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अंधविश्वास: एक ने मंदिर में काटी गर्दन तो दूसरे ने चढ़ा दी जीभ, ऐसे दी बलि

अंधविश्वास में एक युवक ने अपनी गर्दन काट वहीं मानिकपुर में 22 वर्षीय एक युवक ने काली मंदिर में अपनी जीभ काटकर चढ़ा दी.

DainikBhaskar.com | Last Modified - Mar 05, 2018, 10:24 AM IST

चित्रकूट. यहां अंधविश्वास के चलते एक युवक ने चौसठ देवी मंदिर में चाकू से अपनी गर्दन काट दी। मौके पर ही युवक की मौत हो गयी। सूचना मिलते ही मंदिर में लोगों की भारी भीड़ इकठ्ठा हो गयी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। वहीं, मानिकपुर में 22 वर्षीय एक युवक ने काली मंदिर में अपनी जीभ काटकर चढ़ा दी। ये है पूरा मामला...

- मिली जानकारी के मुताबिक, मंदिर में गर्दन काटने वाला युवक राजू (28) दरसेड़ा गांव का रहने वाला है।

- रविवार सुबह नौ बजे वह देवी पूजा की बात कहकर घर से निकला था।

- दोपहर करीब 11 बजे उसको लोगों ने मंदिर में पूजा करते हुए देखा था। उसने गर्दन कब काटी, किसी ने नहीं देखा।

- करीब 12 बजे कुछ महिलाएं मंदिर में पूजा-अर्चना को पहुंचीं तो राजू को बेदम चौसठ देवी के चरणों में पड़ा देखा। मंदिर में खून ही खून फैला था।

- मंदिर परिसर में रामायण का पाठ कर रहे लोगों को महिलाओं ने जानकारी दी।

काली मां को चढ़ा दी अपनी जीभ

- वहीं दूसरी और रामनरेश (22) नाम के एक युवक ने काली मंदिर में जीभ काटकर चढ़ा दी।

- मानिकपुर के बाल्मीकि नगर पश्चिमी में भइयालाल के घर होली करने शनिवार को खिचरी निवासी रामनरेश ननिहाल आया था।

देवी देवताओं की बाते क्या करता था मृतक राजू

-मंदिर में जमा भीड़ ने बताया कि मृतक राजू अक्सर देवी देवताओं की बाते किया करता था।

-चौसठ देवी मंदिर में उसकी गहरी आस्था इस कदर थी कि उसे विशवास था कि माता उसका कटा सिर वापस जोड़ देंगी।

-बहरहाल, घटना के बाद चर्चा जोरों पर है।

पूरे मामले पर पुलिस ने ये कहा

- ASP चित्रकूट बलवंत सिंह चौधरी ने बताया, दोनों मामले बलि के है।

- फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्यवाही की जाएगी।

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