कानपुर

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औरैया: गौहत्या के विरोध पर हुई थी दो साधुओं की हत्या, सीएम ने 48 घंटे में खुलासे का दिया था अल्टीमेटम

बीते 14 अगस्त को औरैया में दो साधुओं की मंदिर में हत्या की गयी थी जबकि एक साधू को मारकर अधमरा कर दिया गया था।

Danik Bhaskar

Aug 19, 2018, 11:49 AM IST

औरैया. बीते 14 अगस्त को औरैया में दो साधुओं की मंदिर में हत्या की गयी थी जबकि एक साधू को मारकर अधमरा कर दिया गया था। वह अभी भी अस्पताल में अपनी जिंदगी की जंग लड़ रहा है। इस मामले में पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया है। पुलिस अधिकारीयों का कहना है कि गौकशी का विरोध करने पर ही आरोपियों ने साधुओं की हत्या की थी।

साधुओं की हत्या से माहौल हुआ था खराब: औरैया के बिधुना थाना क्षेत्र स्थित कोटदार कसबे में बने भयानक नाथ मंदिर में 14 अगस्त की रात दो साधुओं की हत्या कर दी गयी थी। जिसके बाद स्थानीय इलाके का माहौल खराब हो गया था। फायरिंग पथराव और आगजनी की घटना भी हुई थी। जिस पर सीएम योगी ने सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस को 48 घंटे में घटना के अनावरण का जिम्मा दिया था। गाँव वालों का आरोप था कि यह काम गौकशों का ही है। गौकश मंदिर के पास बने टीले पर गौकशी करते हैं जिसकी शिकायत पुलिस से की जाती है लेकिन कोई कार्यवाई नहीं हुई। जबकि साधू इसका विरोध करते थे। पुलिस ने बताया कि इसलिए बीते 14 अगस्त की रात सलमान, नदीम, शहजाद, मजनू और जब्बार ने बरामदे में सो रहे लज्जाराम और हरभजन की गला रेत कर हत्या कर दी थी। वही राम शरण को गंभीर रूप से घायल कर दिया था, रामशरण का सैफई के जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है।

7 टीमों को लगाया तब पकड़े गए आरोपी: एसपी औरैया नागेश्वर सिंह के मुताबिक इस घटना के खुलासे के लिए 7 टीमो का गठन किया गया था। जिसमे स्वाट, औरैया और कानपुर क्षेत्र की क्राइम ब्रांच की टीमो को भी लगाया गया है। हमारी टीमो ने शुक्रवार को पांचों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है इनके पास से तीन मोटर साईकिल, असलहे बरामद हुए है। एसपी के मुताबिक वारदात की रात पुलिस को भ्रमित करने के लिए हत्यारों ने मंदिर का सामान अस्त व्यस्त कर इस घटना को लूट का रूप देने का भी प्रयास किया था। अभियुक्तों ने दान पात्र का ताला भी तोड़ा था।

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