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पूर्व मंत्री का बंगला-मैरिज हॉल सीज, लोन का 69 लाख रुपए से अध‍िक था बकाया

फतेहपुर: लोन का बकाया नहीं जमा करने पर पूर्व सपा म‍िन‍िस्टर अयोध्या प्रसाद पाल के बंगले और मैर‍िज हॉल को सीज क‍िया गया।

Dainik Bhaskar

Jan 17, 2018, 05:05 PM IST
2004 से लोन का बकाया नहीं जमा करने का आरोप। 2004 से लोन का बकाया नहीं जमा करने का आरोप।

फतेहपुर. बैंक ऑफ बड़ौदा ने बुधवार को ज‍िला प्रशासन की मदद से पूर्व बीएसपी म‍िन‍िस्टर और वर्तमान में सपा नेता अयोध्या प्रसाद पाल के बंगले और मैर‍िज हॉल को सीज कर द‍िया। बताया जाता है क‍ि पूर्व मंत्री, उनकी पत्नी सह‍ित उनके पर‍िजनों ने 2002 में बैंक ऑफ बड़ौदा से 1 करोड़ 15 लाख रुपए का कर्ज लिया था। नोट‍िस भेजने के बाद भी उन्होंने उसका जवाब नहीं द‍िया। ऐसे में उनकी बंगला और मैर‍िज हॉल को साज क‍िया गया है। आगे पढ़‍िए पूरा मामला...

-जानकारी के अनुसार, सदर कोतवाली क्षेत्र के पथरकटा चौराहे स्थित पूर्व म‍िन‍िस्टर अयोध्या प्रसाद पाल के बंगले और मैर‍िज हॉल को सीज क‍िया गया है।

-बैंक ऑफ बड़ौदा के चीफ एसबी द्व‍िवेदी ने बताया, पूर्व मंत्री अयोध्या प्रसाद पाल, उनकी पत्नी शिवकली पाल के अलावा अजय पाल, संजय पाल और ओम पाल ने 2002 में बैंक ऑफ बड़ौदा से 1 करोड़ 15 लाख रुपए का कर्ज लिया था, जो पिछले 2004 से बैंक का कर्ज नहीं भर रहे थे।

-इसके ल‍िए बैंक द्वारा नोटिस भी दी गई। इसके बावजूद उन्होंने बैंक की नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया। ऐसे में ज‍िला प्रशासन की मदद से उनके बंगले और मैर‍िज हॉल को सीज क‍िया गया है।

-एसबी द्व‍िवेदी के अनुसार, उनके ऊपर इसकी बकाया राशि 69,73,138 लाख रुपए प्लस ब्याज है।

क्या कहते हैं पूर्व मंत्री के प्रत‍िन‍िध‍ि

-वहीं, इस मामले में पूर्व मंत्री अयोध्या प्रसाद पाल के प्रतिनिधि संजय सचान ने बताया, सत्ता के इशारे पर मंत्री जी के परिवार को परेशान किया जा रहा है।

-कल की डेट में नोटिस आई और आज अचानक बैंक कर्मियों द्वारा जिला प्रशासन को लेकर बंगले को सीज कर दिया गया। इसके पीछे जिले के भूमाफिया और बीजेपी नेता हैं।

ये है पूरा मामला

-धीरेन्द्र प्रताप सिंह (शिकायतकर्ता) ने बताया, 2011 में लोकायुक्त को साक्ष्य के साथ शिकायती पत्र दिया था, जिसमें उन्होंने अपने मंत्री रहते हुए कार्यकाल में अवैध तरीके से बेनामी सम्पति बनाई थी।

-2012 में प्रदेश में सपा की सरकार आने के बाद पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने एसआईटी टीम इलाहाबाद को जांच सौंपी थी। जांच से बचने के लिए पूर्व मंत्री सपा का दामन थाम लिया था, ताकि जांच से बचा जा सके।

-इसके बाद मैंने थक हारकर द‍िसंबर 2017 में हाईकोर्ट की शरण ली। जिसके बाद मामला सही पाए जाने पर हाईकोर्ट ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था।

-इसी कड़ी में बुधवार को बैंक ऑफ बड़ौता ने भी अपनी लोन अदायगी के ल‍िए उनकी बंगला और मैर‍िज हॉल सीज करने पहुंचा था।

ज‍िला प्रशासन की मदद से बैंक ऑफ बड़ौदा ने सीज क‍िया बंगला। ज‍िला प्रशासन की मदद से बैंक ऑफ बड़ौदा ने सीज क‍िया बंगला।
बैंक द्वारा चस्पा क‍िया गया नोट‍िस। बैंक द्वारा चस्पा क‍िया गया नोट‍िस।
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2004 से लोन का बकाया नहीं जमा करने का आरोप।2004 से लोन का बकाया नहीं जमा करने का आरोप।
ज‍िला प्रशासन की मदद से बैंक ऑफ बड़ौदा ने सीज क‍िया बंगला।ज‍िला प्रशासन की मदद से बैंक ऑफ बड़ौदा ने सीज क‍िया बंगला।
बैंक द्वारा चस्पा क‍िया गया नोट‍िस।बैंक द्वारा चस्पा क‍िया गया नोट‍िस।
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