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कहीं टॉर्च की रोशनी में आई सर्जरी, कहीं मरीज पर गिरा पंखा: ऐसे है 5 बड़े मामले

DainikBhaskar.com आपको 5 ऐसे केस बता रहा है कि जिसमें बड़ी लापरवाही हुई है।

Dainik Bhaskar

Dec 27, 2017, 01:50 PM IST
21 अप्रैल 2016 को मऊ में टॉर्च की रोशनी में डॉक्टरों ने आंख का ऑपरेशन किया 21 अप्रैल 2016 को मऊ में टॉर्च की रोशनी में डॉक्टरों ने आंख का ऑपरेशन किया

लखनऊ. उन्नाव में टॉर्च की रोशनी में मरीजों की आंखों के ऑपरेशन किए जाने के मामले का संज्ञान लेते हुए सीएमओ को हटा दिया गया है, जबकि नवाबगंज के सीएचसी प्रभारी को सस्पेंड कर दिया गया है। ये अपनी तरह का कोई पहला मामला नहीं है।इसके पहले भी पेशेंट की आंखों के साथ खिलवाड़ करने के मामले सामने आ चुके है। जिसमें कई मरीजों के आंखों की रोशनी जा चुकी है। DainikBhaskar.com आपको बताने जा रहा है कि मरीजों की आंखों के ऑपरेशन से जुड़े 5 बड़े मामले जिनमें ऑपरेशन के नाम पर मरीजों की जान खिलवाड़ हो चुका है। जानिए...5 बड़े मामले

#डेंटल हाईजिनिस्ट ने किया था आंख का ऑपरेशन
-15 जून 2015 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुआं डांडा में गंभीर रूप से घायल एक युवक का न सिर्फ टॉर्च की रोशनी में ऑपरेशन किया गया, बल्कि ऑपरेशन भी किसी ट्रेंड डॉक्टर से नहीं बल्कि हॉस्पिटल में तैनात डेंटल हाईजिनिस्ट ने ओम प्रकाश ने किया था।
-लापरवाही की हद तब हुई,जब यह ऑपरेशन मोबाइल फोन के टॉर्च की रोशनी में किया गया। मामले के सामने आने के बाद से स्वास्थ्य विभाग की तरफ से डेंटल हाईजिनिस्ट को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था।

#टॉर्च की रोशनी में ऑपरेशन
-21 अप्रैल 2016 को मऊ के फतहपुर मंडाव प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र(सीएचसी) के डाक्टरों ने बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था न होने पर रात के अंधेरे में मरीजों की आंखों का आपरेशन टॉर्च की रोशनी में किया था।
-उसके बाद मरीज की हालत बिगड़ गई थी। इससे नाराज तीमारदारों ने सीएचसी पर हंगामा किया था। इस मामले में किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।


#कमीशन के चक्कर में गई सात मरीजों की आंखों की रोशनी

-7 सितम्बर 2016 को केजीएमयू के नेत्र रोग विभाग में मोतियाबिन्द के ऑपरेशन के बाद एक साथ 7 मरीजों की आंखों की रोशनी चली गई थी। इसके बाद तीमारदारों ने डॉक्टरों पर आपरेशन में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था।
तीमारदारों का कहना था, "कमीशन के लिए डॉक्टरों ने संक्रमित ओटी में मरीजों का ऑपरेशन कर दिया और बाद में कमीशन के लिए घटिया किस्म के लेंस लगा दिया।
-इस वजह से मरीजों की आंखों की रोशनी चली गई थी। विवाद बढ़ने के बाद तब वीसी रहे प्रो. रविकांत ने जांच के आदेश दिए थे, बाद में डाक्टरों को क्लीन चिट दे दी गई थी। डाक्टरों को क्लीन चिट देने पर वीसी पर सवाल भी उठे थे।


#यहां पर टॉर्च की रोशनी में ऑपरेशन

-1 जून 2017 को हाथरस के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र(सीएचसी) में 60 परसेंट जली हुई महिला का ऑपरेशन डाक्टरों ने टॉर्च की रोशनी में कर दिया था। इसके बाद से महिला की हालत बिगड़ गई थी। मामला सामने आने के बाद मरीज की आंखों का आपरेशन करने वाले सीएचसी प्रभारी को हटा दिया गया था। आपरेशन करने वाले डाक्टरों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया था।

#ऑपरेशन के वक्त मरीज के ऊपर गिरा था पंखा

- 18 नवम्बर 2008 को यूपी के सीतापुर जिले में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने वाले 9 मरीजों की आंखों की रोशनी चली गई। इसके बाद मरीज के तीमारदारों ने जमकर हंगामा किया था। उसके बाद इस मामले में उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए थे, बाद में डाक्टरों को क्लीनचिट दे गई थी।

स्वास्थ्य विभाग का पक्ष

- यूपी के डीजी हेल्थ पदमाकर सिंह के मुताबिक, "सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था कराई जा रही है। यदि कोई भी डाक्टर टॉर्च की रोशनी में ऑपरेशन करते पाया गया,उसे हरगिज बख्शा नहीं जाएगा। उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।"

7 सितम्बर 2016 को KGMU में ऑपरेशन के दौरान 7 मरीजों के आंखों की रोशनी चली गई थी। 7 सितम्बर 2016 को KGMU में ऑपरेशन के दौरान 7 मरीजों के आंखों की रोशनी चली गई थी।
इन सभी मामलों में सिर्फ नोटिस जारी हुआ। KGMU वाले मामले में क्लीन चिट भी डॉक्टरों को दी गई है। इन सभी मामलों में सिर्फ नोटिस जारी हुआ। KGMU वाले मामले में क्लीन चिट भी डॉक्टरों को दी गई है।
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21 अप्रैल 2016 को मऊ में टॉर्च की रोशनी में डॉक्टरों ने आंख का ऑपरेशन किया21 अप्रैल 2016 को मऊ में टॉर्च की रोशनी में डॉक्टरों ने आंख का ऑपरेशन किया
7 सितम्बर 2016 को KGMU में ऑपरेशन के दौरान 7 मरीजों के आंखों की रोशनी चली गई थी।7 सितम्बर 2016 को KGMU में ऑपरेशन के दौरान 7 मरीजों के आंखों की रोशनी चली गई थी।
इन सभी मामलों में सिर्फ नोटिस जारी हुआ। KGMU वाले मामले में क्लीन चिट भी डॉक्टरों को दी गई है।इन सभी मामलों में सिर्फ नोटिस जारी हुआ। KGMU वाले मामले में क्लीन चिट भी डॉक्टरों को दी गई है।
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