आंखों देखी / पुलिस और प्रदर्शनकारियाें के बीच फायरिंग; दो गाड़ियां, पुलिस चौकी फूंकी, दरोगा-सिपाही घायल

यतीमखाना पुलिस में उपद्रवियों ने घुसकर तोड़फोड़ की। यह चौकी कानपुर के सबसे पॉश इलाका परेड चौराहा से लगभग 500 मीटर दूर है। यतीमखाना पुलिस में उपद्रवियों ने घुसकर तोड़फोड़ की। यह चौकी कानपुर के सबसे पॉश इलाका परेड चौराहा से लगभग 500 मीटर दूर है।
उपद्रवियों ने चौकी के पास खड़ी कार को पूरी तरह डैमेज कर दिया। उपद्रवियों ने चौकी के पास खड़ी कार को पूरी तरह डैमेज कर दिया।
यतीमखाना इलाके की संकरी गलियों से पुलिस पर पत्थर फेंके जा रहे हैं। यतीमखाना इलाके की संकरी गलियों से पुलिस पर पत्थर फेंके जा रहे हैं।
पुलिस और उपद्रवियों के बीच देर रात तक रुक रुक कर आमने-सामने से फायरिंग की जाती रही। पुलिस और उपद्रवियों के बीच देर रात तक रुक रुक कर आमने-सामने से फायरिंग की जाती रही।
हिंसा की सूचना मिलने पर आनन-फानन में पुलिस बल आया। इसके बाद आरएएफ आई। हिंसा की सूचना मिलने पर आनन-फानन में पुलिस बल आया। इसके बाद आरएएफ आई।
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यतीमखाना पुलिस में उपद्रवियों ने घुसकर तोड़फोड़ की। यह चौकी कानपुर के सबसे पॉश इलाका परेड चौराहा से लगभग 500 मीटर दूर है।यतीमखाना पुलिस में उपद्रवियों ने घुसकर तोड़फोड़ की। यह चौकी कानपुर के सबसे पॉश इलाका परेड चौराहा से लगभग 500 मीटर दूर है।
उपद्रवियों ने चौकी के पास खड़ी कार को पूरी तरह डैमेज कर दिया।उपद्रवियों ने चौकी के पास खड़ी कार को पूरी तरह डैमेज कर दिया।
यतीमखाना इलाके की संकरी गलियों से पुलिस पर पत्थर फेंके जा रहे हैं।यतीमखाना इलाके की संकरी गलियों से पुलिस पर पत्थर फेंके जा रहे हैं।
पुलिस और उपद्रवियों के बीच देर रात तक रुक रुक कर आमने-सामने से फायरिंग की जाती रही।पुलिस और उपद्रवियों के बीच देर रात तक रुक रुक कर आमने-सामने से फायरिंग की जाती रही।
हिंसा की सूचना मिलने पर आनन-फानन में पुलिस बल आया। इसके बाद आरएएफ आई।हिंसा की सूचना मिलने पर आनन-फानन में पुलिस बल आया। इसके बाद आरएएफ आई।

  • प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के आंसू गैस से निपटने के लिए ड्रम भर-भर के पानी जमा किया
  • हिंसाग्रस्त इलाकों में जाने की कोशिश कर रहे सपा विधायक को पुलिस ने हिरासत में लिया

रवि श्रीवास्तव

रवि श्रीवास्तव

Dec 22, 2019, 11:53 AM IST

कानपुर. शुक्रवार को हिंसा की आग में तपा कानपुर शनिवार दोपहर फिर हिंसा की आग में जल उठा। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच 6 घंटे से अधिक आमने-सामने की फायरिंग हुई। इसमें गोली लगने से एक सिपाही घायल हो गया। जबकि पत्थर लगने से एक एसआई घायल हुआ है। उपद्रवी आंसू गैस के गोले से बचने के लिए ड्रम भर-भर के पानी जमा किए हैं। गलियों से देर रात तक लगातार पत्थर फेंके गए। पुलिस ने हिंसाग्रस्त इलाके में जाने की कोशिश कर रहे सपा विधायक अमिताभ वाजपेई को हिरासत में लिया है।


लाइव: प्रदर्शनकारियों ने पुलिस चौकी फूंकी, 2 चारपहिया गाड़ी जलाईं
शनिवार। दोपहर 2 बजे। बाबूपुरवा थाने में डीएम और एसएसपी हिंसा में मारे गए युवक के परिजन से जानकारी ले रहे थे। यहां से करीब 20 किमी दूर यतीमखाना इलाके में दोपहर 3 बजे प्रदर्शनकारियों ने पुलिस चौकी को फूंक दिया। यह उपद्रवी परेड चौराहा से आगे स्थित पुलिस चौकी पर हिंसा के बाद इलाके में पुलिस कार्रवाई का विरोध करने पहुंचे थे। यहां पुलिस बल कम था। इस वजह से उन्हें रोकने में पुलिस विफल रही। भीड़ बढ़ती गई और उग्र होती गई। प्रदर्शनकारियों ने दो गाड़ियों में आग लगाई। आनन-फानन में आरएएफ और पुलिस बल आया, तब हालात नियंत्रण के प्रयास शुरू हुए। 

संकरी गलियों में पत्थरबाजी और फायरिंग, देसी बम भी चलाए गए
परेड चौराहे से 700 मीटर दूर यतीमखाना इलाका है। यह वही इलाका है जो शुक्रवार को भी हिंसा की चपेट में था। यहां संकरी गलियों से पुलिस पर पत्थर फेंके जा रहे थे। नारेबाजी की गई। हालात यह थे कि पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच रुक-रुक कर आमने-सामने से फायरिंग की गई। पुलिस पर देशी बम भी फेंके गए। 

प्रदर्शनकारियों के पास आंसू गैस से निपटने के इंतजाम भी
मौके पर पुलिस वालों का कहना था कि प्रदर्शनकारियों ने आंसू गैस से निपटने का तरीका भी निकाल लिया है। इन लोगों ने ड्रम भर-भर के पानी रखा है। जिससे यह धुएं का असर कम कर रहा है। शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों को सबसे ज्यादा आंसू गैस ने ही परेशान किया था। 

देर रात तक चलती रही मुठभेड़ 
पुलिस ने माइक से लगातार प्रदर्शनकारियों को शांत रहने और घरों में जाने की अपील की। लेकिन, अचानक से गलियों से पत्थरों की बौछार की गई। पुलिस भी बचाव में हवाई फायरिंग करती रही। दोपहर लगभग 3 बजे से रात 10 बजे तक यही हालात रहे। पुलिस के मुताबिक उपद्रवी शांत होने का नाम नहीं ले रहे। यह मुठभेड़ देर रात तक भी चल सकती है। 

पुलिस की लापरवाही हुई, फिर घटना
स्थानीय वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण मेहता के अनुसार पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की गलती की वजह से यह घटना फिर हुई है। प्रवीण सवाल करते हैं कि शुक्रवार को जब वहां हिंसा हुई तो पुलिस बल कम क्यों किया गया? शनिवार दोपहर बाद जब बवाल हुआ, तब वहां पुलिसबल कम था। इसलिए प्रदर्शनकारियों ने मौके का फायदा उठाया। प्रवीण कहते हैं कि बाबूपुरवा में घटना के बाद भी देर शाम तक डीएम और एसएसपी मौके पर नहीं पहुंचे। 

दुकानें बन्द कर भागे लोग
शनिवार को प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस चौकी जलाए जाने के बाद बेकनगंज चौकी के आसपास सभी दुकानें अचानक से बन्द होने लगीं। लोगों में अफरा-तफरी मच गई। अचानक से व्यस्त रहने वाले बाजार में सन्नाटा-सा छा गया। इसके बाद चारों तरफ पुलिसबल दिखाई देने लगा। यह इलाका पुलिस चौकी से 500 मीटर पहले है।

आम जनता घर जाने का रास्ता पूछती रही
हिंसा के बीच आम आदमी भी परेशान दिखा। कई लोगों को यतीमखाना इलाके में ही जाना था तो कई लोगों को यहां से होकर आगे घर जाना था। एक नागरिक अपने बच्चे के साथ बाइक से आगे बढ़ा तो पुलिस ने दौड़ा कर रोक लिया। एक परिवार को भी परेशानी उठानी पड़ी। हालांकि, थोड़ी देर बाद पुलिस ने उस इलाके को चारों तरफ से बन्द कर दिया।


इलाके की बिजली काटी गई
यतीमखाना इलाके में हिंसा को देखते हुए बिजली काट दी गई है। लगभग 1 किमी के दायरे की पावर कट है। लेकिन, गलियों से आने वाले पत्थर रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। पुलिस का कहना है कि यह सब पहले से ही पत्थर इकट्ठा करके रखे हैं।

एडीजी बोले- हिंसा सुनियोजित, धर्म के नाम पर फायदा उठाकर साजिश की गई
कानपुर के एडीजी प्रेम प्रकाश ने कहा- प्रदर्शनकारियों ने यतीमखाना चौकी में पेट्रोल बम डालकर आग लगाई थी। एक किलोमीटर के एरिया में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोके रखा। एक कंपनी आरएएफ भी लगाई गई। रुक-रुक कर फायरिंग और देशी बम चलाए गए। हिंसा को देख कर लगता है कि ये सुनियोजित है। क्योंकि कोई नेशनल मुद्दा है तो ज्ञापन दो- हम लेने के लिए तैयार हैं। हमने मौलानाओं से भी बात करवाने की कोशिश की। लेकिन, मौलाना की बात भी नहीं मानी जा रही है। प्रदेश में धारा 144 लागू है। लेकिन, धार्मिक कार्यक्रम में इसकी छूट देते हैं। इसका फायदा उठाया गया और जुमे की नमाज के बाद छोटे बच्चों को आगे करके पथराव किया गया। इसमें साजिश की बू आ रही है। हम इसका पर्दाफाश करेंगे।

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