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सोशल मीडिया पर निगरानी के लिए आईटी सेल का गठन, किसी भी पक्ष को नहीं होगी जश्न मनाने की इजाजत

2 वर्ष पहले
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भाईचारा समितियों की बैठक करते डीएम और एसएसपी। - Dainik Bhaskar
भाईचारा समितियों की बैठक करते डीएम और एसएसपी।
  • मंदिर-मस्जिद विवाद के फैसले से पहले अधिकारियों ने की भाइचारा समितियों के साथ बैठक
  • शहर के 204 संवदेनशील इलाके चिन्हित किए गए

कानपुर. मंदिर-मस्जिद विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने वाला है। इस बीच शहर में सोशल मीडिया पर निगरानी रखने के लिए पुलिस ने चार आईटी सेले बनाई गई है। इसके साथ ही शहर की जनता से अपील की गई है कि फैसला किसी के भी पक्ष में आए लेकिन किसी को खुशी मनाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। शहर के 204 संवेदनशील और अति संवेदनशील स्थानों को चिन्हित किया गया है। उन स्थानों पर कड़ी सुरक्षा व्यास्था की गई है।
 
कानपुर के डीएम विजय विश्वास पंत और एसएसपी अंनत देव तिवारी समेत कई आलाधिकारियों ने सभी धर्मो के बुद्धजीवियों ने हिस्सा। जिला प्रशासन ने अपील कि सभी लोग भाईचारे के साथ रहे। इसके साथ ही अफवाह फैलाने वाले पर नजर रखें । ऐसा कुछ भी न किया जाए जिससे शहर का अमन चैन बिगड़े ।
 
अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालो पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए 4 आईटी सेल बनाए गए है जो सोशल मीडिया पर निगरानी रखेगा। किसी भी ग्रुप में भड़काऊ भाषण या मैसेज पोस्ट नहीं करें और नहीं शेयर करें। यदि कोई मैसेज आता है तो पास के थाने और चौकी इसकी सूचना दें।
 
जिलाधिकारी विजय विश्वास पंत ने कहा कि आने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सभी पक्षों को सम्मान करना है। निर्णय किसी के भी पक्ष में आए न तो खुशी मनाना है नहीं गम जाहिर करना है । तारीखें आएगी और तारीखें जाएंगी। हिंदू मुस्लिम आपसी भाईचारे के साथ रहेंगें। किसी को भी बाहरी गंगा में हाथ नहीं धोने दे।
 
एसएसपी अंनतदेव तिवारी के मुताबिक शहर का अमन चैन बनाये रखने के लिए शहर के 204 संवेदनशील ,अति संवेदनशील स्थानों का चयन किया गया है । जिसमें कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। जिन स्थानों पर 95 प्रतिशत मुस्लिम तथा 5 प्रतिशत हिन्दू रहते हैं वहा के 95 प्रतिशत मुस्लिमों को हिन्दुओ की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। इसी प्रकार जहां 95 प्रतिशत  हिन्दू तथा 5 प्रतिशत मुस्लिम रहते है उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी उन्हें दी गई है। सभी लोगो को आपसी सद्भावना के साथ रहते हुए हिन्दू मुस्लिम एकता का परिचय देना है।
 

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