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पुलिस की पड़ी रेड तो यूं छिपाना पड़ा FACE, 1 लाख रुपए में होता था ये काम

कानपुर में एक पीड़ित युवक की शिकायत पर पुलिस ने फेक डिग्रियां बनाने वाले सेंटर पर छापा मारा।

Danik Bhaskar | Dec 22, 2017, 03:23 PM IST
पीड़ित युवक की शिकायत पर पुलिस ने फेक डिग्रियां बनाने वाले सेंटर पर छापा मारा। पीड़ित युवक की शिकायत पर पुलिस ने फेक डिग्रियां बनाने वाले सेंटर पर छापा मारा।

कानपुर(यूपी). यहां गुरुवार को एक पीड़ित युवक की शिकायत पर पुलिस ने फेक डिग्रियां बनाने वाले सेंटर पर छापा मारा। अंदर का नजारा देख सभी हैरान रह गए। सेंटर में 9 लड़कियां और 3 युवक काम करते थे, जो मोबाइल से कॉल कर लोगों का फंसाते थे। छापे में ऑफिस से लेपटाप, प्रिंटर, फर्जी आईडी, मार्कशीट और डिग्रियां बरामद हुई। लेकिन मुख्य आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लगा। डिग्रियों के अलग-अलग रेट...

- मामला किदवई नगर थानाक्षेत्र का है। यहां स्थित पेसिफिक सलूशन ऑफिस का ओनर कमल कुमार गुप्ता नौबस्ता के यशोदानगर में रहने वाला है।

- पीड़ित आनंद ने बताया, ''एक साल पहले कमल गुप्ता से मरी मुलाकात उसके गोविन्द नगर स्थित माक्सवेल एजुकेशन सेंटर में हुई थी। उसने कहा था कि किसी भी यूनिवर्सिटी से कोई भी डिग्री चाहिए हो तो मिल जाएगी।''

- ''एमबीए की डिग्री के लिए 20 हजार, बीएससी की 30 हजार, पॉलिटेक्निक के लिए 60 हजार का डिग्रियों के लिए अलग-अलग रेट है।''

- ''मुझसे उन्होंने एक लाख 12 हजार रुपए लिए और उसके बदले पॉलिटेक्निक, बीएससी और एमबीए की डिग्री एक महीने बाद मिली। इस डिग्री के जरिए रेलवे में अप्लाई किया।''

- ''जब वेरिफिकेशन हुआ तो मेरी डिग्री फर्जी साबित हो गई। इसके बाद मैं गोविन्द नगर स्थित पुराने ऑफिस पर तलाशते हुए गया, लेकिन वो मुझे नहीं मिला।''

RTI में भी सामने आई FAKE डिग्री

- '' पॉलिटेक्निक की डिग्री गुहाटी असम यूनिवर्सिटी की थी। मैंने एक आरटीआई डाली, लेकिन जब जवाब आया तो उसमें भी फर्जी साबित हुई।''
- ''यह देखकर मैं हैरान रह गया। फिर मैंने धोखेबाज की तलाश करनी शुरू कर दी। मुझे पता चला कि वो नाम बदलकर किदवई नगर में अपना ऑफिस बनाए हुए है।''
- '' पुलिस को इसकी जानकारी दी और ऑफिस पर छापा मरवाया। यहां पर बड़ी संख्या में कर्मचारी काम कर रहे थे।''
- ऑफिस में काम करने वाली लड़की ने बताया, ''5 हजार रुपए की सैलरी में हम लोग काम करते हैं। फर्जी डिग्री की कोई जानकारी नहीं है। हमारा काम सिर्फ इनता है कि लोगों को कॉल करके जानकारी दे कि किसी भी यूनिवर्सिटी की डिग्री आपको मिल सकती है। घर बैठे ही एमबीए, बीबीए कर सकते हैं।''


क्या कहना है पुलिस का ?
- सीओ बाबुपुरवा अजीत कुमार रजत के मुताबिक, ''एक फर्जी डिग्री बनाने वाला मामला आया है। एक शिकायतकर्ता की कंप्लेनपर छापेमारी की गई। जहां से 100 से ज्यादा फेक डिग्रियां बरामद हुई है। पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है।''

सेंटर में 9 लड़कियां और 3 युवक काम करते थे, जो मोबाइल से कॉल कर लोगों का फंसाते थे। सेंटर में 9 लड़कियां और 3 युवक काम करते थे, जो मोबाइल से कॉल कर लोगों का फंसाते थे।
पीड़ित आनंद ने बताया- एक साल पहले जालसाज से मुलाकात हुई। उसने कहा कि किसी भी यूनिवर्सिटी की डिग्री चाहिए हो तो मिल जाएगी। पीड़ित आनंद ने बताया- एक साल पहले जालसाज से मुलाकात हुई। उसने कहा कि किसी भी यूनिवर्सिटी की डिग्री चाहिए हो तो मिल जाएगी।
सीओ अजीत कुमार रजत के मुताबिक- शिकायतकर्ता की कंप्लेनपर छापेमारी की गई। जहां से 100 से ज्यादा फेक डिग्रियां बरामद हुई है। सीओ अजीत कुमार रजत के मुताबिक- शिकायतकर्ता की कंप्लेनपर छापेमारी की गई। जहां से 100 से ज्यादा फेक डिग्रियां बरामद हुई है।
छापे में ऑफिस से लेपटाप, प्रिंटर, फर्जी आईडी, मार्कशीट और डिग्रियां बरामद हुई। छापे में ऑफिस से लेपटाप, प्रिंटर, फर्जी आईडी, मार्कशीट और डिग्रियां बरामद हुई।