डीएम ने सिपाही को घोषित किया भू माफिया, डीआईजी ने किया निलबित

2 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
प्रतीकात्मक फोटो - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक फोटो
  • खाकी का रौब दिखाकर हाल ही में पांच एकड़ कृषि भूमि फर्जी तरीके से बैनामा करवाई थी
  • जांच के बाद पता चला कि उसने अब तक करीब 40 एकड़ भूमि का बैनामा करवाया है

ललितपुर. जिले में तैनात एक सिपाही को जिलाधिकारी ने \'भूमाफिया\' घोषित कर फर्जीवाड़ा कर कब्जाई गई 22 एकड़ भूमि जब्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं जिलाधिकारी द्वारा भूमाफिया घोषित करते ही डीआईजी ने सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

 

जिलाधिकारी मानवेन्द्र सिंह ने मंगलवार को बताया कि \"ललितपुर जिले के जखौरा थाना क्षेत्र के बांसी गांव निवासी सिपाही सुंदरलाल यादव मौजूदा समय में जालौन जिले में तैनात है। उसने खाकी का रौब दिखाकर हाल ही में पांच एकड़ कृषि भूमि फर्जी तरीके से बैनामा करवा ली थी, जिसकी जांच के बाद पता चला कि उसने अब तक करीब 40 एकड़ भूमि का बैनामा करवाया है। नियमानुसार बुंदेलखंड में एक व्यक्ति के नाम अधिकतम 18 एकड़ कृषि भूमि ही राजस्व अभिलेखों में दर्ज हो सकती है।\"

 

उन्होंने बताया कि \"सीमा से अधिक 22 एकड़ भूमि जब्त किए जाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।\"

 

डीआईजी झांसी सुभाष सिंह बघेल ने बताया कि जिलाधिकारी द्वारा भूमाफिया घोषित करते ही सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

 

यह है मामला

जिले के थाना बार के ग्राम वस्त्रावन निवासी राजेश राजा ने अपनी शिकायत में जिलाधिकारी ललितपुर मानवेन्द्र सिंह को बताया था कि थाना बार के ग्राम वस्त्रावन निवासी सुन्दरलाल यादव पुत्र महाराज सिंह पुलिसकर्मी है। सुंदर यादव वर्दी का रुतबा दिखाकर सीधे साधे किसानों से उनकी भूमि पर अवैध रुप से कब्जा प्राप्त कर लेता था। सुंदरलाल के विरुद्ध विभिन्न थानों में 30 से 35 मुकदमे पंजीकृत हैं। सुंदर अपने साथी महोबा के ग्राम कबरई निवासी हाकिम सिंह पुत्र सुजान सिंह के साथ मिलकर धोखाधड़ी करके जमीनें कब्जा कर रहा था।

 

पीड़िता ने यह भी बताया कि दबंग सिपाई ने उसके दो नाबालिग पुत्रों के स्थान पर उनकी जमीन पर छत्रपाल सिंह व ईश्वर पुत्रगण हाकिम सिंह के फोटो लगवाकर फर्जी रजिस्ट्री करा ली गई है। एवं उक्त भूमि पर कब्जा करने का भी प्रयास किया गया है।

 

पीडि़ता की शिकायत के बाद डीएम ने मामले की जांच करायी थी, जिसे सही पाया गया। मामला सामने आने के बाद डीएम ने सिपाही को भू मापिया घोषित कर दिया था।