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  • The dead body of Dharmendra, who was martyred in the Dras sector of Kanpur Kargil, reached the village, came home on a leave of 20 days in Dussehra

कानपुर / कारगिल के द्रास सेक्टर में शहीद हुए धर्मेंद्र का पार्थिव शरीर पहुंचा गांव, दशहरे में 20 दिनों की छुट्‌टी पर आए थे घर

शहीद धर्मेंद्र का पार्थिव शव रविवार सुबह उनके पैतृक गांव पहुंचा। शहीद धर्मेंद्र का पार्थिव शव रविवार सुबह उनके पैतृक गांव पहुंचा।
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शहीद धर्मेंद्र का पार्थिव शव रविवार सुबह उनके पैतृक गांव पहुंचा।शहीद धर्मेंद्र का पार्थिव शव रविवार सुबह उनके पैतृक गांव पहुंचा।

  • तीन भाइयों में सबसे छोटे थे धर्मेंद्र, 2002 में सुनीता से हुई थी शादी
  • गांव में खेती बाड़ी का काम करते हैं दोनों बड़े भाई, गांव में होगा अंतिम संस्कार

Dainik Bhaskar

Jan 19, 2020, 11:49 AM IST

कानपुर. कारगिल के द्रास सेक्टर में गुरुवार को बर्फीले तूफान में शहीद घाटमपुर के धर्मेंद्र उर्फ बब्लू का पार्थिव शरीर रविवार सुबह घर पहुंचा तो उनके अंतिम दर्शन करने के लिए काफी भीड़ लग गई। फूलों से सजीधजी सेना की गाड़ी पहुंची तो पूरा इलाका शोक में डूब गया। दोपहर बाद उनके गांव बिराहिन में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

बड़े भाई अर्जुन सिंह ने बताया कि धर्मेन्द्र दशहरे में 20 दिन की छुट्टी पर घर आए थे और परिवार के साथ दिवाली मनाकर कारगिल रवाना हो गए थे। करीब एक सप्ताह पहले ही फोन पर बात हुई थी।

पतारा ब्लॉक के बिराहिनपुर गांव निवासी धर्मेन्द्र उर्फ बब्लू 1999 में सेना में भर्ती हुए थे। दो भाइयों में सबसे छोटे बब्लू की शादी 2002 में सुनीता से हुई थी। दोनों बच्चे उत्कर्ष सिंह (16) व राजवर्धन सिंह (9) चंडीगढ़ के एक बोर्डिंग स्कूल में पढ़ते हैं। पिछले चार साल से सुनीता चकेरी स्थित आवास में रहती हैं लेकिन पति के छुट्टी पर आने पर गांव चली आती थीं। गांव में आर्मी हवलदार बब्लू की मां शिवदेवी व दो बड़े भाई रहकर खेती-बाड़ी देखते हैं। 

हिमस्खलन की चपेट में आ गए थे धर्मेंद्र
गुरुवार को मशकोह वैली में सेना की एक चौकी हिमस्खलन की चपेट में आ गई। इसमें धर्मेन्द्र शहीद हो गए, जबकि अन्य कई जवान सेना के अस्पताल में भर्ती हैं। शहीद धर्मेंद्र का शव पहुंचने की खबर पाकर ग्रामीणों की भीड़ उनके पैतृक आवास पर लग गई। 
 

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