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लाखों दीपक से जगमग हुए घाट, लोगों ने जमकर ली सेल्फी, देखें PHOTOS

DainikBhaskar.com | Last Modified - Nov 05, 2017, 09:05 AM IST

कानपुर. में धूमधाम के साथ मनाई गई देव दीपावली।
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    परमट घाट ,सरसैया घाट और जाजमऊ स्तिथ सिद्धनाथ घाट में लाखों दिए एक साथ जलाये गए।
    कानपुर. कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर एक तरफ लोगों ने सुबह गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। तो शाम होते ही घाट लाखों दीपक से जगमग हो गए। शाम होते ही घाटों में हजारों लोगों का हुजूम दिखाई देने लगा और घाट लाखों दीपों की रोशनी से जगमगा उठे। लोगों ने किया दीपदान
    -परमट घाट ,सरसैया घाट और जाजमऊ स्तिथ सिद्धनाथ घाट में लाखों दिए एक साथ जलाये गए। लोगों ने दीपों के माध्यम से कही सतिया बनाई तो किसी ने ओम बनाया।
    -इस दौरान घाटों में मौजूद मंदिरों को भी सजाया गया। घाटों में मां गंगा की आरती भी पुरे विधि विधान के साथ की गई। इस दौरान आस्था के दीप साफ तौर पर दिखाई दे रहे थे।
    लोगों ने जमकर ली सेल्फी

    -इस अद्भुद दृश्य को लोगों ने अपने कैमरे में कैद भी किया तो। वहीं, कुछ लोगों ने इस अदभुद दृश्य के साथ सेल्फी भी ली। साथ ही लोगों ने गंगा में दीप दान भी किया।
    -पूनम गुप्ता ने बताया की हम लोग हर वर्ष देव दीपावली परमट में आकर मनाते हैं। इस दिन का हमें खासकर इंतजार भी रहता है। लाखों दिए एक साथ ऐसे दिखाई देते हैं मानो आसमान में बिखरे हुए तारे एक साथ धरती में उतर आये हों। इस पल को हमने अपने कैमरे में भी कैद किया और सेल्फी भी ली है।
    क्या है देव दीपावली का इतिहास

    -पंडित पंकज उपाध्याय (तीर्थ पुरोहित-आरती आयोजक पंचगंगा घाट वाराणसी) ने बताया, महरानी अहिल्या बाई ने सबसे पहले 1785 के आसपास एक हजारा और पांच सौ दीपों का स्तंभ पंच गंगा घाट पर बनवाया था। जिसे साल में एक दिन कार्तिक पूर्णिमा के दिन आज भी जलाया जाता है।
    -देव दीपावली और गंगा आरती की शुरुआत इसी घाट से हुई थी। अहिल्या बाई को काशी वास के दौरान किसी पंडित ने बताया था कि यहां पांच नदियों का संगम है। खुद अपने हाथों से पुरोहितों के साथ करीब 20 फीट ऊंचे हजारा और पांच सौ दीपों वाले स्तंभ को जलाया था। यहां पांच नदिया गंगा, जमुना, सरस्वती, किरणा और धूतपापा जी का संगम है। जिनका मंदिर आज भी इसी घाट पर मौजूद है।
    -1983 में महराज काशी नरेश विभूति नारायण सिंह, पंडित विजय शंकर उपाध्याय और अवध बिहारी लाल जी चिटकुटी ने भव्यता के साथ इसे शुरू किया। उस पूरे घाट को लगभग 20 हजार दीपों से पहली बार सजाया गया था।
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Web Title: Dev Deepawali Celebration In Kanpur
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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