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कानपुर: अंग्रेजों के जुल्म से तंग आकर ग्रामीणों ने इस कोठी में लगाई थी आग, यहां बैठकर लगान वसूलते थे अंग्रेज अफसर

इसी कोठी से बैठकर अंग्रेज लगान वसूलने का काम करते थे

Danik Bhaskar | Aug 14, 2018, 05:46 PM IST

कानपुर. घाटमपुर थाना क्षेत्र स्थित गंग नहर किनारे मोहम्मदपुर गांव के बाहर नहर किनारे 19वीं शताब्दी में बनी अंग्रेजों की एक कोठी है। इस कोठी के चारों तरफ अफसरों के रहने के लिए कमरे बने थे। इसी कोठी से बैठकर अंग्रेज लगान वसूलने का काम करते थे लगान नही देने वालों यहां टार्चर किया जाता था और उनके खेतों पर कब्ज़ा किया जाता था।

ग्रामीणों ने कोठी में लगाई थी आग: अंग्रेजों के जुल्म से त्रस्त ग्रामीणों ने 23 अगस्त 1942 को एक दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने मिलकर कोठी को आग के हवाले कर दिया। ग्रामीण भूषण बाबू के मुताबिक हमारे बाबा बताते थे कि टाडेल और ओवर सराय नाम के अंग्रेज अधिकारी बहुत ही क्रूर थे। यदि किसी भी ग्रामीण के जानवर ने नहर से पानी पी लेते थे तो उस जानवर को पकड़कर कांजी हाउस भेजवा देते थे और उसके बदले में उस जानवर के मालिक से टैक्स वसूलते थे टैक्स नहीं देने पर सजा दी जाती थी। अंग्रेज अफसर अक्सर पार्टियां भी किया करते थे। बुजुर्ग गहलोद सिंह बताते है कि बिरहर के जंगलों में रात के वक्त ग्रामीणों ने 15 अगस्त 1942 में अंग्रेजो की कोठी में आग लगाने की योजना बनाई थी। इस योजना के बाद 23 अगस्त की रात को दर्जनों गांव के ग्रामीणों ने मिलकर एक साथ कोठी पर हमला कर दिया था। जब कोठी पर हमला किया गया तो अंगेज फायरिंग करते हुए जान बचा कर भाग निकले थे और ग्रामीणों ने पूरी कोठी और उनके कमरों में आग लगा दी थी। इसके बाद अगले दिन पुलिस ने गांव में जमकर उत्पात मचाया था।