इटावा / पोस्टिंग से नाराज दरोगा ने 60 किमी दौड़कर थाने पहुंचने का लिया निर्णय, 40 किमी पर बेहोश होकर गिरा

X

  • दरोगा का आरोप- मैंने नहीं मांगी थी थाने में पोस्टिंग, प्रतिसार निरीक्षक ने जबरन किया ट्रांसफर
  • ग्रामीणों ने रोड से उठाकर पहुंचाया अस्पताल 
  • एसएसपी बोले- मुझे नहीं जानकारी, यह काम बचा जो जवाब दूं

दैनिक भास्कर

Nov 15, 2019, 06:33 PM IST

इटावा. पुलिस लाइन में तैनात दरोगा विजय प्रताप शुक्रवार को अपने नए तैनाती स्थल बिठौली थाने की 60 किमी की दूरी दौड़कर तय करने की ठान ली। पुलिस लाइन से दौड़ते हुए दरोगा जब हाईवे पर पहुंचा तो लोग हैरत में पड़ गए। लोगों ने समझा कि, दरोगा किसी अपराधी के पीछे दौड़ रहे हैं। लेकिन पूछने पर कुछ और ही मामला निकला। दरअसल, दरोगा को उनकी मर्जी के खिलाफ बिठौली थाने में तैनात कर दिया गया है। उन्होंने इसके लिए प्रतिसार निरीक्षक को जिम्मेदार ठहराया है। कहा कि, यह उनके विरोध का एक तरीका है।

 

लेकिन, करीब 40 किमी की दूरी तय करने के बाद दरोगा विजय प्रताप चकरनगर के हनुमंतपुरा के पास बेहोश होकर गिर पड़े। ग्रामीणों ने उन्हें रोड से उठाकर चारपाई पर लिटाया और एंबुलेंस बुलाई गई है। आलम यह है कि, छह घंटे के बाद भी दरोगा विजय प्रताप की उनके विभाग ने सुधि नहीं ली है। 

 

एसएपी का गैर जिम्मेदाराना जवाब
इस संबंध में एसएसपी संतोष कुमार मिश्रा को फोन किया गया और उन्हें दरोगा विजय प्रताप के बारें में बताया गया तो उन्होंने कहा कि, मैंने मुठभेड़ वाली खबर पर अपना बयान दे दिया है। लेकिन इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। कौन दरोगा है? जानकारी देने पर एसएसपी बोले कि, अब यही काम थोड़ी बचा है। 

 

यह है पूरा मामला
दरोगा विजय प्रताप ने कहा- पहले भी बिठौली थाने में तैनात रहा हूं। वहां के प्रभारी से विवाद के बाद मुझे पुलिस लाइन भेज दिया गया था। लेकिन एक बार फिर मुझे उसी थाने में भेज दिया गया। जबकि मैं न तो किसी थाने में पोस्टिंग मांग रहा था न ही पुलिस लाइन से अलग जाना चाह रहा था। कहीं और पोस्टिंग दी जाती तो कोई बात नहीं थी। लेकिन जबरन मुझे फिर उसी थाने में भेज दिया गया। आखिर मैं अपनी नाराजगी किसे दिखाऊं। इसलिए मैंने ठाना कि, 60 किमी की दूरी मैं दौड़कर तय करूंगा और वहां ज्वॉइन करूंगा। मेरे पास बाइक है, लेकिन आरआई से नाराजगी के चलते ऐसा किया।  

 

DBApp

 

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना