--Advertisement--

सौतेली मां के टॉर्चर से छोड़ा घर, 300km दूर बिना कपड़ों के घूमती मिली लड़की

बुधवार को लखनऊ के हजरतगंज इलाके में एक लड़की बिना कपड़ों के सड़क पर घूम रही थी।

Danik Bhaskar | Jan 25, 2018, 03:33 PM IST
लड़की को NGO के लोगों ने मदर टेरेसा शेल्टर होम में भर्ती कराया। लड़की को NGO के लोगों ने मदर टेरेसा शेल्टर होम में भर्ती कराया।

लखनऊ. राजधानी के हजरतगंज इलाके में बुधवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक लड़की नग्न अवस्था में सड़क पर दिखाई पड़ी। बताया जा रहा है कि एक रिक्शा चालक लड़की को गलत नियत से कहीं लेकर जा रहा था। तभी पुलिस को आता देख रिक्शा चालक लड़की को छोड़ भाग निकला। वहीं, मौके पर पहुंची समाज सेविका आराधना सिंह ने लड़की को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। नग्न अवस्था में भटक रही थी लड़की...

Dainikbhaskar.com से खास बातचीत में उम्मीद NGO की ज्वाइंट सेक्रेटरी आराधना सिंह ने बताया कि "मेरे मोबाइल पर एक जर्नलिस्ट का फोन आया। उसने बताया कि एक लड़की हजरतगंज में इलाहाबाद बैंक चौराहे के पास नग्न अवस्था में भटक रही है।"

'नहीं पहने थे कपड़े'

- "मुझे जर्नलिस्ट ने बताया कि लड़की ने कोई कपड़ा नहीं पहना है। ठंड में शरीर ढंकने के लिए किसी ने उसे एक कम्बल दिया है, जिसे उसने अपने ऊपर ओढ़ रखा है।"

- "जर्नलिस्ट ने ये भी बताया कि लड़की को एक रिक्शा चालक शायद रेप के मकसद से अपने साथ ले जा रहा था। तभी उस पर पुलिसवालों की नजर पड़ गई। जब पुलिसवालों ने रिक्शा चालक को बुलाया तो वो लड़की को सड़क पर छोड़ कर भाग गया।"

- सूचना मिलने के कुछ देर बाद ही अराधना अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंची और उस लड़की को सड़क से ले जाकर मदर टेरेसा शेल्टर होम में भर्ती कराया।

आगे की स्लाइड्स में जानें कौन है ये लड़की और कैसे पहुंची यहां...

'रोज पीटती थी सौतेली मां'

 

- आराधना ने कहा कि "लड़की ने पूछताछ में अपना नाम सोफिया बताया, जो 20 साल की है और वाराणसी की रहने वाली है।

 

- "लड़की ने बताया कि उसके पापा ने दूसरी शादी कर रखी है और सौतेली मां उसकी रोज पिटाई करती थी। इसलिए वो तंग आकर अपने घर से भागकर 300 किमी दूर लखनऊ आ गई।"

 

- "सोफिया ने बताया कि वह चारबाग से भटकते हुए हजरतगंज पहुंच गई थी। उसे लावारिस हालत में भटकते देख पुलिसवालों ने नगर निगम के रैन बसेरे में उसे रहने के लिए भेज दिया था। कुछ दिनों तक वहां रहने के बाद उसे तंग किया जाने लगा।"

मजबूरी में छोड़ना पड़ा रैन बसेरा

 

- "इसके बाद मजबूरन उसे ये रैन बसेरा छोड़ना पड़ा। तब से वह सड़कों पर ही घूम रही है। उसके पास रहने के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं है।"

 

- आराधना बताती हैं कि "हमारे साथ पावर विंग NGO की प्रेसिडेंट सुमन रावत और कुछ अन्य समाजसेवी भी वहां पहुंचे थे। हमने 181 हेल्प लाइन नंबर पर फोन किया, लेकिन मदद के लिए कोई नहीं आया।"

'हेल्प लाइन से नहीं आई मदद'

 

- "हम लोगों ने एक घंटे तक 181 हेल्प लाइन से मदद का इंतजार किया, लेकिन कोई नहीं आया। हमने लड़की को कपड़े पहनाएं और फिर उसे खाने को भी दिया।"

 

- "फिर हम लोगों ने तय किया कि हम लोग ही उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएंगे। इसके बाद हम लोग उसे एक प्राइवेट गाड़ी से मदर टरेसा शेल्टर होम लेकर गए।"

'लड़की की मानसिक हालत ठीक नहीं'

 

- आराधना बताती हैं, "मदर टरेसा होम पहुंचने पर आधे घंटे तक लिखा-पढ़ी हुई। इसके बाद उसे भर्ती करा दिया गया। लड़की अब सुरक्षित है। उसकी देखभाल वहीं पर की जा रही है।"

 

- आराधना ने बताया कि "सोफिया की मानसिक हालत थोड़ी ठीक नहीं लग रही है। उसे काउंसिलिंग की जरूरत है। मदर टरेसा होम में उसकी केयर की जा रही है। अगर वो ठीक होने के बाद अपने घर जाना चाहेगी तो उसे उसके परिजनों से मिलाने की भी कोशिश की जाएगी।"