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69वां गणतंत्र: मुलायम सिंह यादव ने सपा ऑफिस में फहराया तिरंगा

यूपी के पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव ने सपा मुख्यालय में झंडा फहराया।

Danik Bhaskar | Jan 26, 2018, 12:37 PM IST

लखनऊ. भारत आज अपना 69वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। लोकतंत्र का ये पर्व कई मायनों में इस बार खास है। नई दिल्ली में 44 साल बाद गणतंत्र दिवस की परेड में एक से ज्यादा विदेशी मेहमानों को बुलाया गया है। वहीं, यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश सिंह यादव ने सपा मुख्यालय में झंडा फहराया। इस दौरान सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोग जहर भरने का काम कर रहे हैं। जिससे लोकतंत्र भी खतरे में है। वे लोग मुद्दे पर से ध्यान हटा रहे हैं। ये समाज और देश के लिए खतरा है।


समाजवाद को करना होगा मजबूत

- अखिलेश यादव ने कहा कि सत्ता में बैठे लोग रंग और जाति के नाम पर राजनीति कर रहे है। साथ ही, इसिहास भी बदलने का काम कर रहे हैं। आज के दिन हमे संकल्प लेना चाहिये की सभी आगे बढ़े। हमें लोहिया और नेता जी के रास्ते पर आगे बढ़ते हुए समाजवाद को मजबूत करना होगा।

- हिंदुस्तान में समाजवादी पार्टी जैसी नीतियां दुनिया में कहीं नहीं हैं। जब भी हमारा कार्यक्रम होता है अपनी बातों को हम कहीं न कहीं बोल देते हैं। अपनी पार्टी को नीतियों के आधार पर मजबूत करना चाहिए और हमेशा बेदाग़ रहना चाहिए। पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का आज आपका संकल्प दिवस है। आज आप संकल्प लीजिए बेदाग़ रहेंगे, कहीं कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए।
- आलस और पैसे की लालच आपके बढ़ते हुए व्यक्तित्व को खत्म कर देता है। जिसमें भी ये अवगुण नहीं होगा वो प्रदेश का ही नहीं बल्कि देश का अच्छा नेता बनेगा।


गांधी जी ने किया था प्रयास
- वहीं, मुलायम सिंह यादव ने कहा कि गांधी जी ने बड़ा प्रयास किया कि अंग्रेज यहां से चले जाएं और हमारा देश आजाद हो जाए। गांधी जी को उम्मीद थी हमारे देश में आजादी के बाद अच्छी नीतियां चलेंगी।
- गांधी जी ने एक बार लोहिया जी से कहा था कि सोते हुए को जगाना नहीं चाहिए। जब नाथूराम गोडसे ने प्रार्थना सभा में गांधी जी को गोली मार दी थी। तब लोहिया जी पश्चाताप करते रहे कि अगर सोए न होते तो गांधी जी कुछ अच्छा बताते।

संविधान लागू करते समय कही गई थी ये बात

- संविधान लागू होने के समय देश में जाति, अमीरी गरीबी पर कोई भेदभाव नहीं रखा गया था। हमारा भारत देश सबसे बड़ा मानवतावादी देश है। आज भी लोग हिंदुस्तान में अपनी नीतियों और सिद्धांतों को लेकर लड़ रहे हैं।