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भुलकर भी ना करें ये गलती, एक चुक से हो सकता है करोड़ों का नुकसान

अस्पताल के आईसीयू में भर्ती महेन्द्र तिवारी को ब्रेन ट्यूमर हुआ था।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Dec 30, 2017, 07:31 PM IST

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    हैलट अस्पताल के एमआरआई मशीन में फंसा ऑक्सीजन सिलेंडर।

    कानपुर. यहां स्थित हैलेट अस्पताल में कर्मचारियों की लापरवाही के चलते एमआरआई मशीन में ऑक्सीजन सिलेंडर अचानक चिपक गया। जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। आनन-फानन में डॉक्टरों ने मरीज को एमआरआई रूम से बाहर निकाला। फिलहाल, एक बड़ा हादसा होने से टल गया। मरीज को लगा था ऑक्सीजन सिलेंडर...

    - हैलट अस्पताल के अंदर रियायती दामों पर मरीजों का एमआरआई और सीटी स्कैन कराने के लिए सरकार ने प्राइवेट सेंटर खोला है।
    - अस्पताल के आईसीयू में भर्ती महेन्द्र तिवारी को ब्रेन ट्यूमर हुआ था।
    - वार्डबॉय एमआरआई कराने गए मरीज के साथ ही ऑक्सीज़न सिलेंडर लेकर कंसोईल रूम में घुस गया। अंदर जाते ही मशीन ने सिलेंडर को अपनी तरफ खींच लिया, जिससे सिलेंडर मशीन में चिपक गया। जिससे मशीन बंद हो गई और वहां हड़कंप मच गया।
    - अस्पताल के मैनेजिंग डायरेक्टर एके पाण्डेय का कहना है कि मशीन ठीक होने में लगभग एक सप्ताह से अधिक का समय लगेगा। जब तक मशीन ठीक नहीं हो जाती तब तक मरीजों को बाहर से एमआरआई और सीटी स्कैन कराना होगा।

    50 लाख रुपए का नुकसान होने की आशंका
    - बता दें, मशीन के आस-पास का एरिया तीव्र चुम्बकीय क्षेत्र वाला होता है। यहां लोहा समेत किसी भी धातु का सामान ले जाना मना होता है।
    - विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक मशीन को बंद करके उसका चुंबकीय क्षेत्र खत्म नहीं किया जाएगा, तब तक सिलेंडर को नहीं निकाला जा सकता। यह काम कंपनी के इंजीनियर के आने के बाद ही होगा। इसमें एक सप्ताह या उससे अधिक का समय भी लग सकता है।
    - बताया जा रहा है कि 5 करोड़ से भी अधिक लागत की एमआरआई मशीन 3 टेस्ला पावर की है। यह काफी शक्तिशाली चुंबकीय शक्ति वाली है। इसको सही करने में करीब 50 लाख रुपए का नुकसान होने की आशंका है।


    पीजीआई और लोहिया में भी हो चुका है हादसा
    - बता दें, इससे पहले लखनऊ स्थित एसजीपीजीआई में 20 सितंबर 2012 को ऐसा हादसा हो चुका है। वहां एमआरआई मशीन के अंदर ऑक्सीजन सिलेंडर फंस गया था। तीमारदार की गलती से हुई इस घटना के कारण किसी की जान नहीं गई थी। लेकिन 5 करोड़ रुपए की मशीन क्षतिग्रस्त हो गई थी।
    - वहीं, 02 जून 2017 को डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में खादी ग्राम उद्योग मंत्री सत्यदेव सिंह पचौरी के गनर (सैडो) मुकेश शर्मा की पिस्टल एमआरआई मशीन में फंस गई थी। मशीन वाले कमरे में लोहा समेत किसी भी धातु का सामान ले जाना मना होता है।
    - बार-बार रोके जाने के बावजूद मुकेश नहीं माना और पिस्टल लेकर कंसोईल रूम में घुस गया। अंदर जाते ही उसकी कमर में लगी पिस्टल खिंचकर मशीन में जा घुसी थी।

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    मशीन के आस-पास का एरिया तीव्र चुम्बकीय क्षेत्र वाला होता है।
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    02 जून 2017 को डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में खादी ग्राम उद्योग मंत्री सत्यदेव सिंह पचौरी के गनर की पिस्टल एमआरआई मशीन में फंस गई थी।
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