
- मृतक प्रिंसिपल ने अपने सुसाइड नोट के माध्यम से आरोप लगाते हुए लिखा, ग्राम प्रधान ने मिड डे मील के अदेयता प्रपत्रों पर साइन करने से मना कर दिया था।
- साथ ही ओमप्रकाश ने लिखा प्रधान मुझसे पैसे की मांग करते थे। बहुत सा धन अभी SDM खाते में पड़ा है। जिला एमडीएम समन्वयक कपिल दुबे पर भी आरोप लगाया है कि रुपए ना देने पर गलत रिपोर्टिंग कर के वेतन रुकवा दिया गया था।

- एसएमसी अध्यक्ष सोनू सिंह भी प्रधान के कहने पर चलते हैं, इस कारण आज भी स्वेटर की धनराशि के चेक का भुगतान पड़ा हुआ है। कई बार बुलाने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया है।
- सुसाइड लेटर में लिखा है कि सहायक अध्यापक रूपेश कुमार चोरी गए पंखों का नोटरी शपथ प्रमाण पत्र देने को मजबूर कर रहे थे। अदेय प्रमाण पत्र ना देकर पेंशन में बाधा खड़ी की गई है। लास्ट में CM से मांग की गई है की प्राइमरी स्कूलों के प्रिंसिपलों को एमडीएम के कार्य से मुक्त किया जाए। साथ ही सभी दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।

- बताया गया है कि मिड डे मील में अनियमितता पाए जाने पर 6 महीने पहले प्रिंसिपल का वेतन रोक दिया गया था।
इसके बाद से प्रधान मिड डे मील की चैट पर सिग्नेचर नहीं कर रहे थे। इस कारण मृतक काफी परेशान था। शनिवार की शाम करीब 3.45 बजे परेशानी की हालत में उन्होंने स्कूल में रखा केरोसिन का तेल अपने ऊपर डालकर आग लगा ली। उन्हें गंभीर हालत में पहले प्राथमिक चिकित्सालय उसके बाद झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया जहां डॉक्टरों की टीम ने प्रिंसिपल को मृत्य घोषित कर दिया। घटना की सूचना पाकर SDM हरिओम शर्मा, सीओ अरुण कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक शिव मोहन प्रसाद मौके पर पहुंच गए।

क्या कहना है ग्राम प्रधान का


- ग्राम प्रधान मोहन सिंह का कहना है कि प्रिंसिपल द्वारा जो आरोप लगाया जाए वह निराधार हैं। मिड डे मील में फल व दूध वितरण ना होने पर मैंने मिड डे मील के चेक पर 6 महीने से सिग्नेचर नहीं किए थे।


क्या कहना है एसपी का?

- SP डॉ ओपी सिंह ने बताया, इस संबंध में जो भी तहरीर आएगी उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। दोषियों को किसी भी हालत में नहीं बख्शा जाएगा।

शिक्षक द्वारा लिखा गया सुसाइड नोट। शिक्षक द्वारा लिखा गया सुसाइड नोट।
X
प्राथमिक विद्यालय के प्रिंसिपल ने अपनी सर्विस के आखिरी दिन स्कूल में आग लगाकर सुसाइड कर ली।प्राथमिक विद्यालय के प्रिंसिपल ने अपनी सर्विस के आखिरी दिन स्कूल में आग लगाकर सुसाइड कर ली।
शिक्षक द्वारा लिखा गया सुसाइड नोट।शिक्षक द्वारा लिखा गया सुसाइड नोट।
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..