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  • कुशीनगर में 13 बच्चों की मौत का जिम्मेदार कौन? Kushinagar train accident: Who is responsible
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कुशीनगर में दर्दनाक हादसा: आखिर 13 बच्चों की मौत का जिम्मेदार कौन ?

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में गुरुवार को एक मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग पर बड़ा हादसा हो गया।

Danik Bhaskar | Apr 26, 2018, 04:37 PM IST

कुशीनगर. उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में गुरुवार सुबह एक मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग पर बेहद दर्दनाक हादसा हुआ। इसमें 13 स्कूली बच्चों की जान चली गई। मरने वालों में सभी 8-10 साल की उम्र के थे। सवाल है कि आखिर इस हादसे का जिम्मेदार कौन है? जांच में पता चला कि ड्राइवर ने तो ईयरफोन लगाया हुआ था। लेकिन असल में तो सरकार ने आंखें ही मूंद रखी हैं। 2018 के बजट में फाइनेंस मिनिस्टर ने 4,000 से ज्यादा मानवरहित क्रॉसिंग बंद करने की घोषणाएं जरूर की हैं। लेकिन इसमें हो रही लेटलतीफी के चलते हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।

- बता दें कि पिछले साल सितंबर में रेल मंत्री पद लेते ही पीयूष गोयल ने कहा था कि देशभर में करीब 5,000 मानवरहित क्रॉसिंग हैं। पटरियों पर होने वाले हादसों में 30-35% इन्हीं की वजह से हो रहे हैं।

- कुशीनगर में हुए हादसे के बाद रेलवे बोर्ड चेयरमैन अश्वनी लोहानी ने बताया कि 2014-15 से अब तक मानवरहित क्रॉसिंग की वजह से कुल 109 हादसे हो चुके हैं।
- हालांकि, उन्होंने यह भी कहा है कि 2020 तक ऐसी क्रॉसिंग पूरी तरह से बंद कर दी जाएंगी। वर्तमान में इंडियन रेलवे के ब्रॉड गेज पर कुल 3,479 मानवरहित क्रॉसिंग हैं।
- रिपोर्ट के मुताबिक, 2017 में रेलवे ने ऐसी 1,464 क्रॉसिंग बंद की थी। 2017 में ही रेलवे कन्वेंशन कमेटी ने पार्लियामेंट में एक रिपोर्ट पेश की थी।
- जिसमें बताया गया कि 5 साल में देशभर में 6,169 मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग खत्म की गईं। मतलब, हर साल औसतन 1,234 क्रॉसिंग बंद हुई।
- इस आंकड़े पर गौर किया जाए, तो अगले दो साल में लगभग 2,500 क्रॉसिंग ही बंद हो पाएगी। ऐसे में सवाल उठता है कि सरकार ने जो 2020 तक बाकी बचे क्रॉसिंग बंद करने का टारगेट रखा है, वो कैसे पूरा हो सकेगा।

हर बार एक ही वादा

- 2016, 2017 और 2018, हर बार रेल बजट में सरकार ने यही कहा का कि 2020 तक सभी मानवरहित क्रॉसिंग बंद कर दिए जाएंगे।

- 2016 में रेल मंत्री रहे सुरेश प्रभु ने 2020 तक ऐसी क्रॉसिंग बंद करने की बात कही थी।

- इसके बाद 2017 में जब उनकी जगह पीयूष गोयल को रेल मंत्री बनाया गया, तब उन्होंंने एक साल के अंदर सारे मानवरहित क्रॉसिंग बंद करने का दावा किया था।

- इस साल बजट में फाइनेंस मिनिस्टर ने 2020 तक ऐसी क्रॉसिंग को खत्म करने का टारगेट रखा है।

बुलेट ट्रेन के 17% खर्च से खत्म हो सकती हैं मानवरहित क्रॉसिंग
- मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन पर 1.08 लाख करोड़ रुपए खर्च होंगे।

- एक अनमैन्ड क्रॉसिंग को मैन्ड करने में 50 लाख रुपए खर्च आता है।

- देश में 3,479 अनमैन्ड क्रॉसिंग हैं। इन्हें खत्म करने में 17 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे।

2015 में रेलवे ने PIL में दिया था ये जवाब
- 2015 में रेलवे ने एक PIL के जवाब में कहा था कि देशभर में करीब 13,500 मानवरहित क्रॉसिंग हैं।
- PIL के मुताबिक, 25 सालों में करीब पांच हजार लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

सेफ्टी मेजर्स के लिए ये किया
- ISRO ने सैटेलाइट बेस्ड एक चिप सिस्टम डेवलप किया है। जो सड़क मार्ग से सफर करने वाले लोगों को मानवरहित क्रॉसिंग पर अलर्ट करेगी।

कैसे काम करेगी चिप?
- बता दें कि जब ट्रेन किसी मानवरहित क्रॉसिंग के नजदीक पहुंचेगी, तो चिप हूटर बजाकर सड़क मार्ग उपयोग करने वाले लोगों को अलर्ट करेगा।

अभी यहां पर हो रहा इस्तेमाल
- रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती तौर पर गुवाहाटी और मुंबई के लिए राजधानी के रेल मार्गों पर 20 मानवरहित क्रॉसिंग पर हूटर लगाए गए हैं।

5 साल में 50% कम हुए हादसे
- पिछले साल रेलवे कन्वेंशन कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि पांच साल में देश में मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग पर होने वाले हादसों में 50% की कमी आई है।
- रिपोर्ट में बताया गया कि मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग पर 2012-13 में 53 हादसे हुए। 123 लोगों की मौत हुई।

- वहीं, 2014-15 में ऐसे हादसों की संख्या 50 थी। 20-15-16 में मानवरहित क्रॉसिंग पर कुल 29 हादसे हुए।
- 2016-17 में हादसों की संख्या घटकर 20 हो गई और इनमें 40 लोगों की मौत हुई।

- 2018 में कुशीनगर में मानवरहित क्रॉसिंग पर हुआ ये पहला हादसा है, जिसमें 13 बच्चों की जान चली गई।