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75 साल के बुजुर्ग ने एक लकड़ी के साथ लिए सात फेरे, धूमधाम से हुई शादी और सभी ने किया डांस

Dainik Bhaskar

Jun 29, 2018, 04:24 PM IST

इलाहाबाद से 160 किमी दूर कोशाम्बी तहसील का मामला।

शादी की रस्में निभाता हुआ बुजुर्ग और बगल में पीली साड़ी में रखी हुई लकड़ी। शादी की रस्में निभाता हुआ बुजुर्ग और बगल में पीली साड़ी में रखी हुई लकड़ी।

इलाहाबाद. शहर से 160 किमी दूर कोशाम्बी जिले में 75 साल के एक बुजुर्ग ने एक कपास की लकड़ी से शादी की। शादी में उस लकड़ी को साड़ी पहनाई गई और उसे परंपरानुसार मंडप में दूल्हे के बगल में रखा गया था। इस शादी की चर्चा आसपास के कई इलाकों में हुई। इसमें कई मेहमान भी शामिल हुए। ये है पूरा मामला...

- 75 साल के बुजुर्ग का नाम दुर्गा प्रसाद है। गांव के लोग हमेशा कहते थे कि बिना शादी के (कुंवारा) मरने से मोक्ष नहीं मिलता। इस बात को लेकर वे काफी समय से सोच रहे थे।
- गांव के ही अपने दोस्त की सलाह से उन्होंने एक तरकीब लगाई और सांकेतिक शादी का प्लान बनाया। जिसके बाद हिंदू रीति-रिवाज के सभी रस्मों को निभाते हुए शादी की।
- इस शादी में एक कपास की लकड़ी को दुल्हन का रूप दिया गया और उसे सजाया गया। पूरे रीति-रिवाज से दुर्गा प्रसाद ने लकड़ी के साथ सात फेरे लिए। इस दौरान लोगों ने जमकर डांस भी किया।

बुजुर्ग के बगल में रखी हुई लकड़ी। बुजुर्ग के बगल में रखी हुई लकड़ी।
फेरे के दौरान बुजुर्ग के साथ लकड़ी। फेरे के दौरान बुजुर्ग के साथ लकड़ी।
बुजुर्ग की बारात। बुजुर्ग की बारात।
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शादी की रस्में निभाता हुआ बुजुर्ग और बगल में पीली साड़ी में रखी हुई लकड़ी।शादी की रस्में निभाता हुआ बुजुर्ग और बगल में पीली साड़ी में रखी हुई लकड़ी।
बुजुर्ग के बगल में रखी हुई लकड़ी।बुजुर्ग के बगल में रखी हुई लकड़ी।
फेरे के दौरान बुजुर्ग के साथ लकड़ी।फेरे के दौरान बुजुर्ग के साथ लकड़ी।
बुजुर्ग की बारात।बुजुर्ग की बारात।
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