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अखिलेश बोले- हाईकोर्ट के आदेश से अहंकारी सरकार को लगा धक्का, जिन हाथों से लगाए थे पोस्टर, अब उन्हीं से हटाना पड़ेगा

एक वर्ष पहले
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  • होली मनाने के लिए पिता मुलायम व परिवार के साथ सैफई पहुंचे अखिलेश यादव
  • अखिलेश ने सीएए हिंसा के आरोपियों के पोस्टर व हाईकोर्ट के निर्देश पर दी अपनी प्रतिक्रिया

इटावा. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को योगी सरकार पर निशाना साधा है। कहा- हाईकोर्ट ने आज अहंकारी सरकार को लताड़ लगाई है। उससे संविधान की जीत हुई है। अहंकारी सरकार को धक्का लगा है। जिस तरह से सरकार ने आंदोलन करने वालों के पोस्टर लगाए थे, अब सरकार को ही पोस्टर हटाने पड़ेंगे। दरअसल, राज्य सरकार ने 19 दिसंबर को लखनऊ में हुई हिंसा के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचने के लिए 57 लोगों को दोषी माना था और रिकवरी के लिए इनके पोस्टर लगाए थे। कोर्ट ने इस मामले पर स्वत: संज्ञान लिया था और 16 मार्च तक सभी बैनर, पोस्टर हटाने का निर्देश दिया है।  

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अखिलेश यादव, पिता मुलायम सिंह यादव व अपने परिवार के साथ होली मनाने के लिए अपने पैतृक गांव सैफई पहुंचे हैं। होली की पूर्व संध्या पर उन्होंने लोगों से मुलाकात की। इस दौरान अखिलेश ने देश और प्रदेश वासियों को होली की बधाई दी। 

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हाईकोर्ट ने की ये टिप्पणी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार को आदेश दिया कि सीएए हिंसा के आरोपियों के बैनर-पोस्टर 16 मार्च से पहले हटाए जाएं। हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपियों के पोस्टर लगाना उनकी निजता में सरकार का गैरजरूरी दखल है। चीफ जस्टिस गोविंद माथुर और जस्टिस रमेश सिन्हा की बेंच ने कहा कि यूपी सरकार हमें यह बता पाने में नाकाम रही कि चंद आरोपियों के पोस्टर ही क्यों लगाए गए, जबकि यूपी में लाखों लोग गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं। बेंच ने कहा कि चुनिंदा लोगों की जानकारी बैनर में देना यह दिखाता है कि प्रशासन ने सत्ता का गलत इस्तेमाल किया है।