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जींस-टीशर्ट और हनी कट दाढ़ी वाले स्टूडेंट्स की क्लास में NO-एंट्री: GSVM मेडिकल कॉलेज की नई गाइड लाइन

कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज ने छात्र-छात्राओं के लिए जारी किया तुगलकी फरमान।

Dainik Bhaskar

Feb 07, 2018, 10:40 AM IST
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज ने मॉडल कोड ऑफ कंडेक्ट का पालन करने की सलाह दी है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज ने मॉडल कोड ऑफ कंडेक्ट का पालन करने की सलाह दी है।

कानपुर(यूपी). यहां के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज ने छात्र-छात्राओं के लिए एक तुगलकी फरमान जारी कर दिया है। फरमान में मॉडल कोड ऑफ कंडेक्ट का पालन करने की सलाह दी है। इसके मुताबिक, ''छात्र-छात्राएं जीन्स और टी-शर्ट पहनकर कॉलेज में प्रवेश नहीं कर सकते हैं। साथ ही हनी कट दाढ़ी रखने वाले छात्रों की क्लास में एंट्री बैन कर दी है। अगर कोई छात्र इसका गाइड लाइन को फॉलो नहीं करता है तो उसे एग्जाम में भी बैठने नहीं दिया जाएगा।'' आगे पढ़िए पूरा मामला...


- जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की नई गाइड लाइन में कुछ बदलाव भी किए गए हैं, जिसमें एमबीबीएस, एमडी व एमएस करने वाले छात्र-छात्राओं अलग-अलग कोड जारी किया है।
- साथ ही स्टूडेंट्स को लॉन्ग एप्रेन के साथ नेम प्लेट भी पहनना होगा। वहीं, फर्स्ट, सेकंड, थर्ड, फोर्थ इयर और इंटर्नशिप करने वाले स्टूडेंट्स को इसका पालन करना होगा। कॉलेज का मानना है कि इसकी मदद से पहचानने में आसानी होगी कि स्टूडेंट किस विभाग का है।

- वहीं, छात्रों के लॉन्ग और फैशनेबल हनी सिंह कट दाढ़ी रखने पर सख्त एतराज जताया गया है। सभी स्टूडेंट को अवगत करा दिया गया है कि इस तरह की दाढ़ी रखने पर स्टूडेंट्स को क्लास में एंट्री नहीं दी जाएगी। शिकायत मिलने पर उनपर कड़ी कार्यवाई की जाएगी।

- यह सभी नियम एमसीआई की गाइड लाइन के अनुसार बनाए गए हैं। अगर कोई छात्र धार्मिक मान्यता की वजह से दाढ़ी रखता है तो उसे इसकी छूट है।
- छात्र प्रभारी सीमा निगम के मुताबिक, ''मेडिकल कालेज में देश-विदेश से स्टूडेंट पढ़ने आते हैं, लेकिन पिछले कुछ सालों से कॉलेज में अनुशासन की कमी पाई गई। इसपर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने मंथन किया और अनुसाशन को ध्यान में रखते हुए इस तरह की गाइड लाइन जारी की है।''

योगी सरकार ने आते ही बदला था अफसरों की वेषभूषा
- बता दें, 19 मार्च, 2017 को योगी सरकार यूपी में आई। सूबे में निजाम बदलने के चलते कि परिषदीय स्कूलों में टीचर्स के पहनावे में बदलवा किया गया।
- परिषदीय विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता व पहनावे में सुधार के लिए दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों के जींस व टी-शर्ट पहनने पर रोक लगाई गई थी।

AMU में भी लागू हुए थे ऐसे नियम

- बता दें, 2013 में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में भी छात्राओं को जीन्स और टी-शर्ट पहनने पर रोक लगा दी गई थी। यहां कुलपति जमीर उद्दीन शाह ने संस्कार और परंपराओं का हवाला देते हुए शालीन कपड़े पहनने की हिदायत दी थी। इसके लिए उन्होंने बकायदा छात्राओं के अभिभावकों को पत्र भी लिखा था।
- पत्र में लिखा गया था कि छात्राएं संस्कारों के तहत केवल शालीन कपड़े ही पहने। उन्हें जींस और टी-शर्ट की जगह सूट-सलवार और बुर्का पहनने की सलाह दी गई है।

कॉलेज की नई गाइड लाइन- छात्र-छात्राएं जींस-टीशर्ट पहनकर कॉलेज में प्रवेश नहीं कर सकते हैं। साथ ही हनी कट दाढ़ी रखने वाले छात्रों की क्लास में एंट्री बैन कर दी है। कॉलेज की नई गाइड लाइन- छात्र-छात्राएं जींस-टीशर्ट पहनकर कॉलेज में प्रवेश नहीं कर सकते हैं। साथ ही हनी कट दाढ़ी रखने वाले छात्रों की क्लास में एंट्री बैन कर दी है।
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जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज ने मॉडल कोड ऑफ कंडेक्ट का पालन करने की सलाह दी है।जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज ने मॉडल कोड ऑफ कंडेक्ट का पालन करने की सलाह दी है।
कॉलेज की नई गाइड लाइन- छात्र-छात्राएं जींस-टीशर्ट पहनकर कॉलेज में प्रवेश नहीं कर सकते हैं। साथ ही हनी कट दाढ़ी रखने वाले छात्रों की क्लास में एंट्री बैन कर दी है।कॉलेज की नई गाइड लाइन- छात्र-छात्राएं जींस-टीशर्ट पहनकर कॉलेज में प्रवेश नहीं कर सकते हैं। साथ ही हनी कट दाढ़ी रखने वाले छात्रों की क्लास में एंट्री बैन कर दी है।
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