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देवी मंदिर जा रहा हूं, कहकर निकला बेटा.. फिर मां के चरणों में मिली लाश

चित्रकूट में एक ही दिन हुईं बलि की 2 घटनाएं। एक ने काटी जीभ, दूसरे ने गला।

DainikBhaskar.com| Last Modified - Mar 05, 2018, 11:10 AM IST

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Two Youth sacrifice life as superstition in uttar pradesh to kali devi

चित्रकूट. यहां अंधविश्वास के चलते रविवार को एक युवक ने चौसठ देवी मंदिर में चाकू से अपनी गर्दन काट दी। यह देख मंदिर में सैकड़ों लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। इस बीच पहुंची पुलिस ने धारदार हथियार कब्जे में लेकर शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। वहीं मानिकपुर में 22 वर्षीय एक युवक ने काली मंदिर में अपनी जीभ काटकर चढ़ा दी। 

 

जैसे ही खुला मंदिर का दरवाजा, बिखरा मिला खून

 

- दरसेड़ा गांव राजू (28) रविवार सुबह 9 बजे वह देवी पूजा की बात कहकर घर से निकला था। दोपहर करीब 11 बजे उसको लोगों ने मंदिर में पूजा करते हुए देखा। उसने गर्दन कब काटी, किसी ने नहीं देखा। 

- करीब 12 बजे कुछ महिलाएं मंदिर में पूजा-अर्चना को पहुंचीं। वहां राजू अचेत अवस्था में चौसठ देवी के चरणों में पड़ा था और मंदिर में खून ही खून फैला था। 

- मंदिर परिसर में रामायण का पाठ कर रहे लोगों को महिलाओं ने जानकारी दी। 

 

काली मां को चढ़ा दी अपनी जीभ 

 

- रविवार को ही काली मंदिर में भी एक युवक ने बलि दी। रामनरेश(22) नाम के युवक ने काली मंदिर में जीभ काटकर चढ़ाई। 

- मानिकपुर  के बाल्मीकि नगर पश्चिमी में भइयालाल के घर होली करने शनिवार को खिचरी निवासी रामनरेश ननिहाल आया था। 

- ASP चित्रकूट बलवंत सिंह चौधरी ने बताया, "दोनों मामले बलि के हैं।
 फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उन के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।"

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