पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

बुंदेलखंड में होली की धूम, लोक गायकों ने फाग कविता गाकर कोरोनावायरस को लेकर किया जागरुक

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
गीत गाकर कोरोनावायरस से बचाव का बताया उपाय।
  • गांव-गांव घूमकर गायकों की टोली लोगों को कोरोना से बचाव की दे रही नसीहत
  • जागरुकता के लिए बुंदेली कवि ईश्वरी की फाग गीतों का गायक ले रहे सहारा

महोबा. होली के मौके पर इस बार कोरोना वायरस की वजह से लोग सतर्कता बरत रहे हैं। सोमवार को महोबा जिले के करहरा गांव में बुंदेलखंड के फाग गायकों ने ढोल मंजीरे के साथ लोक गीत गाया। उन्होंने महकवि ईश्वरी की कविताओं को भी गुनगुनाया। इस दौरान लोगों ने कोरोनावायरस के प्रति जागरुक भी किया।

कौन हैं महाकवि ईश्वरी 

ये भी पढ़े
बुंदेलखंड का "दिवारी" लोकनृत्य देखेंगे ट्रम्प; भगवान कृष्ण की लीलाओं से जुड़ी है यह नृत्यविधा
झांसी जनपद के मऊरानीपुर तहसील के मेढकी गांव के एक ब्राह्माण परिवार में पैदा हुए महाकवि ईश्वरी अपनी बातों को कविताओं के माध्यम से कहा करते थे। उनकी तमाम कृतियां सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने की प्रेरणा देती हैं। लोक गायक ईश्वरी की उन्हीं रचनाओं को गाकर घर-घर कोरोनावायरस से बचाव की अपील कर रहे हैं। गायकों की टोली जिले के गांवों में घूम घूमकर लोगों को जागरुक कर रही है।