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20 MLA पर भारी पड़ा ये 30Yr का शख्स, आमिर खान को भी किया था परेशान

चुनाव आयोग ने 19 जनवरी को आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को अयोग्य घोषित किया है।

Danik Bhaskar | Jan 22, 2018, 02:47 PM IST

फतेहपुर. लाभ के पद मामले में चुनाव आयोग ने 19 जनवरी को आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को अयोग्य घोषित किया है। इसे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी मंजूरी दे दी है। AAP विधायकों की सदस्यता रद्द करने संबंधी अधिसूचना भी जारी कर दी गई। लेकिन, क्या आप जानते है AAP में आए इस भूचाल के पीछे आखिर किस शख्स का हाथ है? 30 साल के शख्स की वजह से नपे 20 MLA...

DainikBhaskar.com आपको बताने जा रहे हैं एक ऐसे एडवोकेट के बारे में, जिसने एक याचिका से दिल्ली के सियासी गलियारों में घमासान मचा दिया है। हम बात कर रहे हैं 30 साल के एडवोकेट प्रशांत पटेल के बारे में, जिन्होंने 19 जून 2015 को केजरीवाल के 21 विधायकों के खिलाफ लाभ का पद होने का मामला उठाया था। इसके बाद चुनाव आयोग ने शुक्रवार को दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को अयोग्य करार दिया और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी इसे उद्घोषित कर दिया।

इस फिल्म के खिलाफ की थी FIR

ये कोई पहला मामला नहीं है जब प्रशांत पटेल उमराव सुर्खियों में छाए हैं। इससे पहले भी प्रशांत ने कई नामी हस्तियों और संगठनों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की है। प्रशांत ने आमिर खान और डायरेक्टर राजकुमार हिरानी के खिलाफ भी फिल्म PK में हिंदू देवी देवताओं का गलत चित्रण करने को लेकर FIR दर्ज करवाई थी। इतना ही नहीं जेएनयू में हुई नारेबाजी के मामले में कन्हैया कुमार ने जब बेल की अर्जी दी थी, तब भी पटेल इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए थे।

30 साल में हालिस किया ये मुकाम

इस समय देश के राजनीतिक गलियारों में प्रशांत का नाम काफी जोर-शोर से गूंज रहा है। वहीं, हम आपको बताने जा रहे हैं कि कैसे यूपी के एक छोटे से जिले में जन्में

शख्स ने महज 30 साल की उम्र में ये नाम और मुकाम हासिल कर लिया।

इन मामलों की वजह से प्रशांत को एक अलग पहचान मिली है-

21 MLAs के खिलाफ रिपोर्ट

- बता दें कि प्रशांत ने 19 जून 2015 को केजरीवाल सरकार के 21 विधायकों के खिलाफ राष्ट्रपति को 100 पन्नों की रिपोर्ट भेजी थी, जिसमें सभी विधायकों के पास लाभ का पद होने की बात थी।

- तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने मामला चुनाव आयोग को भेज दिया था। 16 मार्च 2016 को EC ने सभी MLAs को नोटिस भेजा और 19 जनवरी 2018 को 20 विधायकों को अयोग्य करार दे दिया। इस पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी मुहर लगा दी।

आमिर के खिलाफ FIR

- प्रशांत पहले शख्स थे जिन्होंने 2014 में बॉलीवुड फिल्म PK में हिंदू देवी देवताओं के अपमान के खिलाफ फिल्म के निर्माता राजू हिरानी और एक्टर आमिर खान के ऊपर एफआईआर दर्ज कराई थी।

कन्हैया कुमार के खिलाफ पहुंचे SC

- 2016 में जेएनयू में हुई नारेबाजी के मामले में कन्हैया कुमार ने जब बेल की अर्जी दी थी, तब प्रशांत ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट में कई अर्जी दी थी।

गैर-मुस्लिम स्टूडेंट्स के लिए उठाई आवाज

- जब, जून 2017 में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में गैर-मुस्लिम छात्रों को रमदान के दौरान नाश्ता और लंच ना मिलने का मामला सामने आया तो प्रशांत ने इसे जोर-शोर से मीडिया और समाज के सामने रखा। इसके बाद छात्रों को सुविधाएं मिलने लगी।

RSTV का उठाया था मुद्दा

- प्रशांत ने बताया, "उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी के कार्यकाल के दौरान RSTV में अयोग्य पत्रकारों को अच्छी सैलरी पर नौकरी दी जा रही थी। इस मामले को मैंने उजागर किया। वेंकैया नायडु के उप राष्ट्रपति बनते ही कई लगो यहां से हटाए गए।"

आरोपी डॉक्टर को पहुंचाया जेल

- "अगस्त 2017 में गोरखपुर के BRD मेडिकल कॉलेज में 60 से ज्यादा बच्चों की मौत के बाद मीडिया में हीरो बने डॉक्टर कफील खान की सच्चाई मैंने सोशल मीडिया के जरिए दुनिया के सामने रखी। इसके बाद डॉक्टर की गिरफ्तारी हुई।"

आगे की स्लाइड्स में जानें कैसे ये छोटे शहर का लड़का पहुंचा इस मुकाम तक...