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छोटे भाई का शव लेकर DM ऑफिस पहुंचा बड़ा भाई, परिजनों ने कहा- हमारे पास नहीं थे पैसे इसलिए डॉक्टरों ने नहीं किया इलाज

स्टॉफ ने परिजनों से इलाज के लिए पांच हजार रुपए की मांग की थी।

Danik Bhaskar

Apr 20, 2018, 12:01 PM IST

बांदा. जिले के राजकीय मेडिकल कॉलेज के गुरुवार को डॉक्टरों की लापरवाही के कारण एक मासूम बच्चे की मौत हो गई। लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने कहा कि डॉक्टरों को पैसा नहीं मिला जिस कारण इलाज नहीं किया गया। बांदा देहात कोतवाली के पचनेही निवासी 5 वर्षीय विनोद को गुरुवार सुबह तेज बुखार के बाद उसके परिजन राजकीय मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे थे।

- यहां ओपीडी में इंचार्ज डॉ अनूप कुमार के स्टॉफ ने पीड़ित परिजन से पांच हजार रुपए की मांग की और पैसा देने में असमर्थता जताने पर डॉ अनूप पीड़ित मासूम का इलाज करने के बजाय राउंड में निकल गए।
- पीड़ित परिजन बच्चे को लेकर दो घंटे तक दुसरे डॉक्टरों की चौखट पर इलाज के लिए गुहार लगाते रहे, लेकिन किसी ने भी इलाज नहीं किया। विनोद की तबियत बिगड़ने पर परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे लेकिन तब तक बच्चे की मौत हो गई थी।

शव लेकर कलेक्ट्रट पहुंचा भाई
- बच्चे की मौत के बाद बड़ा भाई पुष्पराज और ब्रजराज बच्चे का शव को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचा और डीएम को अपनी फरियाद सनाई। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई का आदेश दिया, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

- डीएम दिव्य प्रकाश गिरी ने कहा कि मामले में जांच के लिए कमेठी बना दी गई है और जांच के निर्देश दिए गए हैं।

क्या कहना है मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल का?

- वहीं, इस मामले में जब मेडिकल कॉलेज के प्रिंसपल डॉ विजेन्द्रनाथ से पूछा गया तो उन्होंने अपने स्टॉफ का बचाव किया। हालांकि इमरजेंसी में तैनात डॉ अनूप के द्वारा बच्चे का प्राथमिक उपचार नहीं करने की बात उन्होंने स्वीकार की है।

मेडिकल कॉलेज का स्टॉफ पीड़ित परिजन से 5 हजार रुपए की मांग कर रहा था। मेडिकल कॉलेज का स्टॉफ पीड़ित परिजन से 5 हजार रुपए की मांग कर रहा था।
मामले में डीएम ने जांच के आदेश दिए हैं। मामले में डीएम ने जांच के आदेश दिए हैं।
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