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  • Unnao Rape | Kuldeep Sengar; Kuldeep Singh Sengar Unnao Rape Convicted: 4 deaths in 42 months, important turning points of Unnao case since June 4, 2017

कब-क्या हुआ / उन्नाव दुष्कर्म केस: 42 महीने में 4 मौतें, 4 जून 2017 से अब तक केस के अहम मोड़

दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने दुष्कर्म व अपहरण के मामले में विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दोषी करार दिया। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने दुष्कर्म व अपहरण के मामले में विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दोषी करार दिया।
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दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने दुष्कर्म व अपहरण के मामले में विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दोषी करार दिया।दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने दुष्कर्म व अपहरण के मामले में विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दोषी करार दिया।

  • साल 2017 में सामने आया था मामला, दस माह तक न्याय के लिए दौड़ती रही पीड़ित
  • लखनऊ में सीएम आवास पर आत्मदाह की कोशिश के बाद मामला सुर्खियों में आया
  • विपक्ष के दबाव के बाद एसआईटी का गठन किया गया, अब विधायक कुलदीप दोषी

Dainik Bhaskar

Dec 16, 2019, 04:07 PM IST

लखनऊ/उन्नाव. उत्तर प्रदेश के उन्नाव दुष्कर्म केस में दिल्ली कोर्ट ने भाजपा से निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सोमवार को दोषी करार दिया। कोर्ट में कल यानी बुधवार को उनकी सजा पर बहस होगी। इसके बाद सजा सुनाई जा सकती है। सेंगर और उसके साथियों ने 2017 में लड़की को अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म किया था। घटना के करीब ढाई साल बाद तीस हजारी कोर्ट में बीते मंगलवार को सुनवाई पूरी हुई थी।

हादसे के बाद राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था केस
माखी की रहने वाली पीड़िता 10 महीने पुलिस अफसरों के कार्यालयों की दौड़ लगाती रही थी, लेकिन उसकी एक न सुनी गई। इस बीच पिता को पुलिस ने आर्म्स एक्ट में गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के एक दिन बाद ही पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में संदिग्ध रूप से मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस की पिटाई से मौत का आरोप लगाया। इसके बाद पीड़िता ने लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह की कोशिश की। इसके बाद मामला सुर्खियों में आया तो राज्य सरकार ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया। लेकिन इसी साल 26 जुलाई को रायबरेली जाते समय पीड़ित की कार को उल्टे दिशा से आ रहे ट्रक ने टक्कर मार दी। जिसमें पीड़ित व उसका वकील घायल हुए। जबकि दो रिश्तेदारों की मौत हो गई। परिवार ने विधायक पर ही जान से मारने की साजिश रचने का आरोप लगाया। इसके बाद मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना और आरोपी विधायक के खिलाफ देश भर में आवाज सुनाई दी। 

रेप के 10 दिन बाद पुलिस पीड़ित का पता लगा सकी
04 जून 2017- नाबालिग पीड़ित का गांव के ही दो युवकों शुभम और अवधेश ने अपहरण किया। दोनों युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज।
21 जून 2017- दस दिन बाद पुलिस अपहृत किशोरी का पता लगा सकी। पीड़ित ने तीन लोगों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया।
22 जुलाई 2017- पीड़ित ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिख इंसाफ की गुहार लगाई। पीड़ित ने कि विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने दुष्कर्म किया।

पीड़ित के पिता पर जानलेवा हमला किया गया
30 अक्टूबर 2017- विधायक की तरफ से पीड़ित और उसके परिवार के खिलाफ मांखी थाने में मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया गया।
03 अप्रैल 2018- आरोपी विधायक के भाई अतुल सिंह सेंगर ने साथियों संग पीड़ित के पिता पर मारपीट कर जानलेवा हमला किया।
04 अप्रैल 2018- मारपीट मामले में पीड़िता के पिता के खिलाफ ही संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेज दिया।
09 अप्रैल 2018- जेल में पीड़ित के पिता हालत दिन-पर-दिन खराब होती गई और आखिरकार उन्होंने जेल में ही दम तोड़ दिया।

सुबह 4 बजे कुलदीप सेंगर को हिरासत में लिया था
13 अप्रैल 2018- सीबीआई ने सुबह चार बजे दुष्कर्म मामले में आरोपी भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को हिरासत में लिया।
11 जुलाई 2018- सीबीआई ने दुष्कर्म मामले में चार्जशीट दायर की, जिसमें कुलदीप सेंगर, भाई अतुल सिंह और पांच अन्य लोगों को आरोपी बनाया।
18 अगस्त 2018- दुष्कर्म मामले के मुख्य गवाह यूनुस की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत।
04 जुलाई 2019- पीड़िता के चाचा को 19 साल पुराने एक मामले में कोर्ट ने 10 साल के कारावास की सजा सुनाई।
12 जुलाई 2019- पीड़ित की तरफ से चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई को पत्र लिखा, आरोपी विधायक से पूरे परिवार को जान को खतरा बताया।

एक्सीडेंट में मारी गईं पीड़ित की मौसी और चाची
28 जुलाई 2019- रायबरेली के गुरुबख्शगंज थाना क्षेत्र में ट्रक व कार की टक्कर में पीड़ित की चाची और मौसी की मौत। पीड़ित और उनके वकील गंभीर रूप से घायल हुए।
29 जुलाई 2019- सड़क दुर्घटना मामले में कुलदीप सिंह सेंगर, उसके भाई मनोज सिंह सेंगर, विनोद मिश्र सहित 15-20 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज।

सुप्रीम कोर्ट ने केस दिल्ली ट्रांसफर किए, रोज सुनवाई का आदेश दिया
31 जुलाई 2019- चीफ जस्टिस ने पीड़ित के पत्र पर संज्ञान लिया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेट्री जनरल को देरी पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया।
01 अगस्त 2019- सुप्रीम कोर्ट ने पांच मामलों को दिल्ली ट्रांसफर करने, प्रतिदिन सुनवाई का आदेश दिया। भाजपा ने सेंगर को पार्टी से निकाला।
10 दिसम्बर 2019- तीस हजारी कोर्ट ने गवाहों की सुनवाई के कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।

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