कानपुर

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ऐसा है बाबा के काले कारनामों का चिट्ठा, 34 सालों से यहां चल रहा है गंदा खेल

सीबीआई टीम ने वीरेंद्र देव दीक्षित के दिल्ली आश्रम में कार्रवाई कर 41 लड़कियों को छुड़ाया।

Danik Bhaskar

Dec 22, 2017, 05:51 PM IST
आश्रम की गतिविधियों और बाबा की संपत्ति को लेकर सीबीसीआइडी और आयकर विभाग की टीम भी जांच कर चुकी है। आश्रम की गतिविधियों और बाबा की संपत्ति को लेकर सीबीसीआइडी और आयकर विभाग की टीम भी जांच कर चुकी है।

फर्रुखाबाद. दिल्ली के एक आश्रम में महिलाओं और नाबालिगों के कथित यौन शोषण का खुलासा हुआ है। गुरुवार को सीबीआई टीम ने आश्रम में 9 घंटे तक कार्रवाई कर 41 लड़कियों को छुड़ाया। वहीं, इस बाबा का यूपी से पुराना नाता रहा है। फर्रुखाबाद के कंपिल स्थित आध्यात्मिक ईश्वरीय विश्वविद्यालय नाम के आश्रम में भी बाबा द्वारा दर्जनों लड़कियों को अपने हवस का शिकार बनाने के मामले दर्ज हैं। 19 साल पहले सामने सामने आया पहला मामला...

बता दें कि मूल रूप से फर्रुखाबाद निवासी वीरेंद्र देव दीक्षित का कंपिल के गंगा रोड पर भव्य आश्रम है। ये आश्रम 19 साल पहले कोलकाता की एक लड़की के अपहरण और उसके साथ दुष्कर्म के आरोपों की वजह से पहली बार चर्चा में आया था। उसके बाद इस आश्रम पर कई बार आरोप लगे की यहां लड़कियों का यौन शोषण होता रहा है। वहीं, वीरेंद्र देव के विरुद्ध यौन उत्पीड़न, पुलिस मुठभेड़ और कई अन्य संगीन धाराओं में आधा दर्जन मुकदमे दर्ज हैं।

34 सालों से चल रहा आश्रम

गौरतलब है कि कंपिल के मोहल्ला चौधरियान में वीरेंद्र देव का आश्रम पिछले 34 सालों से चल रहा है। आश्रम आज तीन मंजिला और भव्य रूप में है, लेकिन यहां युवतियों कि बड़ी संख्या में मौजूदगी से ये आश्रम हमेशा से शक के घेरे में रहा।

कब-कब दर्ज हुए मामले और क्या है स्टेटस

फर्रुखाबाद एसपी मृगेंद्र सिंह के मुताबिक, वीरेंद्र देव दीक्षित के खिलाफ 1998 में 7 मुकदमें दर्ज हुए थे। दुष्कर्म के 6 मामलों में चार्जशीट दाखिल हुई थी। जबकि आश्रम की तरफ से जो एक एफआईआर पुलिस के खिलाफ दर्ज कराई थी उस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाई जा चुकी है।

-30 मार्च 1998 को कोलकाता की युवती के माता-पिता ने कंपिल थाने में पुत्री को जबरन आश्रम में बंधक बनाकर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। पुलिस ने आश्रम के 11 सेवादारों को शांतिभंग की धारा में बंद कर पीड़िता को नारी निकेतन भेजा था।

-इसके बाद 3 अप्रैल 1998 को अहमदाबाद के एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि उसकी बेटी के साथ आश्रम में दुष्कर्म किया गया था।

-पुलिस ने 16 अप्रैल 1998 को मथुरा की महिला की तहरीर पर आश्रम के तीन लोगों के विरुद्ध दुष्कर्म का मामला दर्ज किया था। पुलिस ने वीरेंद्र की गिरफ्तारी के लिए आश्रम में छापा मारा, तो उसके चेले पुलिस से भिड़ गए।

-वहीं, पुलिस ने कई धाराओं में वीरेंद्र देव, सेवादार रवींद्र दास, जगन्नाथ, महेश, जनार्दन, मनोरंजन, कोपली, शांता बहन सहित आठ लोगों के विरुद्ध संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।

-17 अप्रैल को दिल्ली की शाहदरा निवासी महिला की तहरीर पर वीरेंद्र देव सहित आधा दर्जन लोगों के विरुद्ध दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज हुआ।

बता दें कि आश्रम की गतिविधियों और संपत्ति को लेकर सीबीसीआइडी और आयकर विभाग की टीम भी जांच कर चुकी है।

'बाबा के ठिकानों पर करेंगे छापेमारी'

फर्रुखाबाद के एसपी मृगेंद्र सिंह के मुताबिक, वीरेंद्र देव दीक्षित के जिले में कई स्थान जो पहले से ही चिन्हित हैं। वहां से बरामद लड़कियों को उनके परिजनों को सौंपने का प्रयास किया गया था, लेकिन उस प्रकरण में पुलिस को सघन आदेश प्राप्त हुआ इसलिए कार्रवाई रोकनी पड़ी। दिल्ली मामले के बाद अब हम भी बाबा के यहां के ठिकानों पर छापेमारी करेंगे।

बांदा में भी पुलिस ने की छापेमारी

वहीं, बांदा एसपी शालनी ने बताया, यौन उत्पीड़न के कई मामले में पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी बाबा वीरेंद्र देव के बांदा स्थित आश्रम में पुलिस ने छापेमारी की। पुलिस को सूचना मिली थी कि आश्रम में बाबा कुछ नाबालिग लड़कियों के साथ मौजूद है, लेकिन तलाशी में कुछ भी हाथ नहीं लगा।

ये है फर्रुखाबाद का आध्यात्मिक ईश्वरीय विश्वविद्यालय। ये है फर्रुखाबाद का आध्यात्मिक ईश्वरीय विश्वविद्यालय।
बाबा के खिलाफ फर्रुखाबाद में आधा दर्जन रेप के मामले दर्ज हैं। बाबा के खिलाफ फर्रुखाबाद में आधा दर्जन रेप के मामले दर्ज हैं।
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