Hindi News »Uttar Pradesh News »Kanpur News» Special Story On Help Us Green Company In Kanpur

सड़े हुए फूलों का बिजनेस कर बनाई करोड़ों की कंपनी, ऐसे आया था Idea

DainikBhaskar.com | Last Modified - Feb 02, 2018, 06:21 PM IST

अंकित की हेल्प अस ग्रीन कंपनी का सालाना टर्नओवर आज सवा दो करोड़ रुपए है।
  • सड़े हुए फूलों का बिजनेस कर बनाई करोड़ों की कंपनी, ऐसे आया था Idea
    +3और स्लाइड देखें
    इनकी कंपनी आज कानपुर के 29 मंदिरों से रोज 800 किलो बेकार फूल इकट्ठा कर जैविक वर्मिकंपोस्ट में बदलती है।

    कानपुर. यूपी के कानपुर मुख्यालय से 25 किमी की दूरी पर भौंती गांव में 'हेल्प अस ग्रीन' कम्पनी का ऑफिस है। ये वो कंपनी है जो कानपुर के 29 मंदिरों से रोज 800 किलो बेकार फूल इकट्ठा करती है, फिर उन्हें अगरबत्तियों और जैविक वर्मिकंपोस्ट में बदलती है। अंकित अग्रवाल और करण रस्तोगी की कंपनी की बदौलत ही आज कानपुर के मंदिरों में चढ़ाया जाने वाला एक भी फूल नदी-नालों में नहीं फेंका जाता। 72 हजार रुपए से शुरू हुई इस कंपनी का सालाना टर्नओवर आज सवा 2 करोड़ रुपए है। अंकित ने DainikBhaskar.com से खास बातचीत में अपने एक्सपीरियंस शेयर किए।

    ऐसे आया आइडिया

    - 28 साल के अंकित बताते हैं- "मैं अपने एक दोस्त के साथ 2014 में कानपुर के बिठूर मंदिर में दर्शन करने गया था। गंगा तट पर सड़ते हुए फूलों और गंदा पानी पीते हुए लोगों को देखा था।"

    - "एक तो फूल सड़कर पानी को गंदा कर रहे थे और फूलों पर डाले जाने वाले कीटनाशक पानी में रहने वाले जीवों के लिए भी खतरनाक थे।"

    - उन्होंने बताया कि "मेरे दोस्त ने मुझे गंगा की तरफ दिखाते हुए बोला कि तुम लोग इसके लिए कुछ करते क्यों नहीं। तभी मन में ऐसा आइडिया आया कि क्यों न कुछ ऐसा काम शुरू किया जाए, जिससे प्रदूषण भी खत्म हो जाए और हमारी इनकम भी हो।"

    आगे की स्लाइड्स में जानें कैसे अंकित का एक आइडिया आज नदी को प्रदूषण से बचा रहा है और उन्हें अच्छी इनकम भी दे रहा है...

  • सड़े हुए फूलों का बिजनेस कर बनाई करोड़ों की कंपनी, ऐसे आया था Idea
    +3और स्लाइड देखें

    लोगों ने मजाक उड़ाया

    - अंकित अग्रवाल ने बताया- "मेरा दोस्त करण फॉरेन से पढ़कर इंडिया वापस आया था। तब मैंने उसे अपने आइडिया के बारे में बताया। हम दोनों ने गंगा में फेके जा रहे फूलों पर बात की। हमने तय कर लिया था कि हमें नदियों को हर हाल में प्रदूषण से बचाने के लिए कुछ अलग करना होगा।"

    - "जब हमने लोगों को बताया कि हम नदियों को फूलों से होने वाले प्रदूषण से बचाने के लिए कुछ अलग काम करना चाहते है। तब लोगों ने हमारा मजाक उड़ाया था, लेकिन हमने किसी की परवाह नहीं की।"

  • सड़े हुए फूलों का बिजनेस कर बनाई करोड़ों की कंपनी, ऐसे आया था Idea
    +3और स्लाइड देखें

    72 हजार रुपये से शुरू की कम्पनी

    - अंकित बताते हैं- "2014 तक मैं पुणे की एक सॉफ्टवेयर कंपनी में ऑटोमेशन साइंटिस्ट के रूप में काम कर रहा था। वहीं, करण मास्टर्स की पढ़ाई करने के बाद इंडिया आकर अपना खुद का काम कर रहा था।"

    - "मैंने और करण ने अपना पुराना काम छोड़कर 2015 में 72 हजार रुपए में 'हेल्प अस ग्रीन' नाम से कंपनी लॉन्च की। तब हर किसी ने सोचा हम पागल हैं। दो महीने बाद हमने अपना पहला प्रोडक्ट वर्मिकंपोस्ट लॉन्च किया।"

    - "इस वर्मिकंपोस्ट में 17 कुदरती चीजों का मेल है, इसमें कॉफी की दुकान से निकलने वाली वेस्ट मेटेरियल भी होती है। बाद में आइआइटी कानपुर भी हमारे साथ जुड़ गया।"

    - "कुछ टाइम बाद हमारी कंपनी कानपुर के सरसौल गांव में पर्यावरण अनुकूल अगरबत्तियां भी बनाने लगी। अगरबत्ती के डिब्बों पर भगवान की तस्वीरें होने की वजह से उन्हें कूड़ेदानों में फेंकने में श्रद्धालुओं को दिक्कत होती थी, लिहाजा हमने अगरबत्तियों को तुलसी के बीज युक्त कागजों में बेचना शुरू किया।"

  • सड़े हुए फूलों का बिजनेस कर बनाई करोड़ों की कंपनी, ऐसे आया था Idea
    +3और स्लाइड देखें

    आज 2 करोड़ से ज्यादा का है टर्न ओवर

    - अंकित अग्रवाल बताते हैं- "आज हमारी कंपनी 22 हजार एकड़ में फैली हुई है। हमारी कम्पनी में 70 से ज्यादा महिलाएं काम करती हैं। उन्हें रोजाना 200 रुपए मजदूरी मिलती है।"

    - "हमारी कंपनी का सलाना टर्नओवर आज सवा दो करोड़ से ज्यादा है। कंपनी का बिजनेस कानपुर, कन्नौज, उन्नाव के अलावा कई दूसरे शहरों में भी फैल रहा है।"

    - "पहले हमारी टीम में दो लोग थे। आज 9 लोग हो चुके है। हमारी कंपनी को आईआईटी से 4 करोड़ रुपए से ज्यादा का ऑर्डर मिला है।"

आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Kanpur News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Special Story On Help Us Green Company In Kanpur
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

Stories You May be Interested in

      More From Kanpur

        Trending

        Live Hindi News

        0
        ×