--Advertisement--

एक साल बाद कोई अफसर बात करने आया है: ये बोलते प्रिंसिपल की पत्नी के छलक गए आंसू

मंगलवार को NIA की टीम ने प्रिंसिपल मर्डर केस से जुड़ी जानकारियों को जुटाया। टीम ने प्रिंसिपल के परिजनों से बात की।

Danik Bhaskar | Dec 20, 2017, 10:51 AM IST
24 अक्टूबर 2016 को रिटायर्ड प्रिंसिपल रमेश चंद्र शुक्ल की गोली मारकर हत्या कर दी थी। 24 अक्टूबर 2016 को रिटायर्ड प्रिंसिपल रमेश चंद्र शुक्ल की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

कानपुर. 24 अक्टूबर 2016 को रिटायर्ड प्रिंसिपल रमेश चंद्र शुक्ल की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस चकेरी थाने में दर्ज किया गया था। उसके कुछ दिनों बाद सुरक्षा एजेंसियों ने आंतकी सैफुल्लाह को मुठभेड़ के दौरान मार गिराया था। जांच में इस बात का पता चला था कि आतंकियों ने हथियारों की टेस्टिंग के लिए प्रिंसिपल की हत्या की थी। इस मामले में मंगलवार को एनआईए की टीम ने परिजनों से बात की। हम अकेले पड़ गए...

-DainikBhaskar.com से बात करते हुए प्रिंसिपल रमेश चन्द्र शुक्ल के छोटे बेटे अक्षय शुक्ल ने कहा, "हमारे परिवार में कुल 5 लोग हैं। मेरा छोटा भाई दिल्ली के एक स्कूल में प्राइवेट टीचर हैं। दो बहनें पूजा और आरती है। पूजा की शादी हो गई है। हमारा परिवार पापा के रहने तक खुशी का जीवन बीता रहे थे। अचानक पिता का साया उठ जाने के बाद हम सब अकेले हो गए।"

-अक्षय ने कहा, "पापा के जाने के बाद हम सिर्फ एक ही बात चाहते हैं, जो भी आतंकी बचे हो उन्हें कड़ी सजा मिले। पापा के चले जाने के बाद हमारे घर की आर्थिक स्थिति खराब हो गई। पापा ने जो रुपए जमा किए थे। उसी पैसे से किसी तरीके से घर चल रहा है।"

-जब बेटा अपनी बात बता रहा था,तब मां मीना शुक्ला के आंसू छलक पड़े। उन्होंने कहा, "पति के चले जाने के बाद उनका बेटा उन्हें संभालने में लगा है। हम चाहते हैं कि हमारे साथ जो हुआ, वो किसी के साथ ऐसा न हो। उन आतंकियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए।"

-"हम इस मामले में सीएम योगी से भी मिलेंगे। हम अपने बच्चे के लिए नौकरी और आरोपियों की फांसी की मांग करेंगे। ऐसा पहली बार हुआ है, जब पति की हत्या के बाद कोई अफसर इसके बारे में पूछताछ करने आया हो।"

पापा की मर्डर का वीडियो सीरिया भेजा
-अक्षय ने बताया, "जब ये घटना हुई, उस वक्त में कॉलेज में था। हमारे पास में रहने वाले लोगों ने बताया कि पापा का एक्सीडेंट हो गया है। मैं लोगों के साथ पहले जाजमऊ चौकी के पास गया, फिर वहां से कांशीराम हॉस्पिटल जाने को कहा गया। जब मैं वहां पहुंचा, तब तक पापा की डेथ हो चुकी थी।"
- "उस वक्त पता चला किसी अज्ञात शख्स ने गोली मारकर हत्या कर दी है। हमने चकेरी थाने में अज्ञात नाम से एफआईआर दर्ज करा दी है। हमारी कोई मदद के लिए आगे नहीं आया है।"
-"कुछ महीने बाद लखनऊ में हुए आतंकी मुठभेड़ में सैफुल्लाह के मारे जाने के बाद एटीएस और पुलिस ने साथियों को पकड़ा, तब जाकर हत्या का खुलासा हुआ।"
- "बताया गया कि सीरिया में जाकर आईएसआईएस की भर्ती में जाने के लिए टेस्टिंग के लिए उन्होंने ऐसा किया।"
- "उन्होंने ऐसा सोचा था कि, जो भी पहला व्यक्ति उस रोड से गुजरेगा उसी पर हमें गोलियां चलानी है। नई पिस्टल की टेस्टिंग के लिए सभी वाजिदपुर के पास पहुंच गए थे, जहां पर उन्होंने प्रिंसिपल की हत्या कर दी। उसका वीडियो बनाकर उसे सीरिया भी भेजा था। तब जाकर हम सभी को पता चला कि पिताजी की मौत आतंकियों की गोलियों से हुई है।"

इस मामले में अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस चकेरी थाने में दर्ज किया गया था। इस मामले में अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस चकेरी थाने में दर्ज किया गया था।
अक्षय ने बताया- पापा ने जो रुपए जमा किए थे। उसी पैसे से किसी तरीके से घर चल रहा है। अक्षय ने बताया- पापा ने जो रुपए जमा किए थे। उसी पैसे से किसी तरीके से घर चल रहा है।
पत्नी मीना शुक्ला ने बताया- हम इस मामले को लेकर योगी से मिलेंगे। पत्नी मीना शुक्ला ने बताया- हम इस मामले को लेकर योगी से मिलेंगे।