--Advertisement--

अरब में जॉब कर लो-बन जाओगे अमीर, सपना दिखा 5 लाख में बेचा गया एक पिता

फिर दो साल बाद लौटी कंकाल बन चुके शख्स की लाश, इंसाफ के लिए भटक रहा है ये परिवार।

Danik Bhaskar | Mar 13, 2018, 07:30 PM IST

कानपुर. तीन बेटों की जिंदगी संवारने के मकसद से साउदी अरब नौकरी करने गए शख्स की डेडबॉडी घर लौटी है। मृतक के परिजनों का कहना है कि एजेंटों ने उनसे विदेश भेजने के नाम पर ढाई लाख वसूले और फिर मृतक को एक लेबर सप्लाई कंपनी को 5 लाख रुपए में बेच दिया। साउदी से आई पीएम रिपोर्ट में नेचुरल डेथ दिखाई गई है, वहीं परिजन इसे हत्या का मामला बता रहे हैं।

अच्छी कमाई के नाम पर वसूले ढाई लाख

- बिधनू थाना क्षेत्र स्थित काकोरी गांव निवासी राम विलास मजदूरी का काम करता था। उसके परिवार में पत्नी रेखा और तीन बेटे शिव बाबु (15),सौरभ (12) और अमित (10) हैं।
- मृतक के भाई कैलाश ने बताया, "मेरे भाई का परिवार बड़ा था और मजदूरी से गुजारा नहीं चल पा रहा था। इसी टेंशन में दो साल पहले 2016 में उसकी मुलाकात मुलायम रजत और शकील नाम के दो लोगों से हुई। उन्होंने ही उसे साउदी जाकर पैसा कमाने का लालच दिया था। उन्होंने कहा कि सिर्फ एक वीजा लगेगा और ढाई लाख रुपए में पूरे परिवार के दुखदर्द खत्म हो जाएंगे।"
- "मेरा भाई जरूरतमंद था। उसने बची हुई जमापूंजि और उधार लेकर ढाई लाख रुपए का बंदोबस्त किया था। हमें नहीं पता था यह उसके लिए प्राणघातक साबित होगा।"

5 लाख में बेचा गया राम विलास

- कैलाश ने बताया, "मेरा भाई 18 फरवरी 2016 को साउदी गया था। उसने वहां से मुझे बताया कि एजेंटों ने उसका सौदा किया है। उसे एक लेबर सप्लाई कम्पनी को 5 लाख रुपए में बेच दिया गया है। वहां उससे जानवरों की तरह काम करवाया जाता था और न करने पर मारपीट की जाती थी। बेहद दयनीय हालत में था मेरा भाई।"
- "वो फोन पर गिड़गिड़ाता था- भाई एजेंट से बात कर मुझे वापस बुला लो, ये लोग मुझे आने नहीं देंगे। मैंने एजेंट शकील और रजत से बात की और पूरा मामला बताया। उन्होंने मुझे यह कहकर वापस भेज दिया कि वो भाई का ट्रांसफर दूसरी कंपनी में करवा देंगे।"
- "भाई कहता रहता था कि वो लोग उसे जिंदा नहीं लौटने देंगे। उन्होंने उसका पासपोर्ट-वीजा सब जब्त कर लिया था। एजेंट का दावा भी झूठा निकला। तब मैंने डीएम से लेकर एसएसपी और उन्हें उच्च अधिकारियों से लिखित में शिकायत की थी, लेकिन उसका भी कोई असर नहीं हुआ।"

फिर आई मौत की खबर, डेढ़ महीने बाद मिला पार्थिव शरीर

- बीते 29 जनवरी 2018 को रामविलास की मौत की सूचना उसके घरवालों को मिली थी। इसके बाद मृतक के भाई कैलाश ने दिल्ली जाकर विदेश मंत्रालय और सम्बंधित अधिकारियों से शव को स्वदेस मंगाने की गुहार लगाई थी।
- मौत के पूरे डेढ़ मीने बाद 12 मार्च को मृतक का पार्थिव शरीर लखनऊ एयरफोर्स ने परिजनों को सुपुर्द किया।
- कैलाश ने बताया, "मेरे भाई की हत्या की गई है। साउदी की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में नेचुरल डेथ की बात कही गई है। हम अपने भाई का दोबारा पोस्टमॉर्टम कराना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने इंकार कर दिया है।

पत्नी रोते हुए बोली- वो कहते थे अब बच्चों को नहीं देख पाऊंगा

- मृतक राम विलास की पत्नी ने बताया, "जब मेरे पास फोन आता था तो वो मुझे रो-रो कर अपना दर्द बताते थे। कहते थे- मुझे लगता है अब दोबारा मैं अपने घर वापस नही आ पाऊंगा। बच्चों को नहीं देख पाऊंगा। खजूर तोड़ते-तोड़ते पैर में जख्म हो गए हैं। इस वजह से पेड़ पर नहीं चढ़ पाता हूं, तो वो मुझे पीटते हैं। खाना नहीं देते और कड़ी धूप में पत्थर तुड़वाते हैं।"
- "यह सुनकर मेरे भी आंखों में आंसू आ जाते थे। अफ़सोस होता था कि मैं उनके लिए कुछ कर नहीं पाई। मेरे पति को एजेंटों ने फंसाया है।"