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कभी बॉस के टॉर्चर से छोड़ी थी नौकरी, आज 50 देशों में फैला है इनका बिजनेस

अजय कुमार के प्रोडक्ट्स 50 देशों में एक्सपोर्ट किए जाते हैं।

Danik Bhaskar | Jan 20, 2018, 01:11 PM IST
अजय कुमार का नाम आज कानपुर के नामी बिजनेस टायकून के तौर पर जाना जाता है। अजय कुमार का नाम आज कानपुर के नामी बिजनेस टायकून के तौर पर जाना जाता है।

कानपुर. इंसान अगर किसी भी मंजिल को हासिल करने की एक बार ठान ले तो उसके लिए कोई भी राह मुश्किल नहीं होती। ऐसी ही कहानी है स्वरूप नगर के रहने वाले अजय कुमार की, जिन्होंने 12 हजार की नौकरी छोड़ खुद अपनी राह चुनी और आज शहर में एक फेमस बिजनेस टायकून के तौर पर जाने जाते हैं। बॉस के टॉर्चर से तंग आकर छोड़ी थी नौकरी...

DainikBhaskar.com से खास बातचीत में अजय ने अपने प्रोफेशनल लाइफ से जुड़े स्ट्रगल के बारे में बताया कि कैसे उन्होंने बॉस के तानों से तंग आकर जॉब छोड़ दी थी और खुद का बिजनेस स्टार्ट कर आज लगभग 50 देशों में अपने प्रोडक्ट्स को एक्सपोर्ट कर रहे हैं।

'पिता चाहते थे IAS बनूं'

- अजय ने बताया कि "मेरे पिता गिरजा शंकर टीचर थे, इसलिए वो चाहते थे कि मैं पढ़-लिखकर IAS ऑफिसर बनूं।"
- "लेकिन मेरठ के सेंट मेरी एकेडमी से स्कूलिंग के बाद मैंने बीटेक किया। इसके बाद कैंपस प्लेसमेंट के तौर पर स्विट्जरलैंड की एक कंपनी में मेरी जॉब लग गई।"
- "कंपनी के डिटर्जेंट कैमिकल प्रोडक्ट के लिए मैंने कानपुर में ही मार्केटिंग की। इसके लिए मुझे 12 हजार रुपए हर महीने मिलते थे।"

आगे के स्लाइड्स में जानें कैसे अजय की दिन-रात की मेहनत को उनका बॉस नजरअंदाज कर देता था और उन्हें टॉर्चर करता था...

'हमेशा कमियां ढूंढता था बॉस'

 

- अजय ने अपने स्ट्रगल के दिनों को याद करते हुए बताया कि "मैंने कंपनी के मार्केटिंग के लिए दिन-रात मेहनत की थी और कंपनी को यहां अच्छी ग्रोथ भी मिल गई।"

- "लेकिन, मेरे बॉस को हमेशा मेरे काम से दिक्कत होती थी, वो हमेशा मुझमें कमियां ढूंढता था और ऐक्स्ट्रा काम करवा कर टॉर्चर किया करता था।"

 

'नहीं मिला इंक्रीमेंट'

- "2002 में मेरी बढ़िया परफॉर्मेंस के बावजूद मेरा इंक्रीमेंट नहीं हुआ। बॉस ने मेरी मेहनत को नजरअंदाज कर दिया।"
- "5 साल तक कंपनी के लिए दौड़-धूप करने के बाद जब मुझे इस तरह से ट्रीट किया गया तो मैंने नौकरी छोड़ दी।"

'काफी संघर्ष करना पड़ा'

- अजय ने बताया कि "नौकरी छोड़ने के बाद मुझे काफी दिनों तक संघर्ष करना पड़ा। मैंने खुद का बिजनेस स्टार्ट करने के लिए लंबे समय तक प्रयास करता रहा।"
- "आखिरकार मैंने खुद का ही कैमिकल का बिजनेस शुरू किया। इसमें मेरा पिछला अनुभव बहुत काम आया।"
- "मैंने बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए विदेशों में जाकर ट्रेनिंग भी ली। इसके बाद धीरे-धीरे आज इस मुकाम तक पहुंच गया।"

'मार्केट से मिला अच्छा रिस्पॉन्स'

- अपने बिजनेस के बारे में बताते हुए अजय ने कहा, "इंग्लैंड की कंपनी से ट्रेनिंग लेने के बाद 2012 में मैंने एंजाइम बेस्ड झाग वाले सर्फ को लॉन्च किया।"
- "इसके बाद किसी ने बताया कि मार्केट में एनिमल फीड सप्लीमेंट और कॉस्मेटिक्स प्रोडक्ट की ज्यादा डिमांड है।"
- "फिर जब मैंने इन प्रोडक्ट्स को मार्केट में लॉन्च किया तो अच्छा रिस्पॉन्स मिला। तब जाकर मेरे बिजनेस में अच्छा ग्रोथ मिलने लगा।"

'50 देशों में होता है एक्सपोर्ट'

- उन्होंने बताया कि "आज भारत के कोने-कोने के जितने भी डिटर्जेंट मैन्युफैक्चरिंग के जितने भी कारोबारी हैं, सभी से मेरी जान-पहचान है।" 
- "आज मेरी कंपनी के प्रोडक्ट्स लगभग 50 देशों में एक्सपोर्ट होते हैं।"
- "आज मेरे बिजनेस के बदौलत मेरे पास एक आलीशान घर है और चार लग्जरी कारें हैं।"

'मेरी सक्सेस के पीछे माता-पिता'

- वहीं, अजय ने अपने सक्सेस के पीछे अपने माता-पिता को श्रेय देते हुए कहा कि "आज मेरे पेरेंट्स मेरी तरक्की से काफी खुश हैं।"
- "मेरी वाइफ और दोनों बच्चे भी मुझे हमेशा सपोर्ट करते हैं।"