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राम मंदिर मुद्दा / अयोध्या पहुंचे उद्धव ने कहा- मैं पिछले चार साल से सो रहे कुंभकर्ण को जगाने आया हूं



उद्धव ने कहा- मंदिर के लिए कानून लाने के लिए सीने में मर्द का दिल होना चाहिए। उद्धव ने कहा- मंदिर के लिए कानून लाने के लिए सीने में मर्द का दिल होना चाहिए।
संतों को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे। संतों को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे।
पत्नी और बेटे के साथ अयोध्या पहुंचे उद्धव ठाकरे। पत्नी और बेटे के साथ अयोध्या पहुंचे उद्धव ठाकरे।
पत्नी के साथ उद्धव ठाकरे। पत्नी के साथ उद्धव ठाकरे।
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे शनिवार को अयोध्या पहुंचे। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे शनिवार को अयोध्या पहुंचे।
उद्धव अपने परिवार के साथ शनिवार दोपहर अयोध्या पहुंचे। उद्धव अपने परिवार के साथ शनिवार दोपहर अयोध्या पहुंचे।
उद्धव के कार्यक्रम में पहुंचे संत। उद्धव के कार्यक्रम में पहुंचे संत।
धर्म सभा के लिए इकट्ठे हुए संत। धर्म सभा के लिए इकट्ठे हुए संत।
दावा किया जा रहा है कि अयोध्या में 1 लाख से ज्यादा संत इकट्ठा हो रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि अयोध्या में 1 लाख से ज्यादा संत इकट्ठा हो रहे हैं।
उद्धव के कार्यक्रम में जाते शिवसेना के कार्यकर्ता। उद्धव के कार्यक्रम में जाते शिवसेना के कार्यकर्ता।
अयोध्या के रामवल्लभ कुंज मंदिर में भाजपा नेता विनय कटियार ने संतों से मुलाकात की। अयोध्या के रामवल्लभ कुंज मंदिर में भाजपा नेता विनय कटियार ने संतों से मुलाकात की।
अयोध्या में साधु-संतों और नेताओं को जमावड़ा लग रहा है लेकिन आम लोगों के बीच कोई हलचल नहीं। अयोध्या में साधु-संतों और नेताओं को जमावड़ा लग रहा है लेकिन आम लोगों के बीच कोई हलचल नहीं।
वीएचपी द्वारा प्रस्तावित राम मंदिर प्रतिकृति वीएचपी द्वारा प्रस्तावित राम मंदिर प्रतिकृति
शिवसेना के कई नेता शुक्रवार को ही अयोध्या पहुंच गए। शिवसेना के कई नेता शुक्रवार को ही अयोध्या पहुंच गए।
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उद्धव ने कहा- मंदिर के लिए कानून लाने के लिए सीने में मर्द का दिल होना चाहिए।उद्धव ने कहा- मंदिर के लिए कानून लाने के लिए सीने में मर्द का दिल होना चाहिए।
संतों को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे।संतों को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे।
पत्नी और बेटे के साथ अयोध्या पहुंचे उद्धव ठाकरे।पत्नी और बेटे के साथ अयोध्या पहुंचे उद्धव ठाकरे।
पत्नी के साथ उद्धव ठाकरे।पत्नी के साथ उद्धव ठाकरे।
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे शनिवार को अयोध्या पहुंचे।शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे शनिवार को अयोध्या पहुंचे।
उद्धव अपने परिवार के साथ शनिवार दोपहर अयोध्या पहुंचे।उद्धव अपने परिवार के साथ शनिवार दोपहर अयोध्या पहुंचे।
उद्धव के कार्यक्रम में पहुंचे संत।उद्धव के कार्यक्रम में पहुंचे संत।
धर्म सभा के लिए इकट्ठे हुए संत।धर्म सभा के लिए इकट्ठे हुए संत।
दावा किया जा रहा है कि अयोध्या में 1 लाख से ज्यादा संत इकट्ठा हो रहे हैं।दावा किया जा रहा है कि अयोध्या में 1 लाख से ज्यादा संत इकट्ठा हो रहे हैं।
उद्धव के कार्यक्रम में जाते शिवसेना के कार्यकर्ता।उद्धव के कार्यक्रम में जाते शिवसेना के कार्यकर्ता।
अयोध्या के रामवल्लभ कुंज मंदिर में भाजपा नेता विनय कटियार ने संतों से मुलाकात की।अयोध्या के रामवल्लभ कुंज मंदिर में भाजपा नेता विनय कटियार ने संतों से मुलाकात की।
अयोध्या में साधु-संतों और नेताओं को जमावड़ा लग रहा है लेकिन आम लोगों के बीच कोई हलचल नहीं।अयोध्या में साधु-संतों और नेताओं को जमावड़ा लग रहा है लेकिन आम लोगों के बीच कोई हलचल नहीं।
वीएचपी द्वारा प्रस्तावित राम मंदिर प्रतिकृतिवीएचपी द्वारा प्रस्तावित राम मंदिर प्रतिकृति
शिवसेना के कई नेता शुक्रवार को ही अयोध्या पहुंच गए।शिवसेना के कई नेता शुक्रवार को ही अयोध्या पहुंच गए।

  • शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा- हमें मंदिर बनाने की तारीख चाहिए, बाकी बातें बाद में होंगी
  • 26 साल बाद अयोध्या में फिर हिंदू संगठनों का जमावड़ा, कल विहिप के नेतृत्व में धर्म सभा
  • विहिप ने कहा- ये आखिरी धर्म सभा होगी, 33 साल से रामलला टेंट में; अब और इंतजार नहीं करेंगे
  • उत्तर प्रदेश सरकार ने धार्मिक उन्माद की आशंका को देखते हुए अलर्ट जारी किया

Dainik Bhaskar

Nov 24, 2018, 09:24 PM IST

अयोध्या. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे शनिवार को अयोध्या पहुंचे। उन्होंने कहा कि यहां चार साल से सो रहे कुम्भकरण को जगाने आया हूं। सब मिलकर मंदिर बनाएंगे तो जल्द पूरा हो जाएगा। यदि कोई मंदिर बना सकता है तो वह श्रेय भी ले सकता है। उद्धव ने कहा कि हमें मंदिर बनाने की तारीख चाहिए। बाकी बातें बाद में होती रहेंगी।

 

 

 

उद्धव ने कहा, 'हर हिन्दू की यही इच्छा है कि मंदिर जल्द से जल्द बने, यदि आप (मोदी) राम मंदिर पर अध्यादेश लाने जा रहे हैं, तो शिवसेना निश्चित रूप से समर्थन देगी।' इससे पहले उद्धव ने हनुमान गढ़ी के महंत संतोष वैदिक 108 ब्राह्मणों के साथ गौरी-गणेश की पूजा की। इस पूजा में उद्धव का परिवार भी शामिल हुआ। विहिप कैंप के संत और मंदिर न्यास अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास भी शिवसेना के कार्यक्रम में पहुंचे।

 

मंदिर जल्द बने यही सबकी अभिलाषा- नृत्य गोपाल

महंत नृत्य गोपाल ने उद्धव को आशीर्वाद दिया। कहा- ‘‘आप जल्दी राम मंदिर का निर्माण कराइए। मंदिर जल्द बने, यही सबकी अभिलाषा है।’’ उद्धव की पार्टी के कार्यकर्ता भी 2 स्पेशल ट्रेनों से अयोध्या पहुंचे थे। उद्धव ने लक्ष्मण किले में संतों से मुलाकात की। शाम को सरयू आरती में भी शामिल हुए। रविवार सुबह रामलला के दर्शन का कार्यक्रम है। 

 

धर्म सभा के बाद सीधे मंदिर बनेगा- विहिप

रविवार को यहां होने वाली धर्म सभा से पहले विश्व हिंदू परिषद ने कहा है कि यह हमारी अाखिरी बैठक होगी। इसके बाद और सभाएं या प्रदर्शन नहीं होंगे। न ही किसी को समझाया जाएगा। सीधे मंदिर निर्माण होगा। विहिप के संगठन सचिव भोलेंद्र ने कहा, ‘‘हमने पहले 1950 से 1985 तक 35 साल अदालती फैसले का इंतजार किया। इसके बाद 1985 से 2010 तक का समय हाईकोर्ट को फैसला देने में लग गया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने त्वरित सुनवाई की अर्जी दो मिनट में ठुकरा दी। दुर्भाग्य है कि 33 साल से रामलला टेंट में हैं। अब और इंतजार नहीं होगा।’’

 

 

अपडेट्स

 

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को पुलिस अफसरों की मीटिंग बुलाई थी। सूत्रों के मुताबिक, योगी ने पुलिस को कड़ाई करने और धार्मिक उन्माद फैलने से रोकने के लिए कड़े कदम उठाने के निर्देश मीटिंग दिए। इसके बाद एडीजी जोन आगरा ने सभी एसपी-एसएसपी को धार्मिक उन्माद होने की आशंका होने के लिए अलर्ट रहने के निर्देश दिए।
  • भाजपा सांसद उमा भारती ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण राष्ट्रीय सहमति से बने, इसके लिए सभी राजनीतिक दलों को माहौल बनाना होगा। रामजन्म भूमि पर मंदिर का ही निर्माण हो सकता है और कुछ यहां पर नही बन सकता है। राममंदिर का निर्माण अदालत या बातचीत के जरिए होना चाहिए।
  • संघ प्रमुख मोहन भागवत ने हरिद्वार में एक कार्यक्रम के दौरान कहा, "यह प्रश्न नहीं पूछा जाना चाहिए कि अयोध्या में क्या बनना चाहिए..संघ अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए पहले से ही प्रतिबद्ध है। सरकार को राम मंदिर के जल्द से जल्द निर्माण के लिए अध्यादेश लाना चाहिए।"
  • बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा- भाजपा ने 2014 में किए वादों में से आधे भी पूरे नहीं किए। उसे पता है कि वह 2019 में सत्ता में वापस नहीं आएगी। अपनी नाकामी से ध्यान भटकाने के लिए वह (भाजपा) राम मंदिर मुद्दा उठा रही है। उससे जुड़े संगठन शिवसेना और विहिप इसे हवा दे रहे हैं।
  • योगी सरकार में मंत्री ओपी राजभर ने कहा- जब अयोध्या में धारा 144 लागू है, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं। जिस तरह की भीड़ यहां जमा हो रही है, उसके लिए योगी ही जिम्मेदार होंगे। मैं अखिलेश यादव के बयान का समर्थन करता हूं। प्रशासन वहां लोगों को इकट्ठा होने दे रहा है। इसलिए सेना बुलाई जानी चाहिए। 
  • पूर्व केन्द्रीय मंत्री और भाजपा नेता कलराज मिश्र ने कहा है मंदिर निर्माण के लिए आम सहमति न बनने और सुप्रीम कोर्ट के फैसले में देरी हाेने पर सरकार संसद में अध्यादेश ला सकती है। धर्म सभा से पार्टी का कोई लेना देना नहीं।
  • योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा-राम मंदिर के लिए सरकार कानून लाए, नहीं तो लोग खुद ही मंदिर बनाना शुरू कर देंगे। अगर लोग ऐसा करेंगे, तो धार्मिक सद्भाव बिगड़ेगा। मुझे लगता है कि देश में राम मंदिर का विरोध करने वाला कोई नहीं है। सभी हिंदू, मुस्लिम और ईसाई उनके वंशज हैं।

 

राम मंदिर के लिए धर्म सभा को पहली बार संघ का खुला समर्थन 
रविवार को अयोध्या में धर्म सभा बुलाई गई है। विश्व हिंदू परिषद और कई हिंदू संगठन इसका हिस्सा हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने पहली बार इसे ना केवल खुला समर्थन दिया है, बल्कि प्रबंधन का जिम्मा भी संभाला है। राम मंदिर को लेकर 1992 के बाद एक बार फिर अयोध्या में हिंदू संगठनों का जमावड़ा हुआ है। सियासत गर्म है, लेकिन अयोध्या शांत नजर आती है। राम मंदिर विवाद से जुड़े लोग कहते हैं- हमें डर नहीं है। 1992 जैसा कुछ दिखाई नहीं देता। 


इस तरह गरमाई राम मंदिर पर सियासत

 

संजय राउत, शिवसेना सांसद 17 मिनट में बाबरी तोड़ दी थी। कानून बनाने में कितना वक्त लगेगा
रविंद्र कुशवाहा, भाजपा सांसद अगले संसद सत्र में सरकार राम मंदिर निर्माण के लिए बिल लेकर आएगी।
सुरेंद्र सिंह, भाजपा विधायक

धर्म सभा के दौरान अगर जरूरत पड़ी तो अयोध्या में 1992 दोहरा दिया जाएगा।

शरद शर्मा, विहिप प्रवक्ता मुस्लिमों को डरने की जरूरत नहीं। रामभक्त बस जल्द मंदिर निर्माण के लिए समर्थन जुटाने आ रहे हैं।
अखिलेश यादव, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अयोध्या के माहौल को देखते हुए वहां सेना भेजी जाए।

 

क्या हैं हिंदू संगठनों की तैयारियां?

संघ और विहिप: रविवार को धर्म सभा की तैयारियां पूरी हो गई हैं। भक्तमाल बगिया में होने कार्यक्रम का प्रबंधन इस बार संघ देख रहा है, विहिप सहयोग कर रही है। 100 बीघे के इस आयोजन स्थल पर देशभर से करीब 2 लाख लोगों के आने का अनुमान है। इनमें साधु, संत, विहिप-भाजपा-संघ के कार्यकर्ता होंगे। हालांकि, सभा के मंच पर साधु-संत बैठेंगे, कोई राजनेता नहीं।

 

प्रशासन ने क्या इंतजाम किए?

  • अयोध्या और आस-पास के जिलों की पुलिस बुलाई गई है। 70 हजार जवानों की तैनाती की गई है।
  • पीएसी की 48 कंपनियां, आरएएफ की 5 कंपनियां भी अयोध्या में रहेंगी। एटीएस कमांडो भी तैनात किए गए हैं। 
  • पूरी अयोध्या पर ड्रोन कैमरों से नजर रखी जाएगी। 
  • खुफिया विभाग के अफसर और उनकी टीमें पहले से ही एक्शन में आ चुकी हैं। 

 

शिवसेना, विहिप, संघ और हिंदू संगठनों का जमावड़ा क्यों?

वरिष्ठ पत्रकार रतन मणि लाल और संजय भटनागर कहते हैं- शिवसेना के लिए राम मंदिर मुद्दा टेस्ट है। वह महाराष्ट्र से बाहर भी निकलना चाहती है। मंदिर मुद्दे पर शिवसेना ने बढ़त हासिल कर ली तो 2019 के चुनावों में भाजपा के सामने शर्तें रखने की स्थिति में होगी। बाल ठाकरे के निधन के बाद अब तक भाजपा ने शिवसेना के मुद्दे उठाए भी और बढ़त भी हासिल की। 

 

दोनों ने कहा- जहां तक बात धर्म सभा की है, तो ये भाजपा के लिए परीक्षा की तरह है। भाजपा यह देखना चाह रही है कि मंदिर मुद्दे में कितना दम है। 2019 चुनाव में ये कितना असर डालेगा और 5 राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव के नतीजे भी यह बता देंगे कि मंदिर मुद्दा और धर्म सभा का क्या असर रहा।

 

शिवसेना ने कहा- विहिप से टकराव नहीं

शिवसेना सांसद संजय राउत ने उद्धव के दौरे से एक दिन पहले कहा- शिवसैनिक अयोध्या आ रहे हैं, लेकिन भक्तों के तौर पर। उद्धव भी आ रहे हैं। हमारा विहिप और संघ से कोई टकराव नहीं है। बस, हमें धर्म सभा की जानकारी पहले से नहीं थी। हमारे मकसद में अंतर नहीं है, बस कार्यक्रम की तारीखें अलग हैं। विहिप के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंपत राय ने कहा- हम संजय राउत के बयान से सहमत हैं। शिवसेना से टकराव जैसी कोई चीज नहीं है।

 

अयोध्यावासियों का क्या कहना है?

 

  • तुलसी वाटिका के सामने भगवानों के पोस्टरों की दुकान लगाने वाले शाह आलम ने कहा- हमारी तो कमाई ही राम से है। हमें रामभक्तों से कोई डर नहीं। उन्हीं के साथी जुबेर का कहना है कि यहां के लोगों से कोई डर नहीं। बाहरी लोगों से डर लगता है, जो राम के दर्शन नहीं.. राजनीति करने आते हैं। 
  • बाबरी मस्जिद के पक्षकार हाजी महबूब ने कहा कि 1992 में हम अयोध्या में थे। अभी उस तरह का माहौल नहीं है। डर जैसी कोई बात नहीं है। अयोध्या में मुस्लिम उतने ही सुरक्षित हैं, जितना कि हिंदू। राम जन्मभूमि-बाबरी विवाद में मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने अपनी सुरक्षा बढ़ाए जाने पर कहा- दूसरे मुस्लिमों को भी सुरक्षा दी जानी चाहिए। 
  • राम मंदिर पर सियासत गरमाने के बीच शुक्रवार को कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर करीब 6 लाख श्रद्धालुओं ने अयोध्या में स्नान किया। अयोध्या की मस्जिदों में नमाज भी पढ़ी गई। अयोध्या वैसी ही थी, जैसी आम दिनों में रहती है। स्नान के बाद लोगों ने हनुमानगढ़ी में दर्शन किए और फिर राम लला के दर्शनों को गए। भीड़ की वजह से जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है, लेकिन लोगों से पूछने पर उन्होंने कहा- डर जैसी कोई बात नहीं है।
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