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फेल नहीं बल्क‍ि सेंटर का था डर, 2nd पेपर से पहले 12th की छात्रा ने लगाई फांसी

कानपुर. यहां एक इंटर की छात्रा ने पेपर से पहले फांसी लगा ली।

Danik Bhaskar | Feb 08, 2018, 12:56 PM IST
फांसी लगाने के दूसरे दिन छात्रा ने हॉस्पि‍टल में तोड़ा दम। फांसी लगाने के दूसरे दिन छात्रा ने हॉस्पि‍टल में तोड़ा दम।

कानपुर. यहां एक इंटर की छात्रा ने पेपर से पहले फांसी लगा ली। परिजनों की नजर पड़ी तो उसे तुरंत हॉस्प‍िटल में एडमिट कराया, जहां गंभीर हालत में बुधवार को उसकी मौत हो गई। छात्रा का गुरुवार को हिंदी 2 का पेपर था।

बोर्ड पेपर से पहले ही छात्रा ने लगाई फांसी

- मामला कानपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र का है। यहां रहने वाले रविंद्र कुमार सिंह प्राइवेट नौकरी करते हैं। इनकी बेटी प्राची कैलाश नाथ बालिका इंटर कॉलेज में 12th की छात्रा थी। प्राची का सेंटर जुहारी देवी इंटर कॉलेज गया था।

- प्राची की मां ने बताया, हिंदी फर्स्ट के पेपर के बाद से बेटी डरी हुई थी। उसने मुझसे कहा था, मम्मी इतनी सख्ती है, मैं कैसे पेपर दूंगी। लेकिन मैंने उसे समझाया था कि अगर तुम्हारी तैयारी अच्छी होगी तो डरने की क्या जरुरत है।

- 6 फरवरी को मैं घर का काम कर रही थी, बीच में बेटी के कमरे में गई तो वह फंदे से झूल रही थी। उसने उसी वक्त फांसी लगाई थी, मैंने तुरंत ही उसे उतारकर शोर मचाया।

- इसके बाद बेटी को उर्सला हॉस्प‍िटल में एडमिट करवाया, जहां गुरुवार को उसने दम तोड़ दिया।

- परीक्षा केन्द्रों पर हाथों में हथियार लिए अधिक संख्या में पुलिस बल और मजिस्टेट तैनात करने थे तो कुछ महीने पहले से बच्चों की मनोवैज्ञानिक काउन्सिलिंग भी करानी चाहिए थी। ताकि बच्चों में किसी प्रकार का खौफ पैदा न हों या वे किसी तरह के मानसिक दबाव में न आएं।

इस बार सरकार ने की है ये व्यवस्था

- इस बार यूपी बोर्ड की परीक्षा को नकल विहीन बनाने के लिए सख्त कदम उठाये हैं। नकल रोकने के लिए परीक्षा केन्द्रों पर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं।

- कानून में नकल साधनों का इस्तेमाल करने और कराने वाले को जेल भेजने तक का प्रावधान है। इसके अलावा स्वकेन्द्र परीक्षाओं की जगह दूसरे स्कूलों को परीक्षा केन्द्र बनाया गया है।

- इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।