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मुस्लिम महिलाओं के लिए रोल मॉडल है ये महिला, ऐसे हासिल किया ये मुकाम

लोकसभा में ट्रिपल तलाक बिल पास होने से खुश हूं, लेकिन सजा के प्रावधान से चिंतित- डॉ. हीना

Dainik Bhaskar

Dec 30, 2017, 08:25 PM IST
यूपी की पहली महिला काजी हैं डॉ. हीना जहीर नकवी। यूपी की पहली महिला काजी हैं डॉ. हीना जहीर नकवी।

कानपुर. लोकसभा में 'ट्रिपल तलाक' बिल पास होने के बाद जहां एक ओर मुस्लिम महिलाओं में खुशी का माहौल है। वहीं, कुछ ऐसी मुस्लिम महिलाएं भी हैं जो इस बिल में मौजूद सजा के प्रावधान को लेकर चिंतित हैं। इन्हीं महिलाओं में शामिल हैं यूपी की डॉ. हीना जहीर नकवी। वैसे तो हीना एस बिल के पास होने से खुश हैं लेकिन वो इसे अधूरा बता रही हैं। 'कम्प्लीट कानून बनना चाहिए...'

हीना का कहना है कि इस बिल के तहत अगर किसी महिला का शौहर 3 साल तक जेल में रहेगा तो लड़की क्या करेगी? वो अपने बच्चे के साथ सड़क पर भटकने को मजबूर हो जाएगी। सरकार को कम्प्लीट कानून बनाना चाहिए।

मुस्लिम महिलाओं के लिए बनीं रोल मॉडल

बता दें कि हीना यूपी की पहली महिला काजी हैं और ट्रिपल तलाक के विरोध में काफी लंबे समय से अपनी आवाज बुलंद करती रही हैं। इतना ही नहीं डॉ. हीना मुस्लिम महिलाओं के लिए रोल मॉडल के तौर पर भी जानी जाती हैं। DainikBhaskar.com से खास बातचीत में हीना ने अपनी पर्सनल लाइफ से जुड़ी बातें शेयर कीं।

'पिता ने बेटों की तरह पाला'

मूल रूप से मुरादाबाद की रहने वाली डॉ. हीना बताती हैं कि उनके पिता एक प्रतिष्ठित वकील थे। उन्होंने कभी अपनी दोनों बेटियों की परवरिश में कोई कसर नहीं छोड़ी। हमेशा उनको बेटों की तरह पाला और आगे बढ़ने और समाज में अच्छी पहचान बनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

'उर्दू, फारसी और अरबी पर अच्छी कमांड'

-डॉ. हीना ने शुरुआत से ही अच्छे स्कूलों से पढ़ाई की और उर्दू, फारसी और अरबी पर अच्छी कमांड पा ली।
-हीना ने 11 साल की ऊम्र में पहली बार एक मंच पर भाषण दिया था, उस दौरान वो थोड़ी नर्वस थीं, लेकिन उसके बाद उन्हें कभी हिचकिचाहट नहीं हुई।
-उन्होंने ग्रेजुएशन के बाद पीजी और फिर बीएड किया।
-31, मार्च 1990 को उनकी शादी कानपुर के डॉ. मजहर अब्बास नकवी से हुई।
-उनके पति एक मैनेजमेंट कॉलेज के डायरेक्टर और प्रोफेसर हैं।
-शादी के बाद उन्होंने कई स्कूलों में टीचिंग भी की।
-डॉ. हीना के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा फ्रांस की एक कंपनी में इंजीनियर है तो छोटा बेटा माइक्रोसॉफ्ट में असिस्टेंट एडिटर है।
-पढ़ाई छोड़ने के 20 साल बाद हीना ने मैनेजमेंट की पढ़ाई की और मैनेजमेंट कॉलेज की प्रोफेसर बनीं।
-इसके साथ ही वो बच्चों को स्पिरिचुअल क्लासेज भी देती हैं।

प्रोफेशनल लाइफ के साथ हाउस वाइफ भी हैं

-डॉ हीना एक प्रोफेसर और काजी होने के साथ-साथ हाउस वाइफ भी हैं।

-घर में सर्वेंट होने के बावजूद हीना अपना काम खुद करती हैं। सुबह पति के लिए टिफिन तैयार करना, कपड़े धुलना और इसके बाद तैयार होकर कॉलेज पहुंचना।
-इसके बाद शाम को कई लोग उनके पास अपनी समस्याएं लेकर आते हैं, जिन्हें हीना सॉल्व करती हैं।
-हीना बताती है कि उनके पति ने उन्हें लाइफ के हर मोड़ पर सपोर्ट किया और प्रोफेशनल फ्रंट पर आगे बढ़ने के लिए हमेशा मोटिवेट किया।

'हमारे पास काजी होने का अकबरनामा'

-डॉ. हीना ने बताया, मैं यूपी की पहली महिला काजी हूं। मेरा खानदान ही काजी से संबंधित है। हमारे पास काजी होने का अकबरनामा है।
-'मेरे द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों को ध्यान में रखते हुए, मुझे 2015 में काजी बनाया गया था।'
-'मेरी आइडियोलॉजी है कि जियो और जीने दो, जीने का सलीका सिखा कर जाओ, तो तुम मरकर भी अमर हो जाओगे।'

मैनेजमेंट कॉलेज में प्रोफेसर भी हैं डॉ. हीना जहीर नकवी। मैनेजमेंट कॉलेज में प्रोफेसर भी हैं डॉ. हीना जहीर नकवी।
ट्रिपल तलाक पर सरकार को कम्प्लीट कानून बनाना चाहिए- डॉ. हीना जहीर नकवी। ट्रिपल तलाक पर सरकार को कम्प्लीट कानून बनाना चाहिए- डॉ. हीना जहीर नकवी।
स्टूडेंट्स को स्पिरिचुअल क्लासेज देती हैं डॉ. हीना जहीर नकवी। स्टूडेंट्स को स्पिरिचुअल क्लासेज देती हैं डॉ. हीना जहीर नकवी।
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यूपी की पहली महिला काजी हैं डॉ. हीना जहीर नकवी।यूपी की पहली महिला काजी हैं डॉ. हीना जहीर नकवी।
मैनेजमेंट कॉलेज में प्रोफेसर भी हैं डॉ. हीना जहीर नकवी।मैनेजमेंट कॉलेज में प्रोफेसर भी हैं डॉ. हीना जहीर नकवी।
ट्रिपल तलाक पर सरकार को कम्प्लीट कानून बनाना चाहिए- डॉ. हीना जहीर नकवी।ट्रिपल तलाक पर सरकार को कम्प्लीट कानून बनाना चाहिए- डॉ. हीना जहीर नकवी।
स्टूडेंट्स को स्पिरिचुअल क्लासेज देती हैं डॉ. हीना जहीर नकवी।स्टूडेंट्स को स्पिरिचुअल क्लासेज देती हैं डॉ. हीना जहीर नकवी।
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