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दलित उत्पीड़न मामला: दोषी पाए गए आईआईटी कानपुर के चार प्रोफेसर, 19 मार्ट को होगा फैसला

कमेटी ने 4 प्रोफेसरों को मामले में दोषी पाया है।

Danik Bhaskar | Mar 10, 2018, 11:27 AM IST
दलित प्रोफेसर ने जनवरी में उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी। फाइल दलित प्रोफेसर ने जनवरी में उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी। फाइल

कानपुर. कानपुर आईआईटी के एक दलित असिस्टेंट प्रोफेसर ने अपने ही चार वरिष्ठ प्रोफेसरों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। उत्पीड़न का मामला सामने आने के बाद आईआईटी प्रशासन में हडकंप मचा है। आईआईटी निदेशन ने तीन सदस्यी टीम का गठन किया, जिसमें चारों प्रोफेसर दोषी पाये गए हैं। आगामी 19 मार्च को बोर्ड की बैठक में इस मामले में सुनवाई की जाएगी। बता दें कि मामला जनवरी महीने का है जब दलित प्रोफेसर ने उत्पीड़न की शिकायत की थी।

- आईआईटी के पूर्व छात्र व असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ सुब्रमण्यम सडरेला ने चार वरिष्ठ प्रोफेसरों पर गंभीर आरोप लगाया था। जानकारी के मुताबिक डॉ सडरेला पर जाति सूचक कमेंट्स पास किये जाते थे। इसके साथ ही उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है व मानसिक प्रताड़ित किया जाता था। इसकी शिकायत उन्होंने संस्थान के बोर्ड सदस्यों से की थी।
- इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आईआईटी निदेशन मनिन्द्र अग्रवाल एकेटीयू के कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार के नेतृत्व में तीन सदस्यी टीम का गठन किया था। इस जांच कमेटी ने सभी के बयान दर्ज किये और अपनी रिपोर्ट तैयार की है। हालांकि रिपोर्ट को निदेशक मनिन्द्र अग्रवाल को सौंप दी गई है।

- डॉ मनिन्द्र अग्रवाल के मुताबिक इस गंभीर मामले को आगामी 19 मार्च को संसथान की बोर्ड बैठक में उठाया जायेगा। चर्चा के बाद ही कोई फैसला लिया जायेगा। बता दें कि डॉ सुब्रमण्यम सडरेला ने 1 जनवरी, 2018 को ज्वाइन किया था।

फाइल । फाइल ।